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सीएचसी की बायोमेट्रिक हाजिरी के सत्यापन में फंसा 28 पीएचसी के स्टाफ का वेतन
सार
वहीं सीएचसी के स्टाफ की हाजिरी के सत्यापन को लेकर जिले के 28 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टाफ में करीब साठ से अधिक चिकित्सक व फार्मासिस्ट समेत अन्य स्टाफ का वेतन भी फंसा हुआ है। रही बात सीएचसी के स्टाफ के वेतन की तो इसके लिए बॉयोमेट्रिक मशीन से स्टाफ की हाजिरी के सत्यापन के बाद वेतन रिलीज करा दिया जाएगा।डॉ. तरन्नुम रजा, सीएमओ, जिला संभल।सीएचसी पर लगी बॉयोमेट्रिक मशीन से स्टाफ की हाजिरी का सत्यापन कराए जाने के लिए सीएमओ से कहा गया है। वहीं पीएचसी पर बॉयोमेट्रिक हाजिरी मशीन नहीं लगी है, तो पीएचसी के स्टाफ का वेतन रोकने का कोई औचित्य नहीं हैं।
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विस्तार
सीएचसी की बायोमेट्रिक हाजिरी के सत्यापन में फंसा 28 पीएचसी के स्टाफ का वेतन
बहजोई (संभल)। सीएचसी में तैनात स्टाफ की बायोमेट्रिक मशीन से होने वाली हाजिरी के सत्यापन को लेकर पीएचसी के स्टाफ का भी एक माह का वेतन फंसा हुआ है। ऐसे में जिले भर की पीएचसी में तैनात मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टाफ को अपने एक माह के वेतन का इंतजार है।
बीते माह जुलाई 2022 में डीएम के निर्देश पर जिलेभर के 9 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात सवा दो सौ मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टाफ की हाजिरी के लिए बॉयोमेट्रिक मशीन लगवाई गई है। स्टाफ का माह अगस्त का वेतन बॉयोमेट्रिक मशीन में लगाई गई हाजिरी के आधार पर ही निकलना था। बीच में कुछ सीएचसी में लगी बॉयोमेट्रिक मशीन कुछ दिन खराब भी रहीं। यह मशीनें बाद में ठीक करा ली गईं। अब जिला प्रशासन व विभागीय अफसरों के निर्देश पर बॉयोमेट्रिक मशीन से लगाई गई हाजिरी के अनुसार ही स्टाफ का वेतन बनना था। इसको लेकर अभी तक सत्यापन नहीं हो सका है और सीएचसी के मेडिकल स्टाफ में चिकित्सकों समेत पैरा मेडिकल स्टाफ में पैरा मेडिकल में फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, एलटी, वार्ड ब्याय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी आदि का वेतन नहीं मिल सका है। वहीं सीएचसी के स्टाफ की हाजिरी के सत्यापन को लेकर जिले के 28 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टाफ में करीब साठ से अधिक चिकित्सक व फार्मासिस्ट समेत अन्य स्टाफ का वेतन भी फंसा हुआ है। अब इसमें खास बात यह है कि जिले भर की पीएचसी पर बॉयोमेट्रिक हाजिरी मशीन लगी ही नहीं है। बावजूद इसके अभी तक पीएचसी के स्टाफ को भी वेतन नसीब नहीं हो सका है। पीएचसी के स्टाफ का कहना है कि पीएचसी पर बॉयोमेट्रिक हाजिरी मशीन लगी ही नहीं है, फिर भी स्टाफ का वेतन निकाला ही नहीं जा रहा है।
संबंधित लिपिक को पीएचसी स्टाफ का वेतन जल्द ही बनाकर रिलीज कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। रही बात सीएचसी के स्टाफ के वेतन की तो इसके लिए बॉयोमेट्रिक मशीन से स्टाफ की हाजिरी के सत्यापन के बाद वेतन रिलीज करा दिया जाएगा।
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डॉ. तरन्नुम रजा, सीएमओ, जिला संभल।
सीएचसी पर लगी बॉयोमेट्रिक मशीन से स्टाफ की हाजिरी का सत्यापन कराए जाने के लिए सीएमओ से कहा गया है। एमओआईसी की ओर से स्टाफ की उपस्थिति का सही प्रमाण भेजे जाने पर वेतन रिलीज कराया जाएगा। वहीं पीएचसी पर बॉयोमेट्रिक हाजिरी मशीन नहीं लगी है, तो पीएचसी के स्टाफ का वेतन रोकने का कोई औचित्य नहीं हैं। पीएचसी के स्टाफ का वेतन रिलीज कराए जाने के लिए सीएमओ से कहा जाएगा।
मनीष बंसल, डीएम, जिला संभल।
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बहजोई (संभल)। सीएचसी में तैनात स्टाफ की बायोमेट्रिक मशीन से होने वाली हाजिरी के सत्यापन को लेकर पीएचसी के स्टाफ का भी एक माह का वेतन फंसा हुआ है। ऐसे में जिले भर की पीएचसी में तैनात मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टाफ को अपने एक माह के वेतन का इंतजार है।
बीते माह जुलाई 2022 में डीएम के निर्देश पर जिलेभर के 9 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात सवा दो सौ मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टाफ की हाजिरी के लिए बॉयोमेट्रिक मशीन लगवाई गई है। स्टाफ का माह अगस्त का वेतन बॉयोमेट्रिक मशीन में लगाई गई हाजिरी के आधार पर ही निकलना था। बीच में कुछ सीएचसी में लगी बॉयोमेट्रिक मशीन कुछ दिन खराब भी रहीं। यह मशीनें बाद में ठीक करा ली गईं। अब जिला प्रशासन व विभागीय अफसरों के निर्देश पर बॉयोमेट्रिक मशीन से लगाई गई हाजिरी के अनुसार ही स्टाफ का वेतन बनना था। इसको लेकर अभी तक सत्यापन नहीं हो सका है और सीएचसी के मेडिकल स्टाफ में चिकित्सकों समेत पैरा मेडिकल स्टाफ में पैरा मेडिकल में फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, एलटी, वार्ड ब्याय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी आदि का वेतन नहीं मिल सका है। वहीं सीएचसी के स्टाफ की हाजिरी के सत्यापन को लेकर जिले के 28 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टाफ में करीब साठ से अधिक चिकित्सक व फार्मासिस्ट समेत अन्य स्टाफ का वेतन भी फंसा हुआ है। अब इसमें खास बात यह है कि जिले भर की पीएचसी पर बॉयोमेट्रिक हाजिरी मशीन लगी ही नहीं है। बावजूद इसके अभी तक पीएचसी के स्टाफ को भी वेतन नसीब नहीं हो सका है। पीएचसी के स्टाफ का कहना है कि पीएचसी पर बॉयोमेट्रिक हाजिरी मशीन लगी ही नहीं है, फिर भी स्टाफ का वेतन निकाला ही नहीं जा रहा है।
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संबंधित लिपिक को पीएचसी स्टाफ का वेतन जल्द ही बनाकर रिलीज कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। रही बात सीएचसी के स्टाफ के वेतन की तो इसके लिए बॉयोमेट्रिक मशीन से स्टाफ की हाजिरी के सत्यापन के बाद वेतन रिलीज करा दिया जाएगा।
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डॉ. तरन्नुम रजा, सीएमओ, जिला संभल।
सीएचसी पर लगी बॉयोमेट्रिक मशीन से स्टाफ की हाजिरी का सत्यापन कराए जाने के लिए सीएमओ से कहा गया है। एमओआईसी की ओर से स्टाफ की उपस्थिति का सही प्रमाण भेजे जाने पर वेतन रिलीज कराया जाएगा। वहीं पीएचसी पर बॉयोमेट्रिक हाजिरी मशीन नहीं लगी है, तो पीएचसी के स्टाफ का वेतन रोकने का कोई औचित्य नहीं हैं। पीएचसी के स्टाफ का वेतन रिलीज कराए जाने के लिए सीएमओ से कहा जाएगा।
मनीष बंसल, डीएम, जिला संभल।