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Sambhal News: एसडीएम पर लगाया दुर्व्यहार का आरोप, धरने पर बैठे
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गुन्नौर। भाकियू टिकैट की मासिक पंचायत का आयोजन मंगलवार को तहसील परिसर में हुआ। पंचायत के दौरान उपजिलाधिकारी पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए भाकियू कार्यकर्ताओं ने मासिक पंचायत को अनिश्चितकालीन धरने में बदल दिया। जिसके बाद क्षेत्राधिकार के आश्वासन पर धरने को स्थगित कर दिया गया।
मंगलवार को भाकियू टिकैत के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मासिक पंचायत के लिए तहसील परिसर में एकत्रित हुए। मासिक पंचायत में चकबंदी विभाग, बिजली विभाग, छुट्टा पशु, के अलावा स्वास्थ्य विभाग पर चर्चा की गई। पंचायत में बताया गया कि तहसील के अधिकारी किसानों की अनदेखी कर रहे हैं। किसानों की समस्यायों का समाधान नही किया जा रहा है। तहसील में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। तहसील के गांवों में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। चकबंदी विभाग के द्वारा किसानों को चक के नाम पर गुमराह किया जा रहा है। किसानों को बिना बताए उनके चक में फेर बदल कर दिया जाता है। बिजली विभाग के द्वारा किसानों पर अवैध रूप से फर्जी मुकदमे डाल दिए गए है। जिसमें बिजली विभाग के कर्मचारी किसानों से अवैध वसूली करते है।
इस दौरान उप जिलाधिकारी मासिक पंचायत में आ गए और धारा 144 की बात कहते हुए अनुमति लेने का प्रश्न किया। जिस पर भाकियू टिकैत के कार्यकर्ता नाराज हो गए और उपजिलाधिकारी पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए मासिक पंचायत को धरने में बदल दिया। तहसील प्रशासन के साथ में दो बार संगठन के पदाधिकारियों ने वार्ता की। लेकिन सहमति न बनने पर मासिक पंचायत को अनिश्चितकालीन धरने में परिवर्तित कर दिया। जिला मीडिया प्रभारी केपी यादव ने बताया कि उपजिलाधिकारी द्वारा दुर्व्यवहार किया गया है। इसलिए पंचायत को अनिश्चितकालीन धरने में बदल दिया गया है। देर शाम क्षेत्राधिकारी गुन्नौर आलोक सिद्दू के आश्वासन के बाद पदाधिकारियों ने धरने को स्थगित कर दिया। पंचायत की अध्यक्षता हेतराम सिंह तथा संचालन जिला संगठन मंत्री नरेश शर्मा ने किया। इस मौके पर तहसील अध्यक्ष अमर सिंह राजपूत, मुकेश यादव आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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मंगलवार को भाकियू टिकैत के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मासिक पंचायत के लिए तहसील परिसर में एकत्रित हुए। मासिक पंचायत में चकबंदी विभाग, बिजली विभाग, छुट्टा पशु, के अलावा स्वास्थ्य विभाग पर चर्चा की गई। पंचायत में बताया गया कि तहसील के अधिकारी किसानों की अनदेखी कर रहे हैं। किसानों की समस्यायों का समाधान नही किया जा रहा है। तहसील में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। तहसील के गांवों में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। चकबंदी विभाग के द्वारा किसानों को चक के नाम पर गुमराह किया जा रहा है। किसानों को बिना बताए उनके चक में फेर बदल कर दिया जाता है। बिजली विभाग के द्वारा किसानों पर अवैध रूप से फर्जी मुकदमे डाल दिए गए है। जिसमें बिजली विभाग के कर्मचारी किसानों से अवैध वसूली करते है।
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इस दौरान उप जिलाधिकारी मासिक पंचायत में आ गए और धारा 144 की बात कहते हुए अनुमति लेने का प्रश्न किया। जिस पर भाकियू टिकैत के कार्यकर्ता नाराज हो गए और उपजिलाधिकारी पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए मासिक पंचायत को धरने में बदल दिया। तहसील प्रशासन के साथ में दो बार संगठन के पदाधिकारियों ने वार्ता की। लेकिन सहमति न बनने पर मासिक पंचायत को अनिश्चितकालीन धरने में परिवर्तित कर दिया। जिला मीडिया प्रभारी केपी यादव ने बताया कि उपजिलाधिकारी द्वारा दुर्व्यवहार किया गया है। इसलिए पंचायत को अनिश्चितकालीन धरने में बदल दिया गया है। देर शाम क्षेत्राधिकारी गुन्नौर आलोक सिद्दू के आश्वासन के बाद पदाधिकारियों ने धरने को स्थगित कर दिया। पंचायत की अध्यक्षता हेतराम सिंह तथा संचालन जिला संगठन मंत्री नरेश शर्मा ने किया। इस मौके पर तहसील अध्यक्ष अमर सिंह राजपूत, मुकेश यादव आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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