{"_id":"698508c3270e2bdf68058915","slug":"otp-biometric-process-entangledregistries-remained-half-done-sambhal-news-c-275-1-smbd1033-131927-2026-02-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: ओटीपी-बायोमेट्रिक में उलझी प्रक्रिया...आधी रह गईं रजिस्ट्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: ओटीपी-बायोमेट्रिक में उलझी प्रक्रिया...आधी रह गईं रजिस्ट्री
विज्ञापन
संभल। फर्जी तरीके से संपत्तियों की रजिस्ट्री पर रोक लगाने के लिए निबंधक कार्यालयों में आधार प्रमाणीकरण आधारित रजिस्ट्री अनिवार्य की गई है। दो फरवरी से नई व्यवस्था लागू हुई। इस कारण रजिस्ट्री कम हो गई हैं। संभल के सब रजिस्ट्रार का कहना है कि यह अब सामान्य होने लगी है। कोई समस्या नहीं है।
संभल जिले में संभल, चंदौसी और गुन्नौर में सब-रजिस्ट्रार दफ्तर हैं। यहां औसतन रोज 200 से 250 दस्तावेज पंजीकृत होते हैं। दो फरवरी से नई व्यवस्था लागू होने के कारण यह संख्या आधी हो गई है। इसका कारण है कि संपत्ति खरीदार और विक्रेता के अलावा गवाह का आधार कार्ड रजिस्ट्री के लिए अनिवार्य किया गया है। आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी से व्यक्ति का सत्यापन किया जा रहा है।
फिर आधार में दर्ज बायोमेट्रिक मिलान के लिए अंगूठा स्कैन होता है। इस प्रक्रिया में करीब एक से डेढ़ घंटे का समय लग रहा है। समस्या का कारण यह भी है कि तमाम लोग ऐसे होते हैं, जिनका आधार कार्ड पर नंबर नहीं लगा नहीं होता है, या फिर कौन सा नंबर है, यह भूल गए हैं। बृहस्पतिवार को रजिस्ट्री कराने आए लोगों के पास आधार कार्ड तो था लेकिन मोबाइल नंबर से लिंक नहीं होने के कारण उनकी रजिस्ट्री नहीं हो सकी। संभल के सब रजिस्ट्रार दफ्तर में आमदिनों में 60 रजिस्ट्री हो जाती थी लेकिन बृहस्पतिवार को 35 रजिस्ट्री हो सकीं।
विज्ञापन
विशेष काउंटर लगाकर समाधान कराए प्रशासन
यूं तो शासन ने एक माह पहले ही खतौनियों में जो नाम गलत हैं, उन्हें आधार कार्ड के अनुसार सही कराने का मौका दिया है पर इस प्रक्रिया को सब लोग नहीं समझ पा रहे हैं। संभल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि व्यवस्था अच्छी है लेकिन इसकी जानकारी लोगों को दी जानी चाहिए। विशेष शिविर लगवाकर लोगों की खतौनियों में आधार कार्ड के अनुसार नाम दर्ज कराए जाएं। इस काम में लगे कर्मियों की निगरानी की जाए, ताकि काम में देर न हो। संवाद
फर्जी व्यक्ति नहीं कर सकेगा खरीद-बिक्री
संभल के सब रजिस्ट्रार अमित कुमार सिंह बताते हैं कि कोई भी फर्जी व्यक्ति अब किसी संपत्ति की खरीद-फरोख्त नहीं कर सकेगा। पहले व्यक्ति का आधार और मोबाइल नंबर से सत्यापन होगा। फिर बायोमैट्रिक अंगूठा से मिलान होगा। गवाह के लिए भी आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य हो गया है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -
दो फरवरी से नई व्यवस्था लागू हुई है। पहले दिन रजिस्ट्री में कमी आई थी लेकिन इसमें काफी सुधार हो गया है। बृहस्पतिवार को 35 रजिस्ट्री हुईं। सब सामान्य हो रहा है।
अमित कुमार सिंह, सब रजिस्ट्रार, संभल।
विज्ञापन
संभल जिले में संभल, चंदौसी और गुन्नौर में सब-रजिस्ट्रार दफ्तर हैं। यहां औसतन रोज 200 से 250 दस्तावेज पंजीकृत होते हैं। दो फरवरी से नई व्यवस्था लागू होने के कारण यह संख्या आधी हो गई है। इसका कारण है कि संपत्ति खरीदार और विक्रेता के अलावा गवाह का आधार कार्ड रजिस्ट्री के लिए अनिवार्य किया गया है। आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी से व्यक्ति का सत्यापन किया जा रहा है।
विज्ञापन
फिर आधार में दर्ज बायोमेट्रिक मिलान के लिए अंगूठा स्कैन होता है। इस प्रक्रिया में करीब एक से डेढ़ घंटे का समय लग रहा है। समस्या का कारण यह भी है कि तमाम लोग ऐसे होते हैं, जिनका आधार कार्ड पर नंबर नहीं लगा नहीं होता है, या फिर कौन सा नंबर है, यह भूल गए हैं। बृहस्पतिवार को रजिस्ट्री कराने आए लोगों के पास आधार कार्ड तो था लेकिन मोबाइल नंबर से लिंक नहीं होने के कारण उनकी रजिस्ट्री नहीं हो सकी। संभल के सब रजिस्ट्रार दफ्तर में आमदिनों में 60 रजिस्ट्री हो जाती थी लेकिन बृहस्पतिवार को 35 रजिस्ट्री हो सकीं।
विज्ञापन
विशेष काउंटर लगाकर समाधान कराए प्रशासन
यूं तो शासन ने एक माह पहले ही खतौनियों में जो नाम गलत हैं, उन्हें आधार कार्ड के अनुसार सही कराने का मौका दिया है पर इस प्रक्रिया को सब लोग नहीं समझ पा रहे हैं। संभल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि व्यवस्था अच्छी है लेकिन इसकी जानकारी लोगों को दी जानी चाहिए। विशेष शिविर लगवाकर लोगों की खतौनियों में आधार कार्ड के अनुसार नाम दर्ज कराए जाएं। इस काम में लगे कर्मियों की निगरानी की जाए, ताकि काम में देर न हो। संवाद
फर्जी व्यक्ति नहीं कर सकेगा खरीद-बिक्री
संभल के सब रजिस्ट्रार अमित कुमार सिंह बताते हैं कि कोई भी फर्जी व्यक्ति अब किसी संपत्ति की खरीद-फरोख्त नहीं कर सकेगा। पहले व्यक्ति का आधार और मोबाइल नंबर से सत्यापन होगा। फिर बायोमैट्रिक अंगूठा से मिलान होगा। गवाह के लिए भी आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य हो गया है।
दो फरवरी से नई व्यवस्था लागू हुई है। पहले दिन रजिस्ट्री में कमी आई थी लेकिन इसमें काफी सुधार हो गया है। बृहस्पतिवार को 35 रजिस्ट्री हुईं। सब सामान्य हो रहा है।
अमित कुमार सिंह, सब रजिस्ट्रार, संभल।