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सच की तलाश, सच की हिमायत जिनका काम था, वो लोग झूठ बोलने के धनवान हो गए : नदीम फार्रूख
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संभल। श्री कल्कि महोत्सव के चौथे दिन आयोजित हुए मुशायरा और कवि सम्मेलन ने समां बांध दिया। कवियों ने कविताएं सुनाकर और शायरों ने शायरी सुनाकर जमकर वाहवाही लूटी। दर्शकों की तालियां पंडाल में गूंजती रहीं।
शुक्रवार को आयोजित हुए कवि सम्मेलन और मुशायरे में शायर नदीम फर्रूख ने कहा कि सच की तलाश सच की हिमायत जिनका काम था, वो लोग झूठ बोलने के धनवान हो गए। डा. अनामिका जैनन अंबर ने कहा कि जिखे कुछ भी वो मेरे नाम की तहरीर बनती है, कि उनकी बद दुआओं से मेरी तकदीर बनती है। कवि सूरज मणि ने कहा कि जो नशा है उतार लो पहले, ऐब जितने भी हैं मार लो पहले, हैसियत से भी प्यार मिलता है कैरियर को संभार लो पहले।
विकास बौखल ने कहा कि किसी खंजर से न तलवार से जोड़ा जाए, सारी दुनिया को चलो प्यार से जोड़ा जाए। शायर जमील असगर ने कहा कि जमीं से प्यार है हमको अलल ऐलान लिख देना, हमारी जिंदगी पर इसको एहसान लिख देना। कवित्री खुशबू शर्मा ने कहा कि इस तरह सोचना भी कोई शान है, वो है हिंदू के सिख है के मुसलमान है। पदामिनी ने भी अपनी कविताएं सुनाकर समां बांधा। देर रात तक चले इस कवि सम्मेलन और मुशायरे में स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आए अतिथि मौजूद रहे।
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शुक्रवार को आयोजित हुए कवि सम्मेलन और मुशायरे में शायर नदीम फर्रूख ने कहा कि सच की तलाश सच की हिमायत जिनका काम था, वो लोग झूठ बोलने के धनवान हो गए। डा. अनामिका जैनन अंबर ने कहा कि जिखे कुछ भी वो मेरे नाम की तहरीर बनती है, कि उनकी बद दुआओं से मेरी तकदीर बनती है। कवि सूरज मणि ने कहा कि जो नशा है उतार लो पहले, ऐब जितने भी हैं मार लो पहले, हैसियत से भी प्यार मिलता है कैरियर को संभार लो पहले।
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विकास बौखल ने कहा कि किसी खंजर से न तलवार से जोड़ा जाए, सारी दुनिया को चलो प्यार से जोड़ा जाए। शायर जमील असगर ने कहा कि जमीं से प्यार है हमको अलल ऐलान लिख देना, हमारी जिंदगी पर इसको एहसान लिख देना। कवित्री खुशबू शर्मा ने कहा कि इस तरह सोचना भी कोई शान है, वो है हिंदू के सिख है के मुसलमान है। पदामिनी ने भी अपनी कविताएं सुनाकर समां बांधा। देर रात तक चले इस कवि सम्मेलन और मुशायरे में स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आए अतिथि मौजूद रहे।
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