फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sambhal News ›   The family kept running with the dead body in the hope of life, performed the last rites when foul smell arose

Sambhal News: जिंदगी की आस में शव लेकर दौड़ते रहे परिजन, दुर्गंध उठने पर किया अंतिम संस्कार

Sat, 11 Nov 2023 01:35 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल Updated Sat, 11 Nov 2023 01:35 AM IST
विज्ञापन
The family kept running with the dead body in the hope of life, performed the last rites when foul smell arose
संभल। क्षेत्र के गांव सिंघौला दौलत सिंह निवासी पुष्पेंद्र (28) को बुधवार की रात सांप ने डस लिया। परिजनों ने पहले झाड़फूक कराई और बाद में जिला अस्पताल लेकर जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो चुकी थी। बृहस्पतिवार की शाम अंतिम संस्कार के समय रिश्तेदार के कहने पर परिजन जिंदगी की आस में युवक को 200 किलोमीटर तक घूमे। 24 घंटे बाद शव से दुर्गंध उठने पर गांव वापस लौटे और शुक्रवार की सुबह अंतिम संस्कार किया।
विज्ञापन

रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव सिंघौला दौलत सिंह निवासी पुष्पेंद्र (28) पुत्र रोशन सिंह को बुधवार की रात दस बजे खेत पर सिंचाई करते समय सांप ने डस लिया था। परिजन डॉक्टर को दिखाने के जगह झाड़फूक के चक्कर में पड़ गए। जब ओझा ने हाथ खड़े कर दिए तो परिजन उसे सीएचसी लेकर पहुंचे। जहां से डॉक्टरों ने हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिजन उसे जिला अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। बृहस्पतिवार की शाम पांच बजे शव की अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। तभी किसी रिश्तेदार ने गजरौला में झाड़फूक से जीवित होने की बात कही। परिजन बेटे की जिंदगी की आस में तुरंत 60 किलोमीटर दूर गजरौला पहुंच गए, लेकिन वहां पर उपचार से मना कर दिया। इसके बाद परिजन किसी के बताने पर गजरौला से 100 किलोमीटर दूर बदायूं जिले के इस्लामनगर पहुंचे। वहां पर भी मृत होने की पुष्टि की। मौत को ज्यादा समय होने के चलते शव से दुर्गंध उठने लगी तो परिजन निराश होकर घर लौट आए। शुक्रवार की सुबह परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया। मृतक के परिवार में पत्नी ममता के अलावा तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं।
विज्ञापन


सर्पदंश के मामले में उपचार कराना ही विकल्प
जिला अस्पताल के सीएमएस डा. अनूप अग्रवाल ने बताया कि सर्प डस ले तो उपचार जल्दी कराना चाहिए। इससे जीवन बच जाता है। ऐसे काफी मामले आते हैं जिनको उपचार मिलने पर बचाया जा सका है। झाड फूंक के चक्कर में पड़ने से ही जिंदगी के लिए खतरा होता है। ऐसे कई लोगों की जान भी जा चुकी है। इसका बचाव तत्काल उपचार ही होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोट
सर्पदंश से युवक की मौत हो गई थी। इसकी जानकारी मिली है। उपचार में देरी हो सकती है। जिला अस्पताल तक युवक पहुंचा नहीं था। सर्प के डसने पर तत्काल उपचार कराना चाहिए। किसी झाड फूंक के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए। इससे जीवन को खतरा होता है। -डाॅ. मनोज चौधरी, जिला सर्विलांस अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed