फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sambhal News ›   SHAHID KO ANTIM PRANAM KARNE UMDA SAILAB

शहीद सुधीश को अंतिम प्रणाम करने उमड़ा सैलाब

Wed, 19 Oct 2016 01:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल Updated Wed, 19 Oct 2016 01:00 AM IST
विज्ञापन
SHAHID KO ANTIM PRANAM KARNE UMDA SAILAB
शहीद
उनको अंतिम विदाई देने के लिए देशभक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान सुधीश तुम्हारा यह बलिदान-याद रखे हिंदुस्तान, जब तक सूरज-चांद रहेगा सुधीश तुम्हारा नाम रहेगा के गगनभेदी नारों की गूंज रही। उनके भाई अनिल कुमार ने उन्हें मुखग्नि दी। इससे पहले सेना की टुकड़ी ने उन्हें रायफलों से सलामी दी।
विज्ञापन



संभल जिले के पनसुखा मिलक गांव निवासी सुधीश कुमार(24) जम्मू-कश्मीर के राजोरी जिले में भारत-पाकिस्तान बार्डर पर छह राजपूत रेजिमेंट में सिपाही थे। वे पाक सेना की ओर से चलाए स्नाइपर शॉट की गोली लगने से रविवार को शाम 4.40 बजे शहीद हुए थे। सेना के विमान से उनका पार्थिव शरीर मंगलवार को बरेली लाया गया। 
विज्ञापन



इसके बाद दोपहर 2.52 बजे सेना के ही हेलीकॉप्टर से उनका पार्थिव शरीर उनके गांव लाया गया। यहां पर आसपास के गांवों के लोग, जिला प्रशासन के अधिकारी और राजनीतिक हस्तियां पहले से मौजूद थीं। परिजन और ग्रामीण मुख्यमंत्री के आने पर अंतिम संस्कार करने की जिद पकड़ ली। ग्रामीणों के तेवर देख प्रशासन परिजनों की मान-मनौव्वल में जुट गया। लेकिन परिजन अंतिम संस्कार करने को राजी नहीं हुए। इस पर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष फिरोज खां ने मुख्यमंत्री के सचिव को अवगत कराया। 
विज्ञापन
विज्ञापन



पूर्व मंत्री बृजेंद्र पाल सिंह यादव और जिलाध्यक्ष फिरोज खां शहीद परिवार को सीएम से मिलवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद अपर जिलाधिकारी आरपी यादव ने शहीद परिवार के लिए लखनऊ में मुख्यमंत्री से मिलवाए के कार्यक्रम की जानकारी दी। इसके बाद परिजन शाम चार बजे अंतिम संस्कार के लिए तैयार हो गए। इसके बाद देशभक्तों का कारवां नम आखों के बीच शहीद सुधीश को अंतिम विदाई देने के लिए खेल मैदान की ओर बढ़ने लगा। इस दौरान सुधीश तुम्हारा यह बलिदान-याद रखे हिंदुस्तान, जब तक सूरज-चांद रहेगा सुधीश तुम्हारा नाम रहेगा, भारतीय सेना जिंदाबाद-पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारों से पूरा माहौल देशभक्तिमय हो गया। 



इसके बाद खेल के मैदान पर अधिकारियों और नेताओं ने पुष्पचक्र चढ़ाए और सेना की टुकड़ी ने रायफलों से शहीद को सलामी दी। इसके बाद करीब साढ़े पांच बजे सुधीश के सगे भाई अनिल कुमार ने मुखाग्नि दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed