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राजघाट पर मेले की रोक, स्नान की छूट

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 30 Nov 2020 02:23 AM IST
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The administration banned the fair at rajghat
संभल जिले में स्थित बबराला राजघाट के गंगा घाट पर दीपदान करते श्रद्धालु। - फोटो : CHANDAUSI
गुन्नौर/बबराला (संभल)। कार्तिक पूर्णिमा पर मुख्य गंगा स्नान सोमवार को है। इसके लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। प्रशासन ने मेले पर रोक लगाते हुए लोगों से घरों पर ही स्नान करने की अपील की है। साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए तीन प्लाटून पीएसी, 22 दरोगा और 44 सिपाही तैनात किए गए हैं। वहीं, रविवार को श्रद्धालुओं ने कार्तिक पूर्णिमा से एक दिन पूर्व गंगा स्नान और पितरों के तर्पण के लिए दीपदान किया।
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सोमवार को कार्तिक पूर्णिमा है। इसलिए रविवार की सुबह से ही बबराला राजघाट पर श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। दिन भर श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहा था। पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा। पुलिस ने घाट के पास दुकानें नहीं लगने दीं। वहीं, संभल जनपद में गुन्नौर तहसील में राजघाट, सिसौना डांडा व अशदपुर घाट पर इस बार कोरोना के चलते कार्तिक पूर्णिमा पर मेले का आयोजन नहीं किया गया।
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राजघाट में 17 मोटर बोट व गोताखोर रहेंगे तैनात
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए दस मोटर बोट पीएसी की और सात निजी मोटर बोट तैनात रहेंगी। इसके अलावा थाना रजपुरा के सिसौना डांडा और गुन्नौर कोतवाली के अशदपुर गंगा घाट पर भी मोटर बोट व गोताखोर तैनात किए गए हैं। थाना गुन्नौर व रजपुरा क्षेत्र में पीएसी तैनात कर दी गई है। सीओ केके सरोज ने बताया कि उनके क्षेत्र में तीन प्रमुख स्थानों पर कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान होगा। इसके लिए दो प्लाटून पीएसी, एक प्लाटून पीएसी गोताखोर, 22 दरोगा, 29 पुरूष कांस्टेबल व 15 महिला कांस्टेबल अतिरिक्त तैनात किए गए है।
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पितरों के तर्पण को किया दीपदान
चंदौसी/गवां। पितरों के तर्पण के लिए कार्तिक पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर लोग राजघाट बबराला, सिसौना डांडा स्थित गंगा घाटों पर पहुंचे। वहां पहले स्नान किया और पितरों के तर्पण के लिए दीपदान किया। मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर गंगा में दीपदान करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। आचार्य मनोरंजन तिवारी ने बताया द्वापर युग में महाभारत के युद्ध में कौरव सेना मारी गई थी और पांडव पक्षों के भी अधिकांश लोग मारे गए थे। पांडवों ने गंगा किनारे आकर कार्तिक पूर्णिमा से एक दिन पहले युद्ध में मारे गए अपने परिजनों और कौरव पक्ष के सगे संबंधियों के तर्पण के लिए दीपदान किया था।
घाट से 700 मीटर दूर की पार्किंग की व्यवस्था
चंदौसी। राजघाट पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसको लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। अधिकांश श्रद्धालु निजी वाहन ट्रैक्टर ट्राली, बैलगाड़ी, बाइक, कार आदि से पहुंचेंगे। इसके लिए घाट से 700 मीटर पहले ही अस्थायी पार्किंग बनाई है।
प्रशासन की अपील कोरोना को लेकर बरतें सावधानी
चंदौसी। कोरोना संक्रमण फिर तेजी पकड़ रहा है। इसको लेकर कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले सभी मेले स्थगित कर दिए गए हैं। वहीं, गुन्नौर एसडीएम प्रेमचंद और सीओ केके सरोज ने श्रद्धालुओं से घर पर ही गंगा जल से स्नान करने की अपील की है।

गुन्नौर सीओ केके सरोज ने बताया कि श्रद्धालुओं की आस्था को देखकर गंगा स्नान पर रोक नहीं लगाई है, लेकिन श्रद्धालुओं से अपील है कि कोरोना संक्रमण में परिजनों के स्वास्थ्य की चिंता करें। गंगा स्नान के लिए एकत्र न हो। घर पर गंगाजल को पानी में मिलाकर स्नान कर लें।
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