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रामसरन यादव ने पार्टी छोड़ी दद्दा और बर्क देंगे चुनौती

Sat, 21 Jan 2017 01:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल Updated Sat, 21 Jan 2017 01:11 AM IST
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ram saran ne parti chhodi, dadda aur bark denge chunati
समाजवादी पार्टी - फोटो : amar ujala
प्रत्याशियों की घोषणा होने के साथ ही सपा में बगावती स्वर उठने लगे हैं। असमोली से दावेदारी कर रहे रामसरन यादव ने पार्टी से इस्तीफा देकर जहां चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है, वहीं पूर्व सांसद शफीकुर्रहमान बर्क भी कई दिन पहले अपने पौत्र जियाउर्रहमान बर्क को संभल से चुनाव लड़ाने की घोषणा कर चुके हैं। उधर, सपा के गढ़ कहे जाने वाले गुन्नौर में पूर्व एमएलसी ऋषिपाल दद्दा भी बगावत करने की तैयारी में हैं। 
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समाजवादी पार्टी ने विधानसभा चुनाव के लिए जिले की तीन सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा करते हुए मौजूदा विधायकों पर ही दांव लगाया है। इसमें संभल से कैबिनेट मंत्री इकबाल महमूद, असमोली से विधायक पिंकी यादव और गुन्नौर से विधायक राम खिलाड़ी यादव के नाम शामिल हैं। अभी चंदौसी सीट से सपा उम्मीदवार की घोषणा नहीं होने से विधायक लक्ष्मी गौतम समेत अन्य दावेदारों की धड़कनें तेज हो गई हैं।
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सपा के प्रत्याशी घोषित होने के साथ ही पार्टी में बगावती तेवर भी तेज हो गए हैं। असमोली से टिकट के लिए दावेदारी कर रहे रामसरन यादव ने टिकट न मिलने पर शुक्रवार को अपना इस्तीफा जिलाध्यक्ष फिरोज खां को सौंप दिया और चुनावी मैदान में उतरने की बात कही। हालांकि सपा जिलाध्यक्ष ने उनकी बात हाईकमान से कराने की बात कहते हुए पार्टी ने छोड़ने का आग्रह भी किया, लेकिन वे नहीं माने। रामसरन यादव सपा की सियासत में मुलायम सिंह यादव से जुड़े हुए थे। उन्होंने मुलायम सिंह यादव के नाम पर इंटर कालेज की स्थापना भी अपने गांव अतरासी में की है। मुलायम सिंह यादव दो बार अतरासी आ चुके हैं।
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 उधर, संभल में पूर्व सांसद शफीकुर्रहमान बर्क अपने पौत्र जियाउर्रहमान बर्क को चुनाव लड़ाने का एलान पहले ही कर चुके हैं। जियाउर्रहमान बर्क को बिलारी से शिवपाल सिंह की सूची में उम्मीदवार बनाया गया था लेकिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ओर से जारी सूची में उनका नाम          नहीं है। उनसे जब इस संबंध में बातचीत का प्रयास किया गया तो संपर्क नहीं हो सका। वहीं गुन्नौर से राम खिलाड़ी यादव को प्रत्याशी बनाए जाने के विरोध में पूर्व एमएलसी ऋषिपाल दद्दा ने समर्थकों के साथ बैठक कर रणनीति बनाई। दद्दा सपा प्रत्याशी को चुनौती देने की तैयारी में हैं।

दिग्गजों काे कोई शिकवा है तो नेेतृत्व से बात कर लें
गुन्नौर के पूर्व एमएलसी ऋषिपाल दद्दा, संभल के पूर्व सांसद शफीकुर्रहमान बर्क पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं यदि इन दिग्गजों को कुछ गिला शिकवा है तो पार्टी नेतृत्व से बातचीत कर लें। जहां तक रामसरन यादव का सवाल है। वह पदाधिकारी थे। सपा उन्हें पहले ही निकाल चुकी है। - फिरोज खां, सपा जिलाध्यक्ष।

दद्दा बोले- हम आज लेगें निर्णय
हमने रामखिलाड़ी यादव को पिछले चुनाव में पूरा सहयोग दिया। वे विधायक चुने गए। लेकिन पांच वर्ष में उनके द्वारा ऐसे काम नहीं किए गए जिसकी वजह से उन्हें दोबारा समर्थन दिया जाए। हमने अपने समर्थकों से विचार विमर्श किया और इस संबंध में रविवार को निर्णय लेंगे।
ऋषिपाल सिंह यादव दद्दा, पूर्व एमएलसी, बबराला।

क्या कहना है सपा प्रत्याशियों का
देश में लोकतंत्र है। कोई भी चुनाव लड़ सकता है। रामसरन यादव चुनाव लड़ रहे हैं तो हमें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। क्योंकि विधानसभा में जनाधार  हमारे साथ है। लोग जानते हैं कि पहले भी हमने ही विकास कराया है और आगे भी हम भी विकास करा सकते हैं। इसलिए एक बार फिर हमारी ही जीत होगी। - पिंकी यादव,  विधायक, असमोली से प्रत्याशी।

ऋषिपाल दद्दा मेरे राजनीतिक गुरु हैं। मुझे नहीं लगता कि वे मेरा विरोध करेंगे। वे सपा के वरिष्ठ नेता हैं। सबके साथ मुझे  उनका भी सहयोग तथा आशीर्वाद मिलेगा। मुझे कहीं से बगावत के आसार नहीं दिख रहे हैं। -रामखिलाड़ी यादव, विधायक एवं प्रत्याशी गुन्नौर। 



अगर पार्टी सर्वे कराती तो मुझे मिलता संभल से टिकट-जियाउर्रहमान
संभल। पूर्व सांसद शफीकुर्रहमान बर्क के पोते जियाउर्रहमान बर्क ने इकबाल महमूद के नाम शुक्रवार को एक बार टिकट घोषित किए जाने के बाद तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने अगर नवाब इकबाल महमूद को उम्मीदवार घोषित करने से पहले कोई सर्वे कराया होता या जमीनी फीडबैक लिया होता तो मौजूदा विधायक और मंत्री का भी टिकट कट जाता। क्योंकि मौजूदा मंत्री चुनाव जीतने की स्थिति में नहीं है। पब्लिक उनसे दूर हो चुकी है। उनके मुताबिक पब्लिक बर्क के साथ है। पब्लिक की मांग पर ही वह उम्मीदवार बनकर आए हैं। चुनाव संभल से ही लड़ेंगे।
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