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न सिर पर हेलमेट न शरीर पर बॉडी प्रोटेक्टर, भाग कर चौकी में घुसे
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संभल के मोहल्ला चौधरी सराय में पथराव के दौरान बेकाबू भीड़ पर अश्रुगैस छोड़ते पुलिसकर्मी।
- फोटो : SAMBHAL
संभल। संभल में नागरिकता संशोधन बिल को लेकर आक्रोश जाहिर करने का एलान कई दिन पहले कर दिया गया था। लेकिन पुलिस और प्रशासन ने इस एलान को हल्के में लिया।
अगर पुलिस और प्रशासन ने बवाल का अंदेशा मानते हुए भी तैयारी की होती तो जान बचाने के लिए चौकी में घुसने की नौबत न आती। जिस समय बवाल की शुरूआत हुई तो एक आला अधिकारी और थानेदार ने चौधरी सराय पुलिस चौकी का रूख किया।
आला अधिकारी और थानेदार ने न हेलमेट पहना था और न शरीर पर बॉडी प्रोटेक्टर ही था। इसलिए किसी तरह चौकी के कक्ष में घुसकर जान बचाई। जब आला अधिकारियों को पुलिस कर्मियों ने भागकर जान बचाते हुए देखा तो वह भी छुपने लगे। क्योंकि कई पुलिस कर्मियों के सिर पर भी न हेलमेट था और न शरीर पर बॉडी प्रोटेक्टर इसलिए वे भी खुद की परवाह करते दिखे।
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जाहिर है कि सभी को अपनी जान की परवाह करनी चाहिए। लेकिन तैयारी पहले से होती तो बवाल कर रही भीड़ को ज्यादा मौका नहीं मिल पाता। जो आगजनी हुई वह शायद नहीं हो पाती। रोडवेज कर्मियों की माने तो चारों रोडवेज बसों में करीब 50 लाख का नुकसान हुआ है। हालांकि आधिकारिक तौर पर आंकलन होना बाकी है।
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अगर पुलिस और प्रशासन ने बवाल का अंदेशा मानते हुए भी तैयारी की होती तो जान बचाने के लिए चौकी में घुसने की नौबत न आती। जिस समय बवाल की शुरूआत हुई तो एक आला अधिकारी और थानेदार ने चौधरी सराय पुलिस चौकी का रूख किया।
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आला अधिकारी और थानेदार ने न हेलमेट पहना था और न शरीर पर बॉडी प्रोटेक्टर ही था। इसलिए किसी तरह चौकी के कक्ष में घुसकर जान बचाई। जब आला अधिकारियों को पुलिस कर्मियों ने भागकर जान बचाते हुए देखा तो वह भी छुपने लगे। क्योंकि कई पुलिस कर्मियों के सिर पर भी न हेलमेट था और न शरीर पर बॉडी प्रोटेक्टर इसलिए वे भी खुद की परवाह करते दिखे।
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जाहिर है कि सभी को अपनी जान की परवाह करनी चाहिए। लेकिन तैयारी पहले से होती तो बवाल कर रही भीड़ को ज्यादा मौका नहीं मिल पाता। जो आगजनी हुई वह शायद नहीं हो पाती। रोडवेज कर्मियों की माने तो चारों रोडवेज बसों में करीब 50 लाख का नुकसान हुआ है। हालांकि आधिकारिक तौर पर आंकलन होना बाकी है।