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संभल बवाल : सीओ अनुज चौधरी व कोतवाल समेत अन्य के खिलाफ कोर्ट पहुंचा बवाल के घायल का पिता

Wed, 05 Feb 2025 01:43 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल Updated Wed, 05 Feb 2025 01:43 AM IST
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Sambhal riot: Father of the injured person reaches court against CO Anuj Choudhary, Kotwal and others
चंदौसी (संभल)। संभल बवाल में घायल हुए मोहल्ला नखासा निवासी आलम का पिता यामीन मंगलवार को सीओ अनुज चौधरी समेत 15-20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ सीजेएम न्यायालय पहुंच गया है। आरोप लगाया कि संभल सीओ और संभल कोतवाली प्रभारी समेत 15-20 पुलिसकर्मियों ने संभल बवाल के दौरान उसके बेटे पर जान से मारने की नियत से हमला किया था। जिसमें बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया था। कोर्ट ने संभल कोतवाली से 17 फरवरी तक आख्या मांगी है।
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अधिवक्ता कमर हुसैन ने बताया कि मोहल्ला नखासा अंजुमन मदरसे के सामने के रहने वाले आलम के पिता यामीन ने कोतवाली संभल प्रभारी अनुज कुमार तोमर व सीओ अनुज चौधरी और 15-20 अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ जान से मारने की नियत से आलम को घायल कर दिया था। इस संबंध में प्रार्थना पत्र न्यायालय में दिया गया है। जिसमें बताया गया कि यामीन एक मजदूर है और उसका पुत्र आलम ठेले पर बिस्कुट बेचने का कार्य करता है। 24 नवंबर की सुबह आठ बजे आलम घर से तीन पहियों का ठेला लेकर बिस्कुट बेचने के लिए गया था। सुबह पौने नौ बजे जामा मस्जिद मोहल्ला कोट के पास पहुंचा तो सीओ अनुज चौधरी व संभल कोतवाली के इंस्पेक्टर अनुज कुमार तोमर समेत 15-20 पुलिस कर्मियों ने भीड़ पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। आलम अपने ठेले को छोड़कर जान बचाने के लिए भागा। आलम को पुलिस की दो गोली पीठ में और एक हाथ में लगी। आलम को काफी गंभीर चोटें आयीं। किसी भी डॉक्टर ने उसका उपचार नहीं किया। वह तीन दिन तक पुलिस के डर से घर में ही रहा। मुरादाबाद और अलीगढ़ के अस्पतालों ने भी पुलिस प्रशासन के दबाव में उपचार करने से मना कर दिया। बाद में मेरठ के एक अस्पताल में पता छिपा कर उसकी गोली निकाली गईं। तब जाकर आलम की जान बची। न्यायालय ने इस संबंध में कोतवाली संभल से 17 फरवरी तक आख्या मांगी है।
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