रामभद्राचार्य महाराज बोले: देश में बाबर-अकबर नहीं, सूरदास बनकर रहना है; वंदे मातरम न कहने वाले पाकिस्तान जाएं
जगदगुरु रामभद्राचार्य ने वंदे मातरम न कहने वालों पर भी हमला बोला। कहा कि वंदे मातरम न कहने वालो को पाकिस्तान चले जाना चाहिए। पत्नी की अंग्रेजी व्याख्या पर बोले कि मैंने जो कहा शास्त्रीय सम्मत कहा है।
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देश में अकबर, बाबर बनकर नहीं, बल्कि सूरदास, कबीरदास बनकर रहना है। भारत माता का अपमान अब देश नहीं सहेगा और जो इसका अपमान कर रहे हैं, उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। यह कहना है तुलसी पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज का।
ऐंचोड़ा कंबोह में आयोजित श्री कल्कि महोत्सव में श्री कल्कि कथा जगतगुरु रामभद्राचार्य द्वारा की जा रही है। कथा के शुभारंभ से पहले जगतगुरु ने प्रेसवार्ता की। इसमें कहा कि भारत माता को डायन कहने वालों को तो हम सहन नहीं करेंगे। यहां अकबर बन कर या बाबर बन कर तो कोई यहां नहीं रह सकता। यहां रहना है तो स्वामी तुलसीदास, सूरदास या कबीरदास बन कर रहो। भारत में रहने वाले सभी लोगों को वंदे मातरम गायन करना चाहिए और गाय को माता मानकर पूजा करनी चाहिए।
कल्कि कथा के संदेश के सवाल पर जगदगुरु ने कहा यही संदेश रहेगा स्वयं जीओ, साथ रहो और दूसरे को जीने दो। बोले कि हम कब बुरा कर रहे हैं। भारत माता को माता कहो, गंगा माता को माता कहो और गऊ को माता कहो। यदि इसके अलग हटकर भारत माता को डायन कहोगे तो हम सहन नहीं करेंगे।
वंदे मातरम न कहने वाले पाकिस्तान चले जाएं
जगदगुरु रामभद्राचार्य ने वंदे मातरम न कहने वालों पर भी हमला बोला। कहा कि वंदे मातरम न कहने वालो को पाकिस्तान चले जाना चाहिए। पत्नी की अंग्रेजी व्याख्या पर बोले कि मैंने जो कहा शास्त्रीय सम्मत कहा है। यह अंग्रेजों से पूछो कि तुमने ऐसी व्याख्या क्यों लिखी?। पत्नी ही मुख्य है, हम भारत की बात करें, तो भारत में न बीवी स्वीकृत है और न ही वाइफ स्वीकृत। यहां तो पत्नी होती है, जो पति को पतन से बचाती है।