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Sambhal News: मौसम बदलते ही बढ़ा टाइफाइड का खतरा, एक माह में 12 मरीज मिले
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चंदौसी। बारिश और मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। वायरल बुखार के साथ अब टाइफाइड के मरीज भी बढ़ने लगे हैं। सीएचसी की ओपीडी में रोजाना बुखार, खांसी, जुकाम और बदन दर्द से पीड़ित बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। बीते एक माह में हुई 168 टाइफाइड जांच में 12 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। चिकित्सक मरीजों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
इन दिनों बदलते मौसम के कारण वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। सीएचसी में प्रतिदिन 800 से एक हजार के बीच मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या बुखार, खांसी, जुकाम, गले में संक्रमण और बदन दर्द से पीड़ित मरीजों की है। जिन मरीजों का बुखार चार से पांच दिन तक दवा लेने के बाद भी ठीक नहीं हो रहा है, चिकित्सक उन्हें जरूरी जांच कराने की सलाह दे रहे हैं। सीएचसी की पैथोलॉजी लैब में 21 जून से 20 जुलाई तक टाइफाइड की 168 जांच की गई। इनमें 12 मरीजों में टाइफाइड की पुष्टि हुई है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हरवेंद्र सिंह ने बताया कि मौसम में नमी, दूषित पानी और बाहर का अस्वच्छ भोजन संक्रमण का प्रमुख कारण बन रहा है। ऐसे में मरीजों को लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए और लगातार बुखार रहने पर तुरंत जांच करानी चाहिए।
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ये बरतें सावधानियां
घर और आसपास साफ-सफाई रखें और पानी जमा न होने दें।
बाहर की तली-भुनी व खुले में बिकने वाली खाद्य सामग्री खाने से बचें।
पीने के लिए स्वच्छ या उबला हुआ पानी ही इस्तेमाल करें।
मच्छरों से बचाव के लिए पूरे बाजू के कपड़े पहनें और मच्छरदानी का प्रयोग करें।
लगातार बुखार, खांसी या कमजोरी महसूस होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
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इन दिनों बदलते मौसम के कारण वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। सीएचसी में प्रतिदिन 800 से एक हजार के बीच मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या बुखार, खांसी, जुकाम, गले में संक्रमण और बदन दर्द से पीड़ित मरीजों की है। जिन मरीजों का बुखार चार से पांच दिन तक दवा लेने के बाद भी ठीक नहीं हो रहा है, चिकित्सक उन्हें जरूरी जांच कराने की सलाह दे रहे हैं। सीएचसी की पैथोलॉजी लैब में 21 जून से 20 जुलाई तक टाइफाइड की 168 जांच की गई। इनमें 12 मरीजों में टाइफाइड की पुष्टि हुई है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हरवेंद्र सिंह ने बताया कि मौसम में नमी, दूषित पानी और बाहर का अस्वच्छ भोजन संक्रमण का प्रमुख कारण बन रहा है। ऐसे में मरीजों को लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए और लगातार बुखार रहने पर तुरंत जांच करानी चाहिए।
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ये बरतें सावधानियां
घर और आसपास साफ-सफाई रखें और पानी जमा न होने दें।
बाहर की तली-भुनी व खुले में बिकने वाली खाद्य सामग्री खाने से बचें।
पीने के लिए स्वच्छ या उबला हुआ पानी ही इस्तेमाल करें।
मच्छरों से बचाव के लिए पूरे बाजू के कपड़े पहनें और मच्छरदानी का प्रयोग करें।
लगातार बुखार, खांसी या कमजोरी महसूस होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।