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आईजीआरएस पर लंबित शिकायतों का गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण करें अधिकारी- जिलाधिकारी
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संभल। कलेक्ट्रेट सभागार बहजोई में जिलाधिकारी मनीष बंसल एवं पुलिस अधीक्षक चक्रेश मिश्र की अध्यक्षता में विकास कार्य एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक हुई। इसमें जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को आईजीआरएस पर लंबित शिकायतों को गुणवत्ता तरीके से निस्तारित करने के निर्देश दिए।
कानून व्यवस्था की समीक्षा में चक्रेश मिश्र ने कहा कि आठ गैंगस्टर नए चयनित किए गए हैं। चोरी की घटनाओं और विवेचना में फर्जी मेडिकल पर अंकुश लगाया गया है। जिलाधिकारी मनीष बसंल ने कहा कि अवैध खनन को लेकर जिले में अधिक शिकायत देखने को मिल रही हैं। जिसमें खनन इंस्पेक्टर को निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद में किसी भी दशा में खनन का कार्य नहीं होना चाहिए। यदि ऐसी कोई शिकायत आती है, तो 48 घंटे के अंदर खनन माफिया पर एफआईआर दर्ज कराई जाए। एआरटीओ से रजिस्टर्ड जेसीबी का लेखा-जोखा मांगा। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से कहा कि जिले में किसी भी दशा में छुट्टा गोवंश नहीं दिखने चाहिए। कृषि उप निदेशक को एफपीओ को लेकर क्या योजना बनाई है और उसके अंतर्गत क्या-क्या कार्य किए गए हैं इस बाबत निर्देशित किया। तीन दिन से अधिक कोई भी कार्य लंबित ना रखें। इसमें मुख्य विकास अधिकारी उमेश कुमार त्यागी, अपर जिलाधिकारी कमलेश कुमार अवस्थी, अपर पुलिस अधीक्षक आलोक जायसवाल, परियोजना निदेशक डीआरडीए रमेश चंद्र, डीसी मनरेगा बलवंत सिंह, सभी उप जिलाधिकारी एवं सभी क्षेत्राधिकारी आदि मौजूद रहे।
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कानून व्यवस्था की समीक्षा में चक्रेश मिश्र ने कहा कि आठ गैंगस्टर नए चयनित किए गए हैं। चोरी की घटनाओं और विवेचना में फर्जी मेडिकल पर अंकुश लगाया गया है। जिलाधिकारी मनीष बसंल ने कहा कि अवैध खनन को लेकर जिले में अधिक शिकायत देखने को मिल रही हैं। जिसमें खनन इंस्पेक्टर को निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद में किसी भी दशा में खनन का कार्य नहीं होना चाहिए। यदि ऐसी कोई शिकायत आती है, तो 48 घंटे के अंदर खनन माफिया पर एफआईआर दर्ज कराई जाए। एआरटीओ से रजिस्टर्ड जेसीबी का लेखा-जोखा मांगा। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से कहा कि जिले में किसी भी दशा में छुट्टा गोवंश नहीं दिखने चाहिए। कृषि उप निदेशक को एफपीओ को लेकर क्या योजना बनाई है और उसके अंतर्गत क्या-क्या कार्य किए गए हैं इस बाबत निर्देशित किया। तीन दिन से अधिक कोई भी कार्य लंबित ना रखें। इसमें मुख्य विकास अधिकारी उमेश कुमार त्यागी, अपर जिलाधिकारी कमलेश कुमार अवस्थी, अपर पुलिस अधीक्षक आलोक जायसवाल, परियोजना निदेशक डीआरडीए रमेश चंद्र, डीसी मनरेगा बलवंत सिंह, सभी उप जिलाधिकारी एवं सभी क्षेत्राधिकारी आदि मौजूद रहे।
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