{"_id":"6a3c392941313d752d0c1263","slug":"three-suspended-in-connection-with-death-caused-by-setting-fire-to-the-police-station-sambhal-news-c-275-1-smbd1030-136926-2026-06-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: थाने पर आग लगाने से माैत मामले में तीन निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: थाने पर आग लगाने से माैत मामले में तीन निलंबित
विज्ञापन
धनारी। थाने के गेट पर पहुंचकर पुलिस के प्रति नाराजगी जताते हुए खुद को आग लगाने वाले गांव बगढेर निवासी मोरध्वज की मौत के बाद एसपी ने लापरवाही मिलने पर हल्का दरोगा ओमेंद्र सिंह, सिपाही राजकुमार और थाने के हेड मोहर्रिर को निलंबित कर दिया गया है।
एसपी का कहना है कि युवक की मौत के बाद जांच कराई गई। इसमें दरोगा, सिपाही और हेड मोहर्रिर की अन्य मामले में भी लापरवाही मिली। इसके बाद ही कार्रवाई की गई है।
17 जून की रात गांव बगढेर में एक मुंडन कार्यक्रम के दौरान दो पक्षों में मारपीट हो गई थी। इसमें एक पक्ष के सुरेंद्र के सिर में चोट आई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने विवाद करने वाली लखपत सिंह और भारत सिंह को हिरासत में ले लिया था। 18 जून को दोनों पक्षाें में समझौते का प्रयास चल रहा था लेकिन शाम तक समझौता नहीं हो पाया था।
विज्ञापन
इस समझौते के दौरान मोरध्वज भी थाने पहुंचा था। मोरध्वज ने दरोगा और सिपाही पर परेशान करने का आरोप लगाते हुए थाने के गेट पर आग लगा ली थी। जिसके बाद पुलिस ने मोरध्वज के चचेरे भाई लखपत सिंह और रिश्ते के भतीजे भारत सिंंह को छोड़ दिया था।
वहीं, दूसरी ओर दो दिन के उपचार के बाद मोरध्वज की मौत हो गई थी। मोरध्वज के परिवार ने इस मामले में कार्रवाई की मांग नहीं की। एसपी ने युवक की मौत के बाद जांच कराई।
जांच में इस विवाद के मामले को देख रहे दरोगा और सिपाही लापरवाही सामने आई। थाने के हेड मोहर्रिर की भी लापरवाही मिली। इसके बाद ही निलंबन की कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन
एसपी का कहना है कि युवक की मौत के बाद जांच कराई गई। इसमें दरोगा, सिपाही और हेड मोहर्रिर की अन्य मामले में भी लापरवाही मिली। इसके बाद ही कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन
17 जून की रात गांव बगढेर में एक मुंडन कार्यक्रम के दौरान दो पक्षों में मारपीट हो गई थी। इसमें एक पक्ष के सुरेंद्र के सिर में चोट आई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने विवाद करने वाली लखपत सिंह और भारत सिंह को हिरासत में ले लिया था। 18 जून को दोनों पक्षाें में समझौते का प्रयास चल रहा था लेकिन शाम तक समझौता नहीं हो पाया था।
विज्ञापन
इस समझौते के दौरान मोरध्वज भी थाने पहुंचा था। मोरध्वज ने दरोगा और सिपाही पर परेशान करने का आरोप लगाते हुए थाने के गेट पर आग लगा ली थी। जिसके बाद पुलिस ने मोरध्वज के चचेरे भाई लखपत सिंह और रिश्ते के भतीजे भारत सिंंह को छोड़ दिया था।
वहीं, दूसरी ओर दो दिन के उपचार के बाद मोरध्वज की मौत हो गई थी। मोरध्वज के परिवार ने इस मामले में कार्रवाई की मांग नहीं की। एसपी ने युवक की मौत के बाद जांच कराई।
जांच में इस विवाद के मामले को देख रहे दरोगा और सिपाही लापरवाही सामने आई। थाने के हेड मोहर्रिर की भी लापरवाही मिली। इसके बाद ही निलंबन की कार्रवाई की गई है।