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Sambhal News: ईरान से लौटे लोग बोले- होटल से निकलने की थी मनाही, इससे बेचैन थे हम
Tue, 24 Jun 2025 01:04 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Tue, 24 Jun 2025 01:04 AM IST
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संभल। ईरान और इसराइल के बीच चल रही लड़ाई के भारत लौटने वाले लोग भारत सरकार का भी आभार जता रहे हैं। सरकार ईरान से भारत के लोगों को वापस लाने में प्रयासरत है। इसी दौरान सिरसी के आठ लोग शनिवार की रात भारत पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि ईरान में जहां हम थे, वहां हालात तो सामान्य से बने हुए हैं लेकिन एहतियाती तौर पर सुरक्षा के इंतजाम हैं।
पर्यटक जो धार्मिक यात्रा पर पहुंचे थे, उनको होटल से बाहर निकलने के लिए मना कर दिया गया था। भारत सरकार ने वापस बुलाने में पूरी मदद की है। सकुशल हम लौट आए हैं। युद्ध चल रहा है तो बेचैनी तो वहां रहते हुए थी लेकिन पूरी यात्रा के दौरान कहीं खतरा महसूस नहीं हुआ।
सिरसी के मोहल्ला सादक सराय निवासी पांच महिलाएं और तीन पुरुष धार्मिक यात्रा पर पहली जून को काफिले के साथ रवाना हुए थे। इस काफिले में अलग-अलग जिलों के 21 लोग शामिल थे। यह काफिला पहले इराक पहुंचा था। इसके बाद पांच दिन तक ईरान के शहर मशहद में रहे। ईरान में भी इस काफिले को जियारत करनी थी। इसी शहर से यह काफिला लौटा है। रविवार की रात सिरसी पहुंचे लोगों ने भारत सरकार का सकुशल वापसी कराने के लिए आभार जताया है। साथ ही ईरान में स्थिति पर प्रतिक्रिया दी है।
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क्या बोले लोग-
मैं अपनी दो बेटियों के साथ इराक और ईरान गया था। हमें वहां जियारत करनी थी। काफिले के साथ गए थे। ईरान के शहर मशहद में पांच दिन रहे। वहां तो युद्ध जैसे हालात हमें दिखाई नहीं दिए। न कोई आवाज सुनाई दी। एहतियाती तौर पर सुरक्षित रहने के लिए निर्देश दिए गए थे।
खुर्शीद अख्तर, सिरसी
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मेरे साथ मेरी मां भी ईरान और इराक की धार्मिक यात्रा पर गई थीं। वहां हमने जियारत की। होटल से बाहर निकलने के लिए मना किया गया था। इसको लेकर थोड़ी बेचैनी थी, बाकी किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। हम सकुशल भारत लौटे हैं।
असद अब्बास, सिरसी।
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मैं अपनी दो बहनों के साथ गया था। पांच दिन तक ईरान में रहे। एक दिन वहां धुआं से उठता हुआ दिखाई दिया था। हमें होटल से बाहर निकलने के लिए मना कर दिया गया था। इससे हम परेशान हुए थे। भारत सरकार ने वापसी में हमारी पूरी मदद की है। हमें डर था कहीं युद्ध के चलते ईरान में फंस न जाएं।
कमर जान, सिरसी।
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पर्यटक जो धार्मिक यात्रा पर पहुंचे थे, उनको होटल से बाहर निकलने के लिए मना कर दिया गया था। भारत सरकार ने वापस बुलाने में पूरी मदद की है। सकुशल हम लौट आए हैं। युद्ध चल रहा है तो बेचैनी तो वहां रहते हुए थी लेकिन पूरी यात्रा के दौरान कहीं खतरा महसूस नहीं हुआ।
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सिरसी के मोहल्ला सादक सराय निवासी पांच महिलाएं और तीन पुरुष धार्मिक यात्रा पर पहली जून को काफिले के साथ रवाना हुए थे। इस काफिले में अलग-अलग जिलों के 21 लोग शामिल थे। यह काफिला पहले इराक पहुंचा था। इसके बाद पांच दिन तक ईरान के शहर मशहद में रहे। ईरान में भी इस काफिले को जियारत करनी थी। इसी शहर से यह काफिला लौटा है। रविवार की रात सिरसी पहुंचे लोगों ने भारत सरकार का सकुशल वापसी कराने के लिए आभार जताया है। साथ ही ईरान में स्थिति पर प्रतिक्रिया दी है।
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क्या बोले लोग-
मैं अपनी दो बेटियों के साथ इराक और ईरान गया था। हमें वहां जियारत करनी थी। काफिले के साथ गए थे। ईरान के शहर मशहद में पांच दिन रहे। वहां तो युद्ध जैसे हालात हमें दिखाई नहीं दिए। न कोई आवाज सुनाई दी। एहतियाती तौर पर सुरक्षित रहने के लिए निर्देश दिए गए थे।
खुर्शीद अख्तर, सिरसी
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मेरे साथ मेरी मां भी ईरान और इराक की धार्मिक यात्रा पर गई थीं। वहां हमने जियारत की। होटल से बाहर निकलने के लिए मना किया गया था। इसको लेकर थोड़ी बेचैनी थी, बाकी किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। हम सकुशल भारत लौटे हैं।
असद अब्बास, सिरसी।
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मैं अपनी दो बहनों के साथ गया था। पांच दिन तक ईरान में रहे। एक दिन वहां धुआं से उठता हुआ दिखाई दिया था। हमें होटल से बाहर निकलने के लिए मना कर दिया गया था। इससे हम परेशान हुए थे। भारत सरकार ने वापसी में हमारी पूरी मदद की है। हमें डर था कहीं युद्ध के चलते ईरान में फंस न जाएं।
कमर जान, सिरसी।