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संभल में सैयद फिरोजशाह के किले का होगा कायाकल्प

Wed, 22 Nov 2017 02:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
ब्यूरो/अमर उजाला संभल Updated Wed, 22 Nov 2017 02:07 AM IST
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sambhal me sayed fhirojshah ke kile ka hoga kayakalp
संभल के ‌फिरोजपुर गांव में बना ऐतिहासिक पुराना किला - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला संभल
फिरोजपुर स्थित किले पर संरक्षित स्मारक का बोर्ड लगाने के बाद पुरातत्व विभाग भूल गया था। लेकिन, विभाग की ओर से अब उसी किले को सुरक्षित और संरक्षित की कार्ययोजना पर अमल शुरू हुआ है। किले की मरम्मत और चहारदीवारी पर 1.40 करोड़ रुपये खर्च होंगे। चहारदीवारी का काम शुरू हो गया।
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फिरोजपुर गांव में सैयद फिरोज शाह द्वारा बनवाया किला उनकी याद को ताजा करता हैं। किले का निर्माण 1643 में कराया गया था। धीरे-धीरे किले कीहालत जर्जर हो गई। पुरातत्व विभाग ने अब इसकी हालत पर गौर किया है। किले की मरम्मत के लिए 1.40 करोड़ का बजट जारी कर दिया है। एक निजी कंपनी को किले की बाउंड्री और मरम्मत की जिम्मेदारी दी गई है। जल्द किला नया रूप में देखने को मिलेगा।
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संभल जिले के फिरोजपुर गांव में शाहजहां के सेनापति सैयद फिरोज शाह यहां आकर बसे थे। बताया जाता है कि आगरा में दुश्मनों की घेराबंदी किए जाने के बाद सैयद फिरोज खां ने फिरोजपुर में अपने ठहरने के लिए खुशनुमा किले का निर्माण कराया था। इसलिए सैयद फिरोज शाह के ही नाम से इसगांव का नाम फिरोजपुर रखा गया। किले के भीतर भूमि पर एक बुर्ज और कुआं बना है। निकट ही मस्जिद है। किले और मस्जिद दोनों पुरातत्व विभाग से संरक्षित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि देखरेख न होने की वजह से किले की हालत जर्जर बनी हुई थी।
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पुरातत्व विभाग की अनदेखी के चलते किला खंडहर बन चुका है। कुछ ग्रामीणों ने किले की भूमि पर उपले पाथ रखे थे। अब पुरातत्व विभाग ने किले के निर्माण कार्य के लिए 1.40 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। जिससे पुरानी धरोहर को संरक्षित रखा जा सके। इसके तहत अब किले के चारों और चहारदीवारी कराई जा रही है।


जर्जर हालत होने से आए दिन गिरतीं हैं किले के द्वार की ईंटें
संभल। फिरोजपुर के प्राचीन किले की लंबे समय से जर्जर हालत है। किले के द्वार की ईंटें गिरती रहती हैं। लेकिन किसी भी व्यक्ति या बच्चे महिला के चोट नहीं लगी। किले के आस पास रहने वाले लोग दिन भर किले के द्वार के नीचे से होकर गुजरते रहते हैं।

इस ऐतिहासिक किले का निर्माण सैयद फिरोज शाह ने कराया था। लेकिन कई वर्ष से किले की हालत जर्जर बनी हुई है। अब पुरातत्व विभाग ने संरक्षण के लिए बजट दिया है। किले के चारों ओर बाउंड्री कराई जा रही है। उम्मीद है जल्द किले की हालत सुधरेगी।
मौलाना शरीफ आलम

सैयद फिरोज शाह ने 1643 में किले का निर्माण कराया था। उन्हीं के नाम पर हमारे गांव का नाम फिरोजपुर रखा गया। किले के चारों गंदगी फैली हुई थी। पुरातत्व विभाग ने अब बाउंड्री बनाना शुरू कर दिया है।

साबिर हुसैन

किले के निर्माण के लिए बजट जारी हुआ है। किले की चहारदीवारी कराई जा रही है। किले की बाउंड्री बनाकर उसमें दो गेट भी लगेंगे। इसके अलावा और भी कार्य होंगे। ताकि धरोहर को सुरक्षित रखा जा सके।
मोहित वर्मा संरक्षक, संरक्षण सहायक, पुरातत्व विभाग मेेरठ
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