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संभल हिंसा: उपद्रवियों के पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल, नकाबपोश पत्थरबाजों की पहचान करना बन रहा चुनौती

Tue, 03 Dec 2024 01:45 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, संभल
अमर उजाला नेटवर्क, संभल Published by: विमल शर्मा Updated Tue, 03 Dec 2024 01:45 PM IST
सार

संभल पुलिस ने बवाल में शामिल 300 उपद्रवियों की पहचान कर उनके पोस्टर जारी किए हैं, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। जल्द ही ये पोस्टर सार्वजनिक स्थानों पर भी लगाए जाएंगे।

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Sambhal violence: Posters rioters viral social media, identifying masked stone pelters becoming challenge
संभल हिंसा में शामिल आरोपियों की पुलिस ने तस्वीर जारी की हैं - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

संभल पुलिस ने भले प्रमुख चौराहों पर उपद्रवियों के पोस्टर चस्पा नहीं किए हैं लेकिन जो पुलिस द्वारा जारी किए गए हैं वह सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इससे यह तो स्पष्ट है कि उपद्रवियों की पहचान तेजी से हो पाएगी। वहीं दूसरी ओर पुलिस इन उपद्रवियों के पोस्टर सार्वजनिक प्रमुख स्थानों पर भी चस्पा करेगी।

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24 नवंबर की सुबह जामा मस्जिद पर बवाल किया गया। इस दौरान उपद्रवी वीडियो और फोटो में कैद हो गए। इसके अलावा जहां जहां से होकर गुजरे वहां लगे सीसीटीवी कैमरे भी दिखाई दिए। पुलिस ने इन्हीं वीडियो और फोटो से 300 चेहरे पहचान लिए हैं। अन्य चेहरे पहचानने का प्रयास किया जा रहा है।
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जो पहचान लिए गए हैं उनके पोस्टर जारी किए हैं। अब यह पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। एसपी ने बताया कि उपद्रवियों की पहचान के लिए टीम काम कर रही है। प्रक्रिया को पूरा करने के बाद सार्वजनिक स्थानों पर भी उपद्रवियों के पोस्टर लगाए जाएंगे।

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Sambhal violence: Posters rioters viral social media, identifying masked stone pelters becoming challenge
संभल में हिंसा के बाद स्थिति - फोटो : संवाद

सर्वे रिपोर्ट की समीक्षा कर रहे कोर्ट कमिश्नर

जामा मस्जिद सर्वे की रिपोर्ट कोर्ट कमिश्नर रमेश सिंह राघव जल्द पेश करेंगे। इसके लिए वह पूरी सर्वे रिपोर्ट की समीक्षा कर रहे है। चंदौसी स्थित जिला न्यायालय की सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट से दस दिन का समय 29 नवंबर को दिया गया था।

अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश हैं कि सर्वे रिपोर्ट सील बंद लिफाफे में बंद कर पेश की जाएगी। कोर्ट कमिश्रर ने बताया कि वह रिपोर्ट को तैयार कर रहे हैं। तय समय सीमा में रिपोर्ट पेश की जाएगी। मालूम हो 19 और 24 नवंबर को जामा मस्जिद का सर्वे कोर्ट कमिश्रर द्वारा किया गया था। उसी की रिपोर्ट पेश की जानी है।

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चंदाैसी में कोर्ट परिसर में बढ़ाई गई सुूरक्षा - फोटो : संवाद

नकाबपोश उपद्रवियों की पहचान करना बना चुनौती

जामा मस्जिद, नखासा तिराहा और हिंदूपुरा खेड़ा इलाके में उपद्रव करने वाले उपद्रवियों के फोटो और वीडियो पुलिस के पास हैं। इन सभी वीडियो और फोटो के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। 300 चेहरे पहचाने जा चुके हैं। अन्य चेहरे पहचानने के लिए पुलिस की टीम प्रयास कर रही है।

इसके लिए सूत्रों की भी मदद ली जा रही है। इसमें सबसे बड़ी चुनौती पुलिस के लिए नकाबपोश उपद्रवी हैं जो किसी भी कैमरे में बिना नकाब के नजर नहीं आ रहे हैं। उनकी पहचान के लिए टीमें काम कर रही हैं। जिससे नकाबपोश पकड़ में आ सकें। एसपी का कहना है कि जो उपद्रव में शामिल रहे हैं उनकी फिलहाल पहचान कराई जा रही है।

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हिंसा के बाद पटरी पर आने लगा संभल - फोटो : संवाद

सबूत एकत्र करने में जुटी पुलिस

उपद्रव में लाखों रुपये की क्षति हुई है। आगजनी के दौरान वाहनों को फूंक दिया गया। इन सभी घटनाक्रम के वीडियो और फोटो पुलिस के पास हैं। जिन उपद्रवियों ने यह उपद्रव किया है। उनके खिलाफ पुलिस पहले सबूत एकत्र कर रही है। पुलिस-प्रशासन के अधिकारी कह चुके हैं कि सबूत पहले एकत्र हो जाएं उसके बाद उपद्रवियों की गिरफ्तारी की जाएगी। इसलिए ही गिरफ्तारी करने में पुलिस जल्दबाजी नहीं दिखा रही है।

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संभल में हिसा के बाद पुलिस बल - फोटो : संवाद

बिजली के तार जलाने के मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं

जामा मस्जिद के पीछे वाहनों को फूंकने के दौरान बिजली के तार भी जले थे। इन तारों के जलने का आकलन बिजली विभाग द्वारा किया गया तो करीब दो लाख रुपये का नुकसान सामने आया। एसडीओ शहर द्वारा कोतवाली में घटना के अगले दिन 25 नवंबर को तहरीर दी गई, लेकिन अभी तक पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि अधिकारियों के निर्देश मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।

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