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Sambhal News: प्रमुख रास्तों पर संकेतक नहीं होने से खतरनाक हैं मोड़
Mon, 01 Apr 2024 12:52 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Mon, 01 Apr 2024 12:52 AM IST
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चंदौसी। अगर आप रात या दिन के समय गुन्नौर तहसील के प्रमुख मार्गों पर सफर कर रहे हैं तो जरा संभल कर चलें। यहां के प्रमुख मार्ग पर तीव्र मोड संकेतक और ब्रेकर नहीं होने से खतरनाक साबित हो रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन ने यहां पर संकेतक बोर्ड नहीं लगवाए हैं। जबकि इन रास्ते पर दिन रात वाहनों की आवाजाही बनी रहती है।
बबराला-गवां मार्ग पर यारा वीरा खाद फैक्ट्री के आगे विलेज हाउस से मैहुआ गांव तक कई तीव्र मोड़ पड़ते हैं। रोजाना हजारों की संख्या में छोटे बड़े वाहनों का आवागमन इस रास्ते से होता है। क्यों कि यह रास्ता हसनपुर-गजरौला के लिए निकलता है। इस रास्ते पर कोई संकेतक बोर्ड सड़क के किनारे न लगे होने से चालक काफी तेज गति से वाहन चलाते हुए आते जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। कई बार वाहन चालक आपस में टकरा भी जाते हैं। सर्वाधिक हादसे इन्हीं प्वाइंट पर होते हैं, जिसमें लोग अपना जान तक गवां चुके हैं।
इसके बावजूद प्रशासन इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है। वहीं अनूपशहर-गवां मार्ग पर हरिबाबा बांध की ओर जाने वाले रास्ते के समीप भी तीव्र मोड़ है। यहां संकेतक बोर्ड और ब्रेकर न होने की वजह से वाहन चालक मोड़ का अनुमान नहीं लगा पाते हैं। जिससे चालक तेज गति में वाहनों पर नियंत्रण खो बैठते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं। यही स्थिति बबराला से अनूपशहर और रजपुरा से बहजोई को जाने वाले मार्गों की है। संभल-गवां मार्ग पर भी संकेतक नहीं हैं। इसके बाद भी जिम्मेदारों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है। जिससे कभी भी हादसे हो सकते हैं।
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बबराला-गवां मार्ग पर यारा वीरा खाद फैक्ट्री के आगे विलेज हाउस से मैहुआ गांव तक कई तीव्र मोड़ पड़ते हैं। रोजाना हजारों की संख्या में छोटे बड़े वाहनों का आवागमन इस रास्ते से होता है। क्यों कि यह रास्ता हसनपुर-गजरौला के लिए निकलता है। इस रास्ते पर कोई संकेतक बोर्ड सड़क के किनारे न लगे होने से चालक काफी तेज गति से वाहन चलाते हुए आते जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। कई बार वाहन चालक आपस में टकरा भी जाते हैं। सर्वाधिक हादसे इन्हीं प्वाइंट पर होते हैं, जिसमें लोग अपना जान तक गवां चुके हैं।
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इसके बावजूद प्रशासन इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है। वहीं अनूपशहर-गवां मार्ग पर हरिबाबा बांध की ओर जाने वाले रास्ते के समीप भी तीव्र मोड़ है। यहां संकेतक बोर्ड और ब्रेकर न होने की वजह से वाहन चालक मोड़ का अनुमान नहीं लगा पाते हैं। जिससे चालक तेज गति में वाहनों पर नियंत्रण खो बैठते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं। यही स्थिति बबराला से अनूपशहर और रजपुरा से बहजोई को जाने वाले मार्गों की है। संभल-गवां मार्ग पर भी संकेतक नहीं हैं। इसके बाद भी जिम्मेदारों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है। जिससे कभी भी हादसे हो सकते हैं।
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