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लॉकर से अब 13 लाख का माल गायब
ब्यूरो/अमर उजाला चंदौसी
Updated Sun, 01 Nov 2015 12:50 AM IST
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पंजाब नेशनल बैंक की मुरादाबाद गेट शाखा में फिर ‘सेंध’ लग गई। इस बार फिर एक मां-बेटी का लॉकर निशाना बना। शनिवार को मां-बेटी एकाउंट चेक करने पहुंची तो लॉकर खाली देखते ही महिला की चीख निकल गई। महिला नीचे गिरते-गिरते बचीं। मामले की की जानकारी होते ही बैंक में अफरा तफरी मच गई।
ग्राहकों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। महिला के परिजनों ने तो शाखा प्रबंधक से अभद्रता कर डाली। पुलिस भी मौके पर मौके पर पहुंच गई। खाताधारक के अनुसार उसके लॉकर से 13 लाख के जेवर गायब कर दिए गए हैं। पांच दिन के अंदर लॉकर से जेवर गायब होने का यह दूसरा मामला है।
बैंक अधिकारियों व ग्राहक दोनों ओर से कोतवाली में तहरीर दी गई है। चंदौसी के मुहल्ला रघुवीर नगर निवासी गल्ला व्यापारी विष्णु भगवान की पत्नी निर्मल देवी ने अपनी विवाहिता पुत्री राधारानी पत्नी प्रवीन कुमार के साथ सात महीने पहले ही पीएनबी बैंक शाखा मुरादाबाद गेट में संयुक्त लॉकर लिया था।
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निर्मलदेवी ने बताया कि अपनी पांच बहुओं, बेटी व अपना करीब तेरह लाख का जेवर 11 अगस्त को लॉकर संख्या-40 में रखा था। लॉकर का किराया वसूलने को बैंक प्रबंधक ने 15000 की एफडी भी कराई थी। प्रतिमाह एक हजार रुपये अदा किया जाता है। निर्मल देवी शनिवार को लॉकर मेेें रखा जेवर चेक करने आई।
फील्ड अफसर से लॉकर की दूसरी चाभी लेकर जब लॉकर जाकर देखा तो लॉकर टूटा हुआ था। चाभी लगाते ही खुल गया। लॉकर के अंदर रखे जेवर के डिब्बों में कुछ भी नहीं था। यह देखकर उसके होश फाख्ता हो गए। मुंह से चीख निकल गई। सूचना पर उसके पुत्र कुलदीप व पंचगोपाल अपनी पत्नियों के साथ बैंक आ पहुंचे।
फील्ड अफसर दिनेश अग्रवाल तो मामले की जानकारी होते ही सीने में दर्द बताकर बैंक से चले गए। परिजन वरिष्ठ शाखा प्रबंधक ब्रजेश शंकर सक्सेना से भिड़ गए। बैंक अधिकारी लॉकर में रखे जेवर की जानकारी से पल्ला झाड़ने लगे तो परिजनों में खासा रोष फैल गया। बैंक में दिनभर हंगामा होता रहा।
निर्मल देवी नेे कोतवाली पुलिस को दी गई तहरीर में तेरह लाख के जेवर गायब करने का आरोप लगाते हुए फील्ड अफसर दिनेश अग्रवाल को आरोपित किया है। जबकि वरिष्ठ शाखा प्रबंधक ब्रजेश शंकर सक्सेना की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया है कि चाभी लगाकर लॉकर खोलने से पहले लॉकर सही तरह से बंद था।
लॉकर प्रभारी दिनेश अग्रवाल के बाहर आने के बाद निर्मल देवी ने शोर मचाया कि उनका माल गायब है। बैंक सिर्फ लॉकर का कस्टोडियन है, दिनेश अग्रवाल पर जेवर गायब करने का गलत आरोप लगाया जा रहा है। आरोप है कि निर्मल देवी के पुत्रों व अन्य लोगों ने जमकर हंगामा मचाया। जिससे बैंक का कार्य बाधित हुआ है।
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ग्राहकों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। महिला के परिजनों ने तो शाखा प्रबंधक से अभद्रता कर डाली। पुलिस भी मौके पर मौके पर पहुंच गई। खाताधारक के अनुसार उसके लॉकर से 13 लाख के जेवर गायब कर दिए गए हैं। पांच दिन के अंदर लॉकर से जेवर गायब होने का यह दूसरा मामला है।
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बैंक अधिकारियों व ग्राहक दोनों ओर से कोतवाली में तहरीर दी गई है। चंदौसी के मुहल्ला रघुवीर नगर निवासी गल्ला व्यापारी विष्णु भगवान की पत्नी निर्मल देवी ने अपनी विवाहिता पुत्री राधारानी पत्नी प्रवीन कुमार के साथ सात महीने पहले ही पीएनबी बैंक शाखा मुरादाबाद गेट में संयुक्त लॉकर लिया था।
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निर्मलदेवी ने बताया कि अपनी पांच बहुओं, बेटी व अपना करीब तेरह लाख का जेवर 11 अगस्त को लॉकर संख्या-40 में रखा था। लॉकर का किराया वसूलने को बैंक प्रबंधक ने 15000 की एफडी भी कराई थी। प्रतिमाह एक हजार रुपये अदा किया जाता है। निर्मल देवी शनिवार को लॉकर मेेें रखा जेवर चेक करने आई।
फील्ड अफसर से लॉकर की दूसरी चाभी लेकर जब लॉकर जाकर देखा तो लॉकर टूटा हुआ था। चाभी लगाते ही खुल गया। लॉकर के अंदर रखे जेवर के डिब्बों में कुछ भी नहीं था। यह देखकर उसके होश फाख्ता हो गए। मुंह से चीख निकल गई। सूचना पर उसके पुत्र कुलदीप व पंचगोपाल अपनी पत्नियों के साथ बैंक आ पहुंचे।
फील्ड अफसर दिनेश अग्रवाल तो मामले की जानकारी होते ही सीने में दर्द बताकर बैंक से चले गए। परिजन वरिष्ठ शाखा प्रबंधक ब्रजेश शंकर सक्सेना से भिड़ गए। बैंक अधिकारी लॉकर में रखे जेवर की जानकारी से पल्ला झाड़ने लगे तो परिजनों में खासा रोष फैल गया। बैंक में दिनभर हंगामा होता रहा।
निर्मल देवी नेे कोतवाली पुलिस को दी गई तहरीर में तेरह लाख के जेवर गायब करने का आरोप लगाते हुए फील्ड अफसर दिनेश अग्रवाल को आरोपित किया है। जबकि वरिष्ठ शाखा प्रबंधक ब्रजेश शंकर सक्सेना की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया है कि चाभी लगाकर लॉकर खोलने से पहले लॉकर सही तरह से बंद था।
लॉकर प्रभारी दिनेश अग्रवाल के बाहर आने के बाद निर्मल देवी ने शोर मचाया कि उनका माल गायब है। बैंक सिर्फ लॉकर का कस्टोडियन है, दिनेश अग्रवाल पर जेवर गायब करने का गलत आरोप लगाया जा रहा है। आरोप है कि निर्मल देवी के पुत्रों व अन्य लोगों ने जमकर हंगामा मचाया। जिससे बैंक का कार्य बाधित हुआ है।