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पुलिस ने एसएसओ को हवालात में डाला, विद्युतकर्मियों ने बिजली ठप कर किया प्रदर्शन
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संभल। संभल जिले के हयात नगर थाने की पुलिस ने हयात नगर सब स्टेशन के एसएसओ को हवालात में डाल दिया। इससे गुस्साए बिजली कर्मचारियों ने आंदोलन करते हुए बिजली आपूर्ति ठप कर दी। शहर समेत 300 से अधिक गांवों को बिजली नहीं मिली। दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर बिजली कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। बिजली आपूर्ति ठप होते ही जनता में आक्रोश पैदा होने लगा तो उप जिलाधिकारी ने प्रकरण का संज्ञान लिया।
सब स्टेशन पहुंच कर हड़ताली विद्युत कर्मियों से वार्ता की। उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया और आंदोलन को खत्म कराया। इसके चलते सोमवार को दोपहर डेढ़ बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रही। संभल के हयात नगर विद्युत सब स्टेशन पर संविदाकर्मी और सब स्टेशन इंचार्ज घलेंद्र सिंह अपनी ड्यूटी पर थे। हयात नगर थाने की 100 डायल पुलिस के किसी सिपाही ने उन्हें सोमवार की सुबह 5.40 बजे कॉल की। कॉल रिसीव नहीं हो सकी। इसके बाद 6.10 बजे दूसरी कॉल आई जो रिसीव हो गई। लेकिन तब तक 100 पुलिस सब स्टेशन तक पहुंच गई। सब स्टेशन से घलेंद्र सिंह को पुलिस ने बाहर बुलाया।
आरोप है कि गाली गलौज और अभद्रता करते हुए अपनी गाड़ी में बैठाकर थाने ले गए। थाने में भी गाली गलौज की गई। इसके साथ ही हवालात में डाल दिया गया। घलेंद्र सिंह ने बताया कि जब वह सब स्टेशन से गए तब बिजली आपूर्ति बंद करके गए थे क्योंकि कोई और कर्मचारी नहीं था। अगर फाल्ट हो जाता तो बड़ी घटना हो सकती थी। लेकिन जब सब स्टेशन बंद किया तो अधिकारियों ने संज्ञान लिया।
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सपा जिलाध्यक्ष फिरोज खां ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक और विद्युत विभाग के अधिकारियों को फोन किया। वह कर्मचारियों के प्रदर्शन में शामिल हुए और कहा कि तब तक आंदोलन जारी रहेगा जब तक कार्रवाई नहीं होती। बाद में थाना प्रभारी ने एसएसओ को 8.30 बजे छोड़ दिया लेकिन तब तक 8 से 11 बजे तक का शटडाउन शुरू हो गया था।
इसलिए आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। वहीं कर्मचारियों को जब पता लगा कि बिजली सब स्टेशन के एसएसओ को अपमानित कर हवालात में डाला गया है तो वह आक्रोशित होकर सब स्टेशन संभल पर एकत्र हो गए। संभल समेत 300 गांवों की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। इसकी खबर मिलते ही एसडीएम दीपेंद्र यादव पहुंचे। उन्होंने आंदोलित कर्मचारियों को कार्रवाई का आश्वासन देकर आंदोलन खत्म कराया। दोपहर एक बजे आपूर्ति बहाल हो गई।
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सब स्टेशन पहुंच कर हड़ताली विद्युत कर्मियों से वार्ता की। उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया और आंदोलन को खत्म कराया। इसके चलते सोमवार को दोपहर डेढ़ बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रही। संभल के हयात नगर विद्युत सब स्टेशन पर संविदाकर्मी और सब स्टेशन इंचार्ज घलेंद्र सिंह अपनी ड्यूटी पर थे। हयात नगर थाने की 100 डायल पुलिस के किसी सिपाही ने उन्हें सोमवार की सुबह 5.40 बजे कॉल की। कॉल रिसीव नहीं हो सकी। इसके बाद 6.10 बजे दूसरी कॉल आई जो रिसीव हो गई। लेकिन तब तक 100 पुलिस सब स्टेशन तक पहुंच गई। सब स्टेशन से घलेंद्र सिंह को पुलिस ने बाहर बुलाया।
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आरोप है कि गाली गलौज और अभद्रता करते हुए अपनी गाड़ी में बैठाकर थाने ले गए। थाने में भी गाली गलौज की गई। इसके साथ ही हवालात में डाल दिया गया। घलेंद्र सिंह ने बताया कि जब वह सब स्टेशन से गए तब बिजली आपूर्ति बंद करके गए थे क्योंकि कोई और कर्मचारी नहीं था। अगर फाल्ट हो जाता तो बड़ी घटना हो सकती थी। लेकिन जब सब स्टेशन बंद किया तो अधिकारियों ने संज्ञान लिया।
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सपा जिलाध्यक्ष फिरोज खां ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक और विद्युत विभाग के अधिकारियों को फोन किया। वह कर्मचारियों के प्रदर्शन में शामिल हुए और कहा कि तब तक आंदोलन जारी रहेगा जब तक कार्रवाई नहीं होती। बाद में थाना प्रभारी ने एसएसओ को 8.30 बजे छोड़ दिया लेकिन तब तक 8 से 11 बजे तक का शटडाउन शुरू हो गया था।
इसलिए आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। वहीं कर्मचारियों को जब पता लगा कि बिजली सब स्टेशन के एसएसओ को अपमानित कर हवालात में डाला गया है तो वह आक्रोशित होकर सब स्टेशन संभल पर एकत्र हो गए। संभल समेत 300 गांवों की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। इसकी खबर मिलते ही एसडीएम दीपेंद्र यादव पहुंचे। उन्होंने आंदोलित कर्मचारियों को कार्रवाई का आश्वासन देकर आंदोलन खत्म कराया। दोपहर एक बजे आपूर्ति बहाल हो गई।