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जिले में नहीं हो रही बाहर से आने वालों की सैंपलिंग
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संभल के चौधरी सराय में दिल्ली से आई रोडवेज बस से उतरते यात्री।
- फोटो : SAMBHAL
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दिल्ली और एनसीआर में कोरोना के मामले बढ़ने लगे हैं। इससे संभल जिले के लिए भी खतरा बढ़ने लगा है। दिल्ली और एनसीआर से आने जाने वाले लोग संभल जिले में काफी है। जो यात्री आ रहे हैं उनकी जांच नहीं कराई जा रही। जबकि इस लापरवाही से खतरा बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि प्रतिदिन एक हजार लोगों की जांच की जा रही है, लेकिन यह जांच मुख्य स्थानों पर दिखाई नहीं पड़ रही।
बुधवार को अमर उजाला की टीम ने पड़ताल की तो सामने आया कि संभल के चौधरी सराय और चंदौसी चौराहे पर जो रोडवज बसों से यात्री उतरे वह दिल्ली और एनसीआर से लौटे हैं। इन यात्रियों ने तो मास्क लगाया हुआ था लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से इनकी कोरोना जांच के नमूने लेने के लिए कोई मौजूद नहीं था। ऐसे में दिल्ली और नोएडा से संभल जिले में आने वाले यात्रियों से कोरोना का खतरा बढ़ रहा है। अनुमान के मुताबिक हर दिन संभल जिले में दिल्ली और एनसीआर से आने वालों की संख्या एक हजार पार हो सकती है। यदि एक भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित हुआ तो वह अन्य लोगों तक संक्रमण पहुंचा सकता है। मुख्य चिकित्साधिकारी का दावा है कि गुरुवार से बाहर से आने वाले यात्रियों की भी जांच के लिए नमूने एकत्र किए जाएंगे।
जिले में पांच कोविड अस्पताल और ऑक्सीजन प्लांट तैयार
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. पंकज विश्नोई का कहना है कि हर दिन जिले में एक हजार लोगों की जांच की जा रही है। सरकारी अस्पताल आने वाले लक्षण वाले मरीजों के नमूने लेकर कोरोना की जांच कराई जा रही है। बताया कि कोरोना संक्रमण से निबटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तैयारी पूरी है। पांच कोविड अस्पताल तैयार हैं और इन पांच अस्पताल में 490 बेड की व्यवस्था है। ऑक्सीजन प्लांट भी लगे हुए हैं।
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कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ा है। जांच के लिए टीमें लगी हुई हैं। बाहर से आने वाले यात्रियों की जांच के लिए गुरुवार से टीमें लगाई जाएंगी। जिससे कोरोना संक्रमण के खतरे को टाला जा सके।
डा. पंकज विश्नोई, मुख्य चिकित्साधिकारी, संभल
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बुधवार को अमर उजाला की टीम ने पड़ताल की तो सामने आया कि संभल के चौधरी सराय और चंदौसी चौराहे पर जो रोडवज बसों से यात्री उतरे वह दिल्ली और एनसीआर से लौटे हैं। इन यात्रियों ने तो मास्क लगाया हुआ था लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से इनकी कोरोना जांच के नमूने लेने के लिए कोई मौजूद नहीं था। ऐसे में दिल्ली और नोएडा से संभल जिले में आने वाले यात्रियों से कोरोना का खतरा बढ़ रहा है। अनुमान के मुताबिक हर दिन संभल जिले में दिल्ली और एनसीआर से आने वालों की संख्या एक हजार पार हो सकती है। यदि एक भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित हुआ तो वह अन्य लोगों तक संक्रमण पहुंचा सकता है। मुख्य चिकित्साधिकारी का दावा है कि गुरुवार से बाहर से आने वाले यात्रियों की भी जांच के लिए नमूने एकत्र किए जाएंगे।
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जिले में पांच कोविड अस्पताल और ऑक्सीजन प्लांट तैयार
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. पंकज विश्नोई का कहना है कि हर दिन जिले में एक हजार लोगों की जांच की जा रही है। सरकारी अस्पताल आने वाले लक्षण वाले मरीजों के नमूने लेकर कोरोना की जांच कराई जा रही है। बताया कि कोरोना संक्रमण से निबटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तैयारी पूरी है। पांच कोविड अस्पताल तैयार हैं और इन पांच अस्पताल में 490 बेड की व्यवस्था है। ऑक्सीजन प्लांट भी लगे हुए हैं।
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कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ा है। जांच के लिए टीमें लगी हुई हैं। बाहर से आने वाले यात्रियों की जांच के लिए गुरुवार से टीमें लगाई जाएंगी। जिससे कोरोना संक्रमण के खतरे को टाला जा सके।
डा. पंकज विश्नोई, मुख्य चिकित्साधिकारी, संभल