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प्रशासन ने मुनादी करवा के आठ गांवों को खाली करने को कहा
ब्यूरो / अमर उजाला, संभ्ाल
Updated Sun, 02 Sep 2018 02:02 AM IST
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नरौरा बैराज से निकलता गंगा नदी का पानी।
- फोटो : अमर उजाला
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गंगा नदी के रौद्र रूप को देखते हुए प्रशासन ने जुनावई क्षेत्र के बाढ़ ग्रस्त आठ गांवों को खाली कराने का निर्देश दिया है। राजस्व विभाग की टीम ने ग्रामीणों को सुरक्षित स्थलों या प्रशासन के द्वारा बनाए गए शरणालयों में जाने की मुनादी कराई है। जिन गांवों में बाढ़ का पानी घुसने की आशंका है, वहां प्रशासन की ओर से नावों की व्यवस्था कराई जा रही है। साथ की रघुपुरपुख्ता में आवागमन की दिक्कतों को देखते हुए नावों की संख्या तीन से बढ़ाकर पांच कर दी गई है। इनके जरिए से ग्रामीणों का आवागमन जारी है।
शुक्रवार को हरिद्वार बांध से 1.42 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना के बाद गुन्नौर तहसील प्रशासन अब सतर्क हो गया है। तहसीलदार करम सिंह चौहान राजस्व टीम के साथ उन आठों गांवों में पहुंचे जोकि गंगा के बांध के अंदर की सीमा में आते है।
जुनावई क्षेत्र के रघुपुर पुख्ता, बझांगी, भावरू की मढ़ईयां, नरुपुरा, शालिंग की मढ़ईयां, उदियानगला, तोतापुर, मैगरा में जाकर मुनादी कराई गई और शनिवार रात को ही गांव खाली कर सुरक्षित स्थानों अथवा प्रशासन के शरणालयों में जाने का निर्देश दिया। तहसीलदार ने बताया कि नरौरा से शनिवार रात को पानी बढ़ने की आशंका है और रात में ही इन गांवों में पानी घुस सकता है।
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जिसके चलते प्रशासन के द्वारा गांव खाली कराके एहतियातन सुरक्षा का निर्णय लिया गया है। जिसके लिए जुनावई के जनता इंटर कालेज व राजकीय महाविद्यलय को शरण स्थल बनाया गया है। अपर जिलाधिकारी लवकुश त्रिपाठी ने बताया कि प्रशासन में गंगा नदी में बाढ़ का पानी बढ़ने पैदा होने वाले खतरे के प्रति सतर्क है।
बाढ़ प्रभावित गांवों की सूची पहले ही बन चुकी है। लेखपालों और राजस्व कर्मचारियों की टीमों का गठन किया गया है जो बाढ़ प्रभावित गांवों में सक्रिय रहेंगी। तहसीलदार और एसडीएम लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
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शुक्रवार को हरिद्वार बांध से 1.42 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना के बाद गुन्नौर तहसील प्रशासन अब सतर्क हो गया है। तहसीलदार करम सिंह चौहान राजस्व टीम के साथ उन आठों गांवों में पहुंचे जोकि गंगा के बांध के अंदर की सीमा में आते है।
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जुनावई क्षेत्र के रघुपुर पुख्ता, बझांगी, भावरू की मढ़ईयां, नरुपुरा, शालिंग की मढ़ईयां, उदियानगला, तोतापुर, मैगरा में जाकर मुनादी कराई गई और शनिवार रात को ही गांव खाली कर सुरक्षित स्थानों अथवा प्रशासन के शरणालयों में जाने का निर्देश दिया। तहसीलदार ने बताया कि नरौरा से शनिवार रात को पानी बढ़ने की आशंका है और रात में ही इन गांवों में पानी घुस सकता है।
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जिसके चलते प्रशासन के द्वारा गांव खाली कराके एहतियातन सुरक्षा का निर्णय लिया गया है। जिसके लिए जुनावई के जनता इंटर कालेज व राजकीय महाविद्यलय को शरण स्थल बनाया गया है। अपर जिलाधिकारी लवकुश त्रिपाठी ने बताया कि प्रशासन में गंगा नदी में बाढ़ का पानी बढ़ने पैदा होने वाले खतरे के प्रति सतर्क है।
बाढ़ प्रभावित गांवों की सूची पहले ही बन चुकी है। लेखपालों और राजस्व कर्मचारियों की टीमों का गठन किया गया है जो बाढ़ प्रभावित गांवों में सक्रिय रहेंगी। तहसीलदार और एसडीएम लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।