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Sambhal News: मस्जिद की दुकानें साबित करने के लिए कमेटी को समय मिला, आज होगा निर्णय
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संभल में बनी दुकानें।
- फोटो : संभल में बनी दुकानें।
संभल। कोतवाली क्षेत्र की थाने वाली मस्जिद के कब्जे वाली 11 दुकानों को अतिक्रमण माना गया है। जबकि मस्जिद कमेटी वक्फ संपत्ति होने का दावा कर रही है। पालिका की ओर से दस्तावेज मांगे गए हैं। यदि मस्जिद कमेटी का दावा दस्तावेज के मुताबिक सही पाया जाता है तो उसके बाद पालिका की ओर से एसडीएम के द्वारा निर्णय लिया जाएगा। हालांकि जो दो दुकानें पालिका की है उनको तो ध्वस्त किया ही जाना हैं। एक दुकान की जो जगह घेरी हुई है उसको भी कब्जामुक्त कराया जाएगा।
थाने वाली मस्जिद कमेटी के सेक्रेटरी हाजी एहतेशाम का कहना है कि 1945 से पहले की दुकानें हैं। कुछ दुकानों में 1978 के दंगे के दौरान आग लगा दी थी। उसके बाद दोबारा निर्माण कराया गया था। तब से इन दुकानों का किराया मस्जिद कमेटी ही लेती है। इसमें 400 से 800 रुपये तक का किराया प्रति महीने दुकानदार देते हैं।
पालिका के ईओ मणिभूषण तिवारी का कहना है कि दुकानें अतिक्रमण कर बनाई गई हैं। इसलिए इनको तोड़ा जाएगा। जो दावा मस्जिद कमेटी ने किया है उसके लिए सोमवार का समय दिया गया था। मंगलवार को इस पर निर्णय लिया जाएगा। क्योंकि पैमाइश के दौरान अतिक्रमण की जद में दुकानें आई हैं। इसके अलावा तीन दुकानें जो पालिका की है उनको भी तोड़ा जाना है। दुकानदारों से खाली करने के लिए कहा गया है। एसडीएम वंदना मिश्रा का कहना है कि मस्जिद कमेटी को अपना पक्ष रखने का समय दिया गया है। अतिक्रमण की जद में दुकानें हैं इसकी पुष्टि पैमाइश के दौरान हो चुकी है।
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थाने वाली मस्जिद कमेटी के सेक्रेटरी हाजी एहतेशाम का कहना है कि 1945 से पहले की दुकानें हैं। कुछ दुकानों में 1978 के दंगे के दौरान आग लगा दी थी। उसके बाद दोबारा निर्माण कराया गया था। तब से इन दुकानों का किराया मस्जिद कमेटी ही लेती है। इसमें 400 से 800 रुपये तक का किराया प्रति महीने दुकानदार देते हैं।
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पालिका के ईओ मणिभूषण तिवारी का कहना है कि दुकानें अतिक्रमण कर बनाई गई हैं। इसलिए इनको तोड़ा जाएगा। जो दावा मस्जिद कमेटी ने किया है उसके लिए सोमवार का समय दिया गया था। मंगलवार को इस पर निर्णय लिया जाएगा। क्योंकि पैमाइश के दौरान अतिक्रमण की जद में दुकानें आई हैं। इसके अलावा तीन दुकानें जो पालिका की है उनको भी तोड़ा जाना है। दुकानदारों से खाली करने के लिए कहा गया है। एसडीएम वंदना मिश्रा का कहना है कि मस्जिद कमेटी को अपना पक्ष रखने का समय दिया गया है। अतिक्रमण की जद में दुकानें हैं इसकी पुष्टि पैमाइश के दौरान हो चुकी है।
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