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प्रिंटिंग कारोबारियों को चुनाव सामग्री के नहीं मिल रहे आर्डर
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Sun, 22 Jan 2017 01:46 AM IST
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चंदौसी में करीब पांच बड़ी प्रिंटिंग प्रेस समेत करीब 20 से अधिक प्रिंटिंग प्रेस हैं। चुनावी सीजन में आमतौर पर चंदौसी का करीब 50 लाख का कारोबार होता है। जिले के अलावा सीमावर्ती जनपदों की चुनाव सामग्री भी शहर की प्रिंटिंग प्रेसों पर ही तैयार होती है।
नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी चुनाव प्रचार गति नहीं पकड़ने के कारण प्रिंटिंग कारोबारी मंदी के दौर से गुजर रहे हैं। चुनावी कारोबार के सापेक्ष 10 फीसदी आर्डर भी प्रिंटिंग प्रेसों को नहीं मिल पा रहे हैं। नामांकन की प्रक्रिया के बाद मतदान के दिन तक बहुत संक्षिप्त समय प्रत्याशियों को चुनाव के लिए मिलेगा। ऐसे में चुनाव प्रचार सामग्री की खपत भी औसत से कम ही होगी। कारोबारी मंदी से परेशान हैं।
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चंदौसी में करीब पांच बड़ी प्रिंटिंग प्रेस समेत करीब 20 से अधिक प्रिंटिंग प्रेस हैं। चुनावी सीजन में आमतौर पर चंदौसी का करीब 50 लाख का कारोबार होता है। जिले के अलावा सीमावर्ती जनपदों की चुनाव सामग्री भी शहर की प्रिंटिंग प्रेसों पर ही तैयार होती है।
नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी चुनाव प्रचार गति नहीं पकड़ने के कारण प्रिंटिंग कारोबारी मंदी के दौर से गुजर रहे हैं। चुनावी कारोबार के सापेक्ष 10 फीसदी आर्डर भी प्रिंटिंग प्रेसों को नहीं मिल पा रहे हैं। नामांकन की प्रक्रिया के बाद मतदान के दिन तक बहुत संक्षिप्त समय प्रत्याशियों को चुनाव के लिए मिलेगा। ऐसे में चुनाव प्रचार सामग्री की खपत भी औसत से कम ही होगी। कारोबारी मंदी से परेशान हैं।
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