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Sambhal News: एक तू सच्चा, तेरा नाम सच्चा के भजनों से गूंजा सत्संग स्थल
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चंदौसी। अशोक नगर के आशीष गार्डन में आयोजित दो दिवसीय सत्संग के दूसरे दिन भक्ति और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। सत्संग में एक तू सच्चा, तेरा नाम सच्चा मंत्र के साथ सतपुरुष बाबा फुलसंदे ने भक्तों को जीवन की गहन सच्चाइयों से रूबरू कराया। उन्होंने अपने अनुयायियों से सच्चाई के मार्ग पर चलने की अपील की।
उन्होंने बताया कि परमेश्वर ने इस सृष्टि की रचना दीपक की ज्योति की भांति की है। जब तक मनुष्य प्रभु की आराधना में लीन रहता है, वह प्रकाश मय रहता है, लेकिन जैसे ही सांसारिक मोह और अज्ञान में पड़ता है, अंधकार में भटकने लगता है। बाबा फुलसंदे ने बताया कि जीवन का अंतिम सत्य आत्मा का परमात्मा से मिलन ही है, जहां सांसारिक पीड़ा और दुख समाप्त हो जाते हैं। भक्ति और ज्ञान का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि मानव जीवन प्रभु की सबसे अनमोल देन है और इसे प्रभु की उपासना में व्यतीत करना चाहिए। इस दौरान जय गुरु महाराज के जयकारों से पंडाल गूंज उठा। कार्यक्रम में देर रात तक भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा। सत्संग में शिवासिंह, महावीर सिंह, सत्यवीर सिंह, सच्चिदानंद शर्मा, अनेक सिंह, उमेश दिवाकर, प्रदीप चौहान, गजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने बताया कि परमेश्वर ने इस सृष्टि की रचना दीपक की ज्योति की भांति की है। जब तक मनुष्य प्रभु की आराधना में लीन रहता है, वह प्रकाश मय रहता है, लेकिन जैसे ही सांसारिक मोह और अज्ञान में पड़ता है, अंधकार में भटकने लगता है। बाबा फुलसंदे ने बताया कि जीवन का अंतिम सत्य आत्मा का परमात्मा से मिलन ही है, जहां सांसारिक पीड़ा और दुख समाप्त हो जाते हैं। भक्ति और ज्ञान का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि मानव जीवन प्रभु की सबसे अनमोल देन है और इसे प्रभु की उपासना में व्यतीत करना चाहिए। इस दौरान जय गुरु महाराज के जयकारों से पंडाल गूंज उठा। कार्यक्रम में देर रात तक भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा। सत्संग में शिवासिंह, महावीर सिंह, सत्यवीर सिंह, सच्चिदानंद शर्मा, अनेक सिंह, उमेश दिवाकर, प्रदीप चौहान, गजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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