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Sambhal News: तीसरी बार पहुंची न्यायिक जांच आयोग की टीम, बयान दर्ज किए
Fri, 31 Jan 2025 12:47 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Fri, 31 Jan 2025 12:47 AM IST
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संभल।
नगर में हुई हिंसा के मामले में तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग की टीम ने बृहस्पतिवार को पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं। इसमें 20 से ज्यादा लोगों ने बयान दर्ज कराए हैं। टीम सुबह 10 बजे पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पहुंच गई थी। इसके बाद शाम चार बजे तक बयान दर्ज किए गए। इसमें एएसपी, एसडीएम, सीओ व जिला अस्पताल के चिकित्सक और कर्मचारियों के भी लिखित में बयान दर्ज हुए हैं। आयोग के सदस्य एके जैन ने बताया कि पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों के शपथपत्र लिए गए हैं। अगला दौरा जल्द ही होगा। दरअसल बवाल में 29 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। सभी का चिकित्सकीय परीक्षण जिला अस्पताल में हुआ था। उसी मामले में चिकित्सक और चिकित्साकर्मियों के बयान दर्ज हुए हैं। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया और एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई भी व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए पहुंचे।
मालूम हो 24 नवंबर 2024 को संभल में जामा मस्जिद सर्वे के दौरान बवाल हो गया था। इसमें पांच लोगों की जान गई थी। एक का शव बिना पोस्टमार्टम दफन कर देने से पुलिस रिकार्ड में बवाल के दौरान की मृतक संख्या चार दर्ज है। न्यायिक जांच आयोग इसी बवाल की जांच कर रहा है। यह आयोग का तीसरा दौरा था।
तीन सदस्यीय है न्यायिक जांच आयोग
न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष रिटायर्ड जस्टिस देवेंद्र अरोड़ा हैं। रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी और यूपी के पूर्व डीजीपी एके जैन व रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अमित मोहन प्रसाद इस आयोग के सदस्य हैं।
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डीएम और एसपी के बयान अगले दौरे में दर्ज किए जाएंगे
बवाल में मोर्चा संभालने वाले डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई के भी न्यायिक जांच आयोग में बयान दर्ज किए जाने हैं, लेकिन बृहस्पतिवार को यह बयान दर्ज नहीं हो सके। अगले दौरे में इन दोनों वरिष्ठ अधिकारियों के भी बयान दर्ज होंगे। डीएम ने बताया कि एएसपी समेत पुलिस के अन्य अधिकारी व कर्मचारियों को बुलाया गया था। स्वास्थ्य कर्मियों को भी बुलाया गया था। डीएम ने बताया कि उनका और एसपी का बयान अगले दौरे के दौरान दर्ज हो सकता है।
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नगर में हुई हिंसा के मामले में तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग की टीम ने बृहस्पतिवार को पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं। इसमें 20 से ज्यादा लोगों ने बयान दर्ज कराए हैं। टीम सुबह 10 बजे पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पहुंच गई थी। इसके बाद शाम चार बजे तक बयान दर्ज किए गए। इसमें एएसपी, एसडीएम, सीओ व जिला अस्पताल के चिकित्सक और कर्मचारियों के भी लिखित में बयान दर्ज हुए हैं। आयोग के सदस्य एके जैन ने बताया कि पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों के शपथपत्र लिए गए हैं। अगला दौरा जल्द ही होगा। दरअसल बवाल में 29 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। सभी का चिकित्सकीय परीक्षण जिला अस्पताल में हुआ था। उसी मामले में चिकित्सक और चिकित्साकर्मियों के बयान दर्ज हुए हैं। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया और एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई भी व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए पहुंचे।
मालूम हो 24 नवंबर 2024 को संभल में जामा मस्जिद सर्वे के दौरान बवाल हो गया था। इसमें पांच लोगों की जान गई थी। एक का शव बिना पोस्टमार्टम दफन कर देने से पुलिस रिकार्ड में बवाल के दौरान की मृतक संख्या चार दर्ज है। न्यायिक जांच आयोग इसी बवाल की जांच कर रहा है। यह आयोग का तीसरा दौरा था।
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तीन सदस्यीय है न्यायिक जांच आयोग
न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष रिटायर्ड जस्टिस देवेंद्र अरोड़ा हैं। रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी और यूपी के पूर्व डीजीपी एके जैन व रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अमित मोहन प्रसाद इस आयोग के सदस्य हैं।
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डीएम और एसपी के बयान अगले दौरे में दर्ज किए जाएंगे
बवाल में मोर्चा संभालने वाले डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई के भी न्यायिक जांच आयोग में बयान दर्ज किए जाने हैं, लेकिन बृहस्पतिवार को यह बयान दर्ज नहीं हो सके। अगले दौरे में इन दोनों वरिष्ठ अधिकारियों के भी बयान दर्ज होंगे। डीएम ने बताया कि एएसपी समेत पुलिस के अन्य अधिकारी व कर्मचारियों को बुलाया गया था। स्वास्थ्य कर्मियों को भी बुलाया गया था। डीएम ने बताया कि उनका और एसपी का बयान अगले दौरे के दौरान दर्ज हो सकता है।