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सरकारी अस्पताल सरायतरीन में बंद मिला ताला
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Fri, 14 Oct 2016 01:02 AM IST
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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मरीजों को उपचार उपलब्ध कराने का वादा कर रहे हैं। मगर जमीनी स्तर पर हकीकत कुछ और ही है। नगर के अस्पतालों में मरीजों को बेहतर उपचार नहीं मिल पा रहा है। मरीज हर दिन सरकारी अस्पतालों में उपचार कराने के लिए पहुंच रहे हैं मगर कई अस्पतालों में डॉक्टर न मिलने के चलते मरीजों को बैंरग लौटना पड़ रहा है। गुरुवार को जब जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व नगरीय स्वास्थ्य केंद्र सरायतरीन की पड़ताल की गई तो सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कलई खुल गई।
जिला अस्पताल में दोपहर 12.00 बजे कक्ष नंबर 15 और 19 में ताला लगा हुआ था। एक डॉक्टर कक्ष नंबर 18 में थे। एक अकेले डॉक्टर को दिखाने के लिए मरीज धक्का मुक्की कर रहे थे। युवा मरीज तो धक्का मुक्की करते हुए डॉक्टर के पास तक पहुंच रहे थे लेकिन बुजुर्ग मरीज नंबर आने के इंतजार में बैठे हुए थे। कुछ मरीज थक कर जमीन पर नीचे ही बैठ गए। एक मरीज लेट गया। एक्सरे कक्ष खुला था लेकिन डॉक्टर मौजूद नहीं थे। जबकि कई मरीज एक्सरे कराने के लिए खड़े थे। दवाई वितरण काउंटर पर भी मरीज दवाई लेने के लिए धक्का मुक्की कर रहे थे।
संभल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 12.20 बजे जाकर देखा तो एक संविदा डॉक्टर मरीजों का उपचार कर रहे थे। एक महिला डॉक्टर, महिला मरीजों को देख रहे थी। मरीज दवाई लेने के लिए परेशान थे। कुछ मरीज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर कम होने की वजह से जिला अस्पताल चले गए। कुछ मरीज अस्पताल में बैठ कर ही नंबर आने का इंतजार कर रहे थे।
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नगरीय स्वास्थ्य केंद्र सरायतरीन की पड़ताल की गई। एक बजे ही अस्पताल में ताला लटका हुआ था। मरीज अस्पताल में ताला लटका देख लौट रहे थे। जो मरीज प्राइवेट अस्पतालों में उपचार कराने में सक्षम थे वह प्राइवेट अस्पतालों में रूख कर रहे थे। जबकि जो मरीज प्राइवेट अस्पताल में उपचार नहीं ैरा सकते थे व अपने घरों का लौट रहे थे। वहीं, विभाग की ओर से जानकारी दी गई है कि हयातनगर, रायसत्ती में हेल्थ कैंप लगाए जाने की वजह से सरायतरीन का नगरीय स्वास्थ्य केंद्र बंद था।
जिला अस्पताल में दो बार दवाई लेने के लिए आया हूं। दोनों बार डॉक्टरों के इंतजार में खड़े होकर लौट गया लेकिन पडॉक्टर नहीं मिले। बुधवार को बुखार आ गया था। ऐसे में फिर से दवाई लेने के लिए जिला अस्पताल आया हूं। अब भी दो घंटे लाइन में खड़े हुए हो गए हैं। मगर अभी तक नंबर नहीं आया है।
सतवीर सिंह, निवासी हल्लू सराय
अस्पताल में डॉक्टरों की कमी है। गुरुवार को अस्पताल में डॉ. सुनील त्यागी व एक महिला डॉक्टर ही मौजूद थीं। डॉक्टर की कमी होने के चलते मरीजों को इंतजार करना पड़ता है।-डॉ. जुहेब करीम, सीएचसी प्रभारी संभल।
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जिला अस्पताल में दोपहर 12.00 बजे कक्ष नंबर 15 और 19 में ताला लगा हुआ था। एक डॉक्टर कक्ष नंबर 18 में थे। एक अकेले डॉक्टर को दिखाने के लिए मरीज धक्का मुक्की कर रहे थे। युवा मरीज तो धक्का मुक्की करते हुए डॉक्टर के पास तक पहुंच रहे थे लेकिन बुजुर्ग मरीज नंबर आने के इंतजार में बैठे हुए थे। कुछ मरीज थक कर जमीन पर नीचे ही बैठ गए। एक मरीज लेट गया। एक्सरे कक्ष खुला था लेकिन डॉक्टर मौजूद नहीं थे। जबकि कई मरीज एक्सरे कराने के लिए खड़े थे। दवाई वितरण काउंटर पर भी मरीज दवाई लेने के लिए धक्का मुक्की कर रहे थे।
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संभल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 12.20 बजे जाकर देखा तो एक संविदा डॉक्टर मरीजों का उपचार कर रहे थे। एक महिला डॉक्टर, महिला मरीजों को देख रहे थी। मरीज दवाई लेने के लिए परेशान थे। कुछ मरीज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर कम होने की वजह से जिला अस्पताल चले गए। कुछ मरीज अस्पताल में बैठ कर ही नंबर आने का इंतजार कर रहे थे।
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नगरीय स्वास्थ्य केंद्र सरायतरीन की पड़ताल की गई। एक बजे ही अस्पताल में ताला लटका हुआ था। मरीज अस्पताल में ताला लटका देख लौट रहे थे। जो मरीज प्राइवेट अस्पतालों में उपचार कराने में सक्षम थे वह प्राइवेट अस्पतालों में रूख कर रहे थे। जबकि जो मरीज प्राइवेट अस्पताल में उपचार नहीं ैरा सकते थे व अपने घरों का लौट रहे थे। वहीं, विभाग की ओर से जानकारी दी गई है कि हयातनगर, रायसत्ती में हेल्थ कैंप लगाए जाने की वजह से सरायतरीन का नगरीय स्वास्थ्य केंद्र बंद था।
जिला अस्पताल में दो बार दवाई लेने के लिए आया हूं। दोनों बार डॉक्टरों के इंतजार में खड़े होकर लौट गया लेकिन पडॉक्टर नहीं मिले। बुधवार को बुखार आ गया था। ऐसे में फिर से दवाई लेने के लिए जिला अस्पताल आया हूं। अब भी दो घंटे लाइन में खड़े हुए हो गए हैं। मगर अभी तक नंबर नहीं आया है।
सतवीर सिंह, निवासी हल्लू सराय
अस्पताल में डॉक्टरों की कमी है। गुरुवार को अस्पताल में डॉ. सुनील त्यागी व एक महिला डॉक्टर ही मौजूद थीं। डॉक्टर की कमी होने के चलते मरीजों को इंतजार करना पड़ता है।-डॉ. जुहेब करीम, सीएचसी प्रभारी संभल।