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Sambhal News: नहीं मिली बेटों को पैरोल, छोटे भाई ने किया बंदी का अंतिम संस्कार
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चंदौसी (संभल)। उपचार के दौरान दम तोड़ने वाले बंदी का अंतिम संस्कार उनके छोटे भाई ने बुलंदशहर के गंगा घाट पर मंगलवार की देर शाम किया। जेल में बंद बेटों को कस्टडी पैरोल नहीं मिल सकी। बहजोई निवासी सर्वेश उर्फ जगत नारायण सराफ कुछ दिनों से मुरादाबाद जेल में बंद थे।
उनकी हालत बिगड़ी तो जेल प्रशासन ने मेरठ भर्ती कराया था। जहां उनकी मौत हो गई थी। सर्वेश के बेटे हरीश और संदीप भी मुरादाबाद जेल में ही बंद हैं। पिता की मौत के बाद अंतिम संस्कार के लिए पैरोल कस्टडी की मांग की गई थी। जेल प्रशासन ने संभल जिला न्यायालय को 12 घंटे की कस्टडी पैरोल दिए जाने का प्रार्थना पत्र दिया था।
न्यायालय ने अपना क्षेत्राधिकार न होने के कारण प्रार्थना पत्र स्वीकार नहीं किया। इसकी सूचना जेल प्रशासन को भी भेज दी गई। मृतक के दामाद सचिन गुप्ता ने बताया कि उनके दो ही साले हैं जो अंतिम संस्कार करते लेकिन उन्हें कस्टडी पैरोल नहीं मिली।
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इसलिए मृतक के छोटे भाई मोहन लाल ने अंतिम संस्कार किया है। मुरादाबाद जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि बंदियों का मामला अंडर ट्रायल है। इसलिए कस्टडी पैरोल भी न्यायालय ही दे सकता है।
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उनकी हालत बिगड़ी तो जेल प्रशासन ने मेरठ भर्ती कराया था। जहां उनकी मौत हो गई थी। सर्वेश के बेटे हरीश और संदीप भी मुरादाबाद जेल में ही बंद हैं। पिता की मौत के बाद अंतिम संस्कार के लिए पैरोल कस्टडी की मांग की गई थी। जेल प्रशासन ने संभल जिला न्यायालय को 12 घंटे की कस्टडी पैरोल दिए जाने का प्रार्थना पत्र दिया था।
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न्यायालय ने अपना क्षेत्राधिकार न होने के कारण प्रार्थना पत्र स्वीकार नहीं किया। इसकी सूचना जेल प्रशासन को भी भेज दी गई। मृतक के दामाद सचिन गुप्ता ने बताया कि उनके दो ही साले हैं जो अंतिम संस्कार करते लेकिन उन्हें कस्टडी पैरोल नहीं मिली।
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इसलिए मृतक के छोटे भाई मोहन लाल ने अंतिम संस्कार किया है। मुरादाबाद जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि बंदियों का मामला अंडर ट्रायल है। इसलिए कस्टडी पैरोल भी न्यायालय ही दे सकता है।