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शहर की सुरक्षा में लगी पुलिस की तीसरी आंख हुईं ‘ब्लाइंड’
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Mon, 05 Dec 2016 01:16 AM IST
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शो रूम प्रबंधक ने इस सीसीटीवी की फुटेज को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है
- फोटो : Demo pic
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पूरे शहर में सुरक्षा के लिए पुलिस ने मुख्य स्थानों पर सीसीटीवी लगाए थे। लेकिन ये तीसरी आंख अब ब्लाइंड हो चुकी है।
कोई त्योहार हो या कोई धार्मिक आयोजन अतिरिक्त सतर्कता बरती जाती है लेकिन रखरखाव के अभाव में शहर की सुरक्षा के एहतियाती इंतजाम फेल हो गए हैं। शहर के विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे या तो खराब हो गए हैं या फिर उनका संचालन बंद हो गया है।
ऐसे में आप समझ सकते हैं कि सुरक्षा को कितना गंभीर खतरा है। हैरत की बात तो यह है कि अधिकारियों को इस बात का संज्ञान है पर वे संवदेनशील संभल की सुरक्षा के प्रति कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। अगर ध्यान दिया गया होता तो इतने दिनों तक सीसीटीवी कैमरे खराब नहीं रहते। स्थानीय कोतवाली के स्तर पर जिला स्तर पर पुलिस लाइन के लिए पत्र लिख दिए गए हैं पर कैमरे अब तक चालू नहीं हो सके हैं। जनता का सवाल यह है कि बात-बात पर संवेदनशील संभल में पुलिस बल तैनात करने वाले अफसर शहर की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी की कैमरों की यूनिट बंद होने के बाद भी चुप क्यों हैं?
स्थान- चंदौसी चौराहा - यहां पर दो कैमरे लगे हैं। दोनों खराब हैं। जबकि चंदौसी चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से मुरादाबाद-संभल, संभल चंदौसी और संभल के भीतरी इलाकों में जाने वाले ट्रैफिक व लोगों पर पूरी नजर रखी जा सकती है।
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स्थान- शंकर चौराहा - यहां पर चार कैमरे लगे हैं। संभल का यह सबसे मुख्य चौराहा है जहां से एक दिन में कई हजार लोग गुजरते हैं। उनकी तस्वीरें सीवीसीटी कैमरे में आटोमैटिक तरीके से कैद हो रहीं थीं लेकिन अब इस पर ब्रेक लग गया है।
स्थान- चौधरी सराय पुलिस चौकी - हसनपुर रोड पर पुलिस चौकी की बैरिक की तरफ दो कैमरे लगे हैं जिनके माध्यम से हसनपुर मार्ग और आदमपुर मार्ग पर निगाह रखी जाती थी। इसी चौकी की छत पर दो कैमरे लगाए गए थे। जिससे चौकी के ठीक सामने का नजारा देखा जा सकता था। यदि यह कैमरे काम कर रहे होते तो पुलिस को उन उपद्रवी तत्वों की फोटो आसानी से मिल गए होते जिन्होंने जायरीनों के साथ हुई मारपीट के बाद पुलिस पर पथराव किया था।
स्थान-कोतवाली - कोतवाली के मेन गेट और बाजार की ओर दो कैमरे लगे हैं। दोनों कैमरे काम नहीं कर रहे हैं। अगर बाजार में कोई घटना होती है तो घटना करने वाले व्यक्ति कैमरे में कैद नहीं हो पाएंगे। क्योंकि पुलिस ने कैमरे ठीक कराने का कोई इंतजाम नहीं किया है।
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कोई त्योहार हो या कोई धार्मिक आयोजन अतिरिक्त सतर्कता बरती जाती है लेकिन रखरखाव के अभाव में शहर की सुरक्षा के एहतियाती इंतजाम फेल हो गए हैं। शहर के विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे या तो खराब हो गए हैं या फिर उनका संचालन बंद हो गया है।
ऐसे में आप समझ सकते हैं कि सुरक्षा को कितना गंभीर खतरा है। हैरत की बात तो यह है कि अधिकारियों को इस बात का संज्ञान है पर वे संवदेनशील संभल की सुरक्षा के प्रति कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। अगर ध्यान दिया गया होता तो इतने दिनों तक सीसीटीवी कैमरे खराब नहीं रहते। स्थानीय कोतवाली के स्तर पर जिला स्तर पर पुलिस लाइन के लिए पत्र लिख दिए गए हैं पर कैमरे अब तक चालू नहीं हो सके हैं। जनता का सवाल यह है कि बात-बात पर संवेदनशील संभल में पुलिस बल तैनात करने वाले अफसर शहर की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी की कैमरों की यूनिट बंद होने के बाद भी चुप क्यों हैं?
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स्थान- चंदौसी चौराहा - यहां पर दो कैमरे लगे हैं। दोनों खराब हैं। जबकि चंदौसी चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से मुरादाबाद-संभल, संभल चंदौसी और संभल के भीतरी इलाकों में जाने वाले ट्रैफिक व लोगों पर पूरी नजर रखी जा सकती है।
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स्थान- शंकर चौराहा - यहां पर चार कैमरे लगे हैं। संभल का यह सबसे मुख्य चौराहा है जहां से एक दिन में कई हजार लोग गुजरते हैं। उनकी तस्वीरें सीवीसीटी कैमरे में आटोमैटिक तरीके से कैद हो रहीं थीं लेकिन अब इस पर ब्रेक लग गया है।
स्थान- चौधरी सराय पुलिस चौकी - हसनपुर रोड पर पुलिस चौकी की बैरिक की तरफ दो कैमरे लगे हैं जिनके माध्यम से हसनपुर मार्ग और आदमपुर मार्ग पर निगाह रखी जाती थी। इसी चौकी की छत पर दो कैमरे लगाए गए थे। जिससे चौकी के ठीक सामने का नजारा देखा जा सकता था। यदि यह कैमरे काम कर रहे होते तो पुलिस को उन उपद्रवी तत्वों की फोटो आसानी से मिल गए होते जिन्होंने जायरीनों के साथ हुई मारपीट के बाद पुलिस पर पथराव किया था।
स्थान-कोतवाली - कोतवाली के मेन गेट और बाजार की ओर दो कैमरे लगे हैं। दोनों कैमरे काम नहीं कर रहे हैं। अगर बाजार में कोई घटना होती है तो घटना करने वाले व्यक्ति कैमरे में कैद नहीं हो पाएंगे। क्योंकि पुलिस ने कैमरे ठीक कराने का कोई इंतजाम नहीं किया है।