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शव तक कुत्ता पहुंचने के मामले में दो कर्मचारी निलंबित
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संभल। सड़क हादसे में मौत का शिकार हुई किशोरी के शव तक जिला अस्पताल में कुत्ता पहुंच जाने के मामले में दो स्वास्थ्य कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। डाक्टर और फार्मासिस्ट से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
अमर उजाला में यह मामला प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद डीएम अविनाश कृष्ण सिंह ने गुरुवार सुबह से ही इस मामले में अफसरों से पूछताछ शुरू कर दी। एडीएम, सीएमओ, सीएमएस को जांच के आदेश दिए। सीएमओ डा. अमिता सिंह गुरुवार को दोपहर बाद जिला अस्पताल पहुंची उन्होंने घटना के वक्त ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों और डाक्टरों के नाम जाने। सीएमएस डा. सुशील कुमार से बातचीत की। लिखित आख्या भी ली।
सीएमएस ने बताया कि घटना के वक्त सफाईकर्मी प्रदीप सिरसवाल और वार्ड ब्वाय विपिन भटनागर की ड्यूटी थी। पहली नजर में उनकी लापरवाही रही है। इसके बाद दोनों के निलंबन का निर्णय लिया गया। जांच में स्पष्ट हुआ कि इमरजेंसी ड्यूटी पर चिकित्साधिकारी डा. जगवीर सिंह और फार्मासिस्ट जामिन अली की ड्यूटी थी। दोनों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिला अस्पताल के चिकित्सकों की एक जांच कमेटी बना दी गई है जो पूरे मामले में तह तक जाएगी।
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डीएम ने बताया कि उन्होंने पहले आदेश में सीएमओ और सीएमएस को जांच कर आख्या देने के लिए कहा है। दूसरे आदेश में अपर जिलाधिकारी को जांच अधिकारी बनाया गया है। अपर जिलाधिकारी दो दिन में अपनी रिपोर्ट देंगे। जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ डा. अमिता सिंह ने बताया कि सीएमएस की संस्तुति पर दोनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।
अब जागे अधिकारी, जिला अस्पताल में शव रखने के लिए बनेगा सुरक्षित स्थान
संभल। जिला अस्पताल में जब किशोरी के शव तक कुत्ता पहुंच गया तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी चेत गए। सीएमओ ने सीएमएस को शव रखने के लिए एक कमरा आरक्षित करने का सुझाव दिया। वहीं सीएमएस ने इमरजेंसी के करीब ही सीढ़ियों के एक कमरे जितना स्थान कवर्ड कराने का निर्णय लिया है ताकि किसी शव के करीब तक कोई जानवर न पहुंचने पाए।
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अमर उजाला में यह मामला प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद डीएम अविनाश कृष्ण सिंह ने गुरुवार सुबह से ही इस मामले में अफसरों से पूछताछ शुरू कर दी। एडीएम, सीएमओ, सीएमएस को जांच के आदेश दिए। सीएमओ डा. अमिता सिंह गुरुवार को दोपहर बाद जिला अस्पताल पहुंची उन्होंने घटना के वक्त ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों और डाक्टरों के नाम जाने। सीएमएस डा. सुशील कुमार से बातचीत की। लिखित आख्या भी ली।
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सीएमएस ने बताया कि घटना के वक्त सफाईकर्मी प्रदीप सिरसवाल और वार्ड ब्वाय विपिन भटनागर की ड्यूटी थी। पहली नजर में उनकी लापरवाही रही है। इसके बाद दोनों के निलंबन का निर्णय लिया गया। जांच में स्पष्ट हुआ कि इमरजेंसी ड्यूटी पर चिकित्साधिकारी डा. जगवीर सिंह और फार्मासिस्ट जामिन अली की ड्यूटी थी। दोनों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिला अस्पताल के चिकित्सकों की एक जांच कमेटी बना दी गई है जो पूरे मामले में तह तक जाएगी।
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डीएम ने बताया कि उन्होंने पहले आदेश में सीएमओ और सीएमएस को जांच कर आख्या देने के लिए कहा है। दूसरे आदेश में अपर जिलाधिकारी को जांच अधिकारी बनाया गया है। अपर जिलाधिकारी दो दिन में अपनी रिपोर्ट देंगे। जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ डा. अमिता सिंह ने बताया कि सीएमएस की संस्तुति पर दोनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।
अब जागे अधिकारी, जिला अस्पताल में शव रखने के लिए बनेगा सुरक्षित स्थान
संभल। जिला अस्पताल में जब किशोरी के शव तक कुत्ता पहुंच गया तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी चेत गए। सीएमओ ने सीएमएस को शव रखने के लिए एक कमरा आरक्षित करने का सुझाव दिया। वहीं सीएमएस ने इमरजेंसी के करीब ही सीढ़ियों के एक कमरे जितना स्थान कवर्ड कराने का निर्णय लिया है ताकि किसी शव के करीब तक कोई जानवर न पहुंचने पाए।