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Sambhal : अंतिम संस्कार रोकने पर हंगामा, परिजनों ने जाम लगाया, पहुंची दो थानों की पुलिस
Wed, 19 Oct 2022 01:14 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, संभल
अमर उजाला नेटवर्क, संभल
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 19 Oct 2022 01:14 AM IST
सार
Sambhal:सरायतरीन (संभल) में निजी जमीन बताते हुए एक व्यक्ति ने ग्रामीण के शव का अंतिम संस्कार रोक दिया। इसको लेकर मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई और हंगामा होने लगा। परिजनों ने भी अंतिम संस्कार रोकने का विरोध जताते हुए जाम लगा दिया।
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- फोटो : Social Media
विस्तार
सरायतरीन (संभल) में निजी जमीन बताते हुए एक व्यक्ति ने ग्रामीण के शव का अंतिम संस्कार रोक दिया। इसको लेकर मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई और हंगामा होने लगा। परिजनों ने भी अंतिम संस्कार रोकने का विरोध जताते हुए जाम लगा दिया।
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जानकारी पर पहुंची दो थानों की पुलिस ने स्थिति संभाली। तहसीलदार ने पैमाइश करते हुए जमीन ग्राम समाज की बताई, तब जाकर मामला शांत हुआ और पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीण का अंतिम संस्कार किया गया।
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मामला बहजोई थाना क्षेत्र के गांव पवांसा का है। सोमवार रात पवांसा निवासी रामरतन (62) का बीमारी से निधन हो गया था। परिजन मंगलवार सुबह गांव के बाहर श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार करने पहुंचे। यहां जिस स्थान पर अंतिम संस्कार होना था, वहां पानी भरा था। जिस वजह से दूसरे स्थान पर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू की गई।
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तभी गांव निवासी एक व्यक्ति ने जमीन अपनी बताते हुए अंतिम संस्कार रोक दिया। इस पर काफी हंगामा हुआ। परिजनों ने शव संभल-बहजोई रोड पर रखकर जाम लगा दिया। करीब 25 मिनट तक आवागमन बंद हो गया। बहजोई और हयातनगर थाने की पुलिस ने जाम खुलवाया और शव अंतिम संस्कार कराने के लिए श्मशान घाट ले गए। जहां तहसीलदार मनोज कुमार ने लेखपाल से मौके पर पैमाइश कराई। जिस जमीन को निजी बताया गया, वह हिस्सा ग्राम समाज का निकला। वहीं पर अंतिम संस्कार हुआ।
बहजोई थाना प्रभारी पंकज लावानिया ने बताया कि जाम लगाने का प्रयास किया गया था। जाम नहीं लगाया था। जिस जमीन को ग्रामीण निजी बता रहा था। वह पैमाइश के दौरान ग्राम समाज की निकली। उसी जगह अंतिम संस्कार हुआ है।