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Sambhal News: जामा मस्जिद के सर्वे को बलपूर्वक रोकना चाहते थे उपद्रवी

Sun, 02 Mar 2025 12:34 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल Updated Sun, 02 Mar 2025 12:34 AM IST
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The rioters wanted to stop the survey of Jama Masjid by force

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चंदौसी। हरी शंकर जैन आदि बनाम यूनियन ऑफ इंडिया का मुकदमा सिविल जज सीनियर डिवीजन संभल के न्यायालय में वादी की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता श्रीगोपाल शर्मा ने न्यायिक जांच आयोग के सामने शनिवार को शपथपत्र देकर अपने बयान दर्ज कराए।
अधिवक्ता श्रीगोपाल शर्मा का कहना है कि 19 नवंबर 2024 को संभल की जामा मस्जिद के सर्वे करने के लिए न्यायालय ने रमेश सिंह राघव को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया था और उसी दिन कोर्ट कमिश्नर ने शपथकर्ता व अन्य अधिवक्ताओं के साथ जामा मस्जिद का सर्वे पुलिस व प्रशासन के आला अधिकारियोंं को लेकर किया। उस दिन सर्वे पूरा नहीं हो पाया था। जिस कारण 24 नवंबर की सुबह कोर्ट कमिश्नर दोबारा सर्वे करने के लिए जामा मस्जिद पहुंचे तो बवाल हो गया। दोनों ही दिन जामा मस्जिद कमेटी के सामने वजू करने वाले टैंक से पानी निकाला गया। पानी जामा मस्जिद कमेटी के सदस्यों ने ही टैंक से निकाला था। जब कोर्ट कमिश्नर शांति पूर्वक जामा मस्जिद के अंदर सर्वे कर रहे थे तब शरारती तत्वों ने आकर हंगामा करना शुरू कर दिया और दंगा हो गया।
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दर्ज कराए बयान में अधिवक्ता श्रीगोपाल शर्मा ने बताया कि सर्वे के दौरान मस्जिद कमेटी के साथ सांसद व विधायक पुत्र भी मौजूद थे। किसी तरह का कोई विवाद नहीं था। दंगा प्री प्लान किया गया था। 19 से 24 नवंबर के बीच एक सप्ताह का समय था। जामा मस्जिद कमीशन के खिलाफ जिला न्यायालय में जा सकती थी लेकिन वो बलपूर्वक सर्वे करने में व्यवधान पैदा करना चाहते थे। पुलिस सुरक्षा में सर्वे टीम को कोतवाली संभल तक लाया गया। फिर यहां से भवानीपुर तक छोड़ा।
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पुलिस और प्रशासन की सूझबूझ से सुरक्षित लौटी सर्वे टीम
चंदौसी। यूनियन ऑफ इंडिया एवं भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधिवक्ता विष्णु कुमार शर्मा ने न्यायिक जांच आयोग के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए। अधिवक्ता द्वारा आयोग के समक्ष अपना शपथपत्र दाखिल किया गया। आयोग द्वारा घटना पर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों ने बारी-बारी से मुकदमा दायर होने, 19 नवंबर को सर्वे दौरान आई समस्याओं और 24 नवंबर को सर्वे के दौरान हुई हिंसा के संदर्भ में गहन पूछताछ की। अधिवक्ता विष्णु कुमार शर्मा ने संपूर्ण घटनाक्रम के विषय में आयोग को विस्तार से बताया गया और यह भी बताया गया कि पुलिस और प्रशासन के सहयोग से सर्वे टीम को सकुशल निकाला गया। पुलिस और प्रशासन सूझबूझ से काम न करता तो सर्वे टीम के साथ कोई भी अप्रिय घटना हो सकती थी।
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