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Sambhal News: संभल की सिवई दूसरे जिलों में घोलेगी मिठास

Fri, 21 Mar 2025 12:40 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल Updated Fri, 21 Mar 2025 12:40 AM IST
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Sevi of Sambhal will spread sweetness in other districts
संभल।
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संभल और हयातनगर में बनने वाली सिवइयां जिले में ही नहीं दूसरे जनपदों में भी मिठास घोलेगी। यहां बनने वाली सिवई की डिमांड दिल्ली, अलीगढ़, मुरादाबाद, बदायूं समेत आसपास क्षेत्रों में है। फैक्टरी में ऑर्डर पूरे करने के लिए दिनरात काम किया जा रहा है। अभी तक 200 टन सिवई का ऑर्डर फैक्टरी को मिला है।
संभल के खग्गू सराय में करीब 15 साल से सिवई बनाने का काम किया जा रहा है। फैक्टरी मालिक शान बारिस ने बताया कि उन्होंने साल 2009 में सिवई फैक्टरी लगाई। शुरुआत में अपनी फैक्टरी की सिवई संभल समेत आसपास के शहरों में सप्लाई की गई। लोगों ने भी खूब पसंद किया। कुछ ही समय में संभल की सिवइयों को डिमांड दूसरे जिलों में भी होने लगी। आज दिल्ली, अलीगढ़, मुरादाबाद, अमरोहा, रामपुर समेत दूसरे जनपदों के बाजार में सेवइयों की खूब मांग है। रमजान शुरू होने से एक महीने पहले सेवइयों के ऑर्डर आने शुरू हो जाते है। जिसे पूरा करने के लिए कारीगर दिनरात लगे रहते हैं। बारिस बताते हैं कि सिवई के गुणवत्ता की वजह से संभल की सिवइयों की मांग दूसरे जिलों में है। कारीगार ऑर्डर पूरे करने के लिए दिनरात काम कर रहे हैं।
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मौसम की अहम भूमिका
- सिवई तैयार करने में मौसम की अहम भूमिका रहती है। दरअसल सिवइयां बनाने के लिए सबसे पहले मैदे को मशीन में गूंथा जाता है। इसके बाद मशीन से सिवइयां तैयार की जाती हैं। इन्हें सूखने में 8 -10 घंटे लगते हैं। सर्दियों के समय सिवई सूखने में अधिक समय लगता है। धूप में सिवई सूखने के बाद भट्ठी पर सेंकी जाती है। इसके बाद अलग-अलग वजन के पैकेट में सिवई पैक कर बाजार में उतार दिया जाता है।
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शत प्रतिशत शुद्ध होती है सिवई
- सिवई बनाने में किसी प्रकार का केमिकल या ऑयल नहीं मिलाया जाता है। इसे बनाने में केवल पानी और मैदे का उपयोग किया जाता है। यही वजह है कि सिवई खाने से कोई नुकसान नहीं होता है। बशर्ते मैदा की क्वालिटी अच्छी होनी होनी चाहिए।

लखीमपुर और बिहार के कारीगर बनाते हैं सिवई
- संभल और हयातनगर की सिवई फैक्टरी में लखीमपुर और बिहार के कारीगर काम करते हैं। इसके अलावा स्थानीय कारीगर में काम में सहयोग करते हैं। फैक्टरी में सिवई बनाने का काम रमजान के एक महीने पहले शुरू कर दिया जाता है।
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