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Sambhal News: अवैध कब्जों और जगह-जगह कचरे की भरमार से दम तोड़ रही महावा नदी
Wed, 17 Jun 2026 01:39 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Wed, 17 Jun 2026 01:39 AM IST
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गवां। गुन्नौर तहसील के गांव उमेदपुर से जिले में प्रवेश करने वाली महावा नदी अपने अस्तित्व के लिए जूझ रही है। कभी क्षेत्र की पहचान और महत्वपूर्ण जल स्रोत रही यह नदी अब लगातार सिकुड़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो नदी पूरी तरह खत्म होने की कगार पर पहुंच सकती है।
ग्रामीणों के अनुसार, नदी के किनारों और बहाव क्षेत्र में कई स्थानों पर अवैध कब्जे किए जा चुके हैं। इसके अलावा, जगह-जगह कचरा और मलबा डालने से नदी का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ रहा है। संभल की गुन्नौर तहसील से प्रवेश कर यह नदी बदायूं के कछला में गंगा नदी में समायोजित हो जाती है। नदी की इस दुर्दशा के लिए जिम्मेदार अधिकारी बेखबर बने हुए हैं। स्थानीय लोगों की शिकायतों पर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नदी का बहाव क्षेत्र लगातार संकरा होता जा रहा है। यह स्थिति पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बन गई है।
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ग्रामीणों के अनुसार, नदी के किनारों और बहाव क्षेत्र में कई स्थानों पर अवैध कब्जे किए जा चुके हैं। इसके अलावा, जगह-जगह कचरा और मलबा डालने से नदी का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ रहा है। संभल की गुन्नौर तहसील से प्रवेश कर यह नदी बदायूं के कछला में गंगा नदी में समायोजित हो जाती है। नदी की इस दुर्दशा के लिए जिम्मेदार अधिकारी बेखबर बने हुए हैं। स्थानीय लोगों की शिकायतों पर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नदी का बहाव क्षेत्र लगातार संकरा होता जा रहा है। यह स्थिति पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बन गई है।
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