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Sambhal News: मृतकों का बीमा कर क्लेम हड़पने में दो गिरफ्तार
Sun, 19 Jan 2025 02:18 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Sun, 19 Jan 2025 02:18 AM IST
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संभल।
रजपुरा पुलिस ने फर्जी बीमा कर क्लेम हड़पने वाले गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार किए है। आरोपियों के कब्जे से 11.45 लाख रुपये और अलग-अलग बैंक के क्रेडिट व डेबिट बरामद हुए हैं। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने शनिवार को बहजोई स्थित कार्यालय में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी बड़ा गिरोह चलाते हैं, जो उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में फैला है।
गिरोह के सदस्य ऐसे लोगों का जीवन बीमा कराते हैं, जो मर चुके हैं या मरने की हालत में हैं या फिर गंभीर बीमारी से पीडि़त है। आरोपी फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार कर बीमा करने वाले व्यक्ति को पूरी तरह स्वस्थ दर्शाते थे।
एसपी ने बताया कि शुक्रवार रात रजपुरा पुलिस चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने एक स्कॉर्पियो कार को रोका, तलाशी में कार से 11.45 लाख रुपये बरामद हुई। पूछताछ में कार सवारों में शामिल एक युवक ने अपनी पहचान वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र के फुलवरिया निवासी ओंकारेश्वर मिश्र और दूसरे ने अपनी पहचान गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बबराला निवासी अमित के रूप में कराई। अमित अब अमरोहा के गजरौला के अलीपुर चौपला में रहता है।
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नकदी को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं देने पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया और थाने लाकर पूछताछ की। आरोपियों ने बताया कि वह फर्जी जीवन बीमा कराने का गिरोह चलाते हैं। वह ऐसे लोगों का बीमा कराते हैं, जो मरने वाले होते हैं या मर चुके होते हैं।
बीमा को कराने के लिए उन परिवारों को भी शामिल कर लेते हैं, जिनके परिवार के सदस्य का जीवन बीमा किया जाना है। इससे कार्रवाई का भी डर नहीं रहता है। सत्यापन से लेकर मृत्यु प्रमाणपत्र व अन्य जरूरी कार्रवाई में भी लोगों को सांठगांठ कर शामिल कर लेते हैं।
एसपी ने बताया कि आरोपियों ने बताया है कि उनका गिरोह उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सक्रिय है। वह अलग-अलग बैंकों की बीमा कराते है। एसपी ने बताया कि गिरोह में शामिल सभी सदस्य व अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। आरोपियों ने संभल के सचिन शर्मा समेत 12 नाम बताए हैं। सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एक निजी कंपनी में साथ काम करते हैं दोनों
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह एक जीवन बीमा सत्यापन करने वाली कंपनी में काम करते हैं। कुछ पॉलिसी में फर्जीवाड़ा इसी कंपनी के माध्यम से भी किया जाता है और बाकी अन्य तरीके से कर देते हैं। मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए ग्रामीण इलाके में ग्राम पंचायत सचिव की मदद लेते हैं। इसी तरह अन्य कागजी कार्रवाई में भी रुपये देकर दूसरे लोग शामिल कर लेते हैं।
खुद ही करते हैं सत्यापन की कवायद
जीवन बीमा से पहले सत्यापन किया जाता है। आरोपी जिस निजी कंपनी में काम करते हैं कुछ सत्यापन उस कंपनी से ही कर देते हैं। बाकी दूसरी कंपनी के सत्यापन को होने नहीं देते हैं। पॉलिसी जिस व्यक्ति के नाम से की जाती है उसका पता गलत दर्ज कराते हैं। जिससे मौके पर कोई पहुंच नहीं पाए। बाद में मामला बिगड़ता है तो सांठगांठ कर लेते हैं।
हवाला की रकम होने का अंदेशा, जांच कर रही पुलिस
फर्जी बीमा कराकर रकम हड़पने वाले गिरोह के सरगना से बरामद 11.45 लाख रुपये की नकदी हवाला की होने का शक है। पुलिस मामले में भी जांच कर रही है। एसपी का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ की गई है, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए हैं। ऐसे में अंदेशा है कि यह गिरोह हवाला के लिए भी काम कर रहा है। हालांकि इसकी जांच अभी कराई जा रही है।
परिवार के सदस्य को बनाते थे नॉमिनी
संभल। जीवन बीमा की रकम हड़पने के लिए पूरी प्लानिंग की जाती है। जीवन बीमार धारक के परिवार का सदस्य ही नॉमिनी बनाया जाता है, लेकिन उसके खाते में अपना नंबर दर्ज करा देते हैं। इसी तरह डेबिट कार्ड भी अपने पास रखते हैं। जिससे धनराशि आने पर सबसे पहले जानकारी आरोपियों को हो सके। जब धनराशि निकालते हैं तो कुछ रकम नॉमिनी को भी दी जाती है। इससे वह भी इस अपराध में शामिल हो जाता है। इसी तरह सभी मामलों में किया जाता है। संवाद
धनराशि परिवार के खातों में करते हैं ट्रांसफर
आरोपियों के पास से 19 डेबिट और क्रेडिट कार्ड मिले हैं। इसमें कुछ कार्ड आरोपियों के हैं और कुछ कार्ड नॉमिनी व परिवार के सदस्यों के हैं। आरोपियों ने पुलिस को पूछताछ में बताया है कि परिवार के सदस्यों के खाते में भी धनराशि भेजते हैं। पुलिस सभी कार्ड की जानकारी जुटाएगी। उसके बाद धनराशि का भी आकलन किया जाएगा।
- फर्जी तरीके से कराए गए जीवन बीमा की रकम हड़पने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना गिरफ्तार किए गए हैं। इस गिरोह के सभी सदस्य गिरफ्तार किए जाएंगे। मामले में छानबीन आगे बढ़ रही है। आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। - कृृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी
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रजपुरा पुलिस ने फर्जी बीमा कर क्लेम हड़पने वाले गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार किए है। आरोपियों के कब्जे से 11.45 लाख रुपये और अलग-अलग बैंक के क्रेडिट व डेबिट बरामद हुए हैं। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने शनिवार को बहजोई स्थित कार्यालय में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी बड़ा गिरोह चलाते हैं, जो उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में फैला है।
गिरोह के सदस्य ऐसे लोगों का जीवन बीमा कराते हैं, जो मर चुके हैं या मरने की हालत में हैं या फिर गंभीर बीमारी से पीडि़त है। आरोपी फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार कर बीमा करने वाले व्यक्ति को पूरी तरह स्वस्थ दर्शाते थे।
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एसपी ने बताया कि शुक्रवार रात रजपुरा पुलिस चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने एक स्कॉर्पियो कार को रोका, तलाशी में कार से 11.45 लाख रुपये बरामद हुई। पूछताछ में कार सवारों में शामिल एक युवक ने अपनी पहचान वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र के फुलवरिया निवासी ओंकारेश्वर मिश्र और दूसरे ने अपनी पहचान गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बबराला निवासी अमित के रूप में कराई। अमित अब अमरोहा के गजरौला के अलीपुर चौपला में रहता है।
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नकदी को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं देने पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया और थाने लाकर पूछताछ की। आरोपियों ने बताया कि वह फर्जी जीवन बीमा कराने का गिरोह चलाते हैं। वह ऐसे लोगों का बीमा कराते हैं, जो मरने वाले होते हैं या मर चुके होते हैं।
बीमा को कराने के लिए उन परिवारों को भी शामिल कर लेते हैं, जिनके परिवार के सदस्य का जीवन बीमा किया जाना है। इससे कार्रवाई का भी डर नहीं रहता है। सत्यापन से लेकर मृत्यु प्रमाणपत्र व अन्य जरूरी कार्रवाई में भी लोगों को सांठगांठ कर शामिल कर लेते हैं।
एसपी ने बताया कि आरोपियों ने बताया है कि उनका गिरोह उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सक्रिय है। वह अलग-अलग बैंकों की बीमा कराते है। एसपी ने बताया कि गिरोह में शामिल सभी सदस्य व अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। आरोपियों ने संभल के सचिन शर्मा समेत 12 नाम बताए हैं। सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एक निजी कंपनी में साथ काम करते हैं दोनों
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह एक जीवन बीमा सत्यापन करने वाली कंपनी में काम करते हैं। कुछ पॉलिसी में फर्जीवाड़ा इसी कंपनी के माध्यम से भी किया जाता है और बाकी अन्य तरीके से कर देते हैं। मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए ग्रामीण इलाके में ग्राम पंचायत सचिव की मदद लेते हैं। इसी तरह अन्य कागजी कार्रवाई में भी रुपये देकर दूसरे लोग शामिल कर लेते हैं।
खुद ही करते हैं सत्यापन की कवायद
जीवन बीमा से पहले सत्यापन किया जाता है। आरोपी जिस निजी कंपनी में काम करते हैं कुछ सत्यापन उस कंपनी से ही कर देते हैं। बाकी दूसरी कंपनी के सत्यापन को होने नहीं देते हैं। पॉलिसी जिस व्यक्ति के नाम से की जाती है उसका पता गलत दर्ज कराते हैं। जिससे मौके पर कोई पहुंच नहीं पाए। बाद में मामला बिगड़ता है तो सांठगांठ कर लेते हैं।
हवाला की रकम होने का अंदेशा, जांच कर रही पुलिस
फर्जी बीमा कराकर रकम हड़पने वाले गिरोह के सरगना से बरामद 11.45 लाख रुपये की नकदी हवाला की होने का शक है। पुलिस मामले में भी जांच कर रही है। एसपी का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ की गई है, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए हैं। ऐसे में अंदेशा है कि यह गिरोह हवाला के लिए भी काम कर रहा है। हालांकि इसकी जांच अभी कराई जा रही है।
परिवार के सदस्य को बनाते थे नॉमिनी
संभल। जीवन बीमा की रकम हड़पने के लिए पूरी प्लानिंग की जाती है। जीवन बीमार धारक के परिवार का सदस्य ही नॉमिनी बनाया जाता है, लेकिन उसके खाते में अपना नंबर दर्ज करा देते हैं। इसी तरह डेबिट कार्ड भी अपने पास रखते हैं। जिससे धनराशि आने पर सबसे पहले जानकारी आरोपियों को हो सके। जब धनराशि निकालते हैं तो कुछ रकम नॉमिनी को भी दी जाती है। इससे वह भी इस अपराध में शामिल हो जाता है। इसी तरह सभी मामलों में किया जाता है। संवाद
धनराशि परिवार के खातों में करते हैं ट्रांसफर
आरोपियों के पास से 19 डेबिट और क्रेडिट कार्ड मिले हैं। इसमें कुछ कार्ड आरोपियों के हैं और कुछ कार्ड नॉमिनी व परिवार के सदस्यों के हैं। आरोपियों ने पुलिस को पूछताछ में बताया है कि परिवार के सदस्यों के खाते में भी धनराशि भेजते हैं। पुलिस सभी कार्ड की जानकारी जुटाएगी। उसके बाद धनराशि का भी आकलन किया जाएगा।
- फर्जी तरीके से कराए गए जीवन बीमा की रकम हड़पने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना गिरफ्तार किए गए हैं। इस गिरोह के सभी सदस्य गिरफ्तार किए जाएंगे। मामले में छानबीन आगे बढ़ रही है। आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। - कृृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी