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Sambhal News: बैनामा कराने के लिए अब आंख की स्कैनिंग से भी होगी पहचान

Mon, 20 Apr 2026 12:08 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल Updated Mon, 20 Apr 2026 12:08 AM IST
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Now, eye scanning will also be used for identification for getting the deed done.
चंदौसी। बैनामा की प्रक्रिया अब और आसान कर दी गई है। बैनामा रजिस्ट्री के दौरान अगर अंगूठा नहीं स्कैन होता है तो आयरिस स्कैनर से पहचान करा दी जाएगी।
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एक अप्रैल से लागू नई व्यवस्था के तहत अब अंगूठे की छाप अनिवार्य नहीं रह गई है। इस सहूलियत से खासतौर पर बुजुर्गों व शारीरिक रूप से कमजोर लोगों को राहत मिलेगी। जिनके अंगूठे निशान स्कैन नहीं हो पाते हैं। बैनामे की रजिस्ट्री के लिए फिंगरप्रिंट और आंख की स्कैनिंग अनिवार्य थी, लेकिन अब एक अप्रैल से फिंगरप्रिंट स्कैन नहीं होने की दशा में आयरिस ऑथेंटिकेशन की व्यवस्था लागू है। चंदौसी तहसील के उप निबंधक कार्यालय में प्रतिदिन 50-60 बैनामे होते हैं। जिनमें तीन से चार लोग बुजुर्ग व शारीरिक रूप से कमजोर आदि ऐसे आते हैं जिनके अंगूठे का निशान स्कैनिंग में स्पष्ट नहीं हो पाता है। उप निबंधक कार्यालय में आंख स्कैनर मशीन उपलब्ध है। इससे किसी भी प्रकार का फर्जी किए जाने पर अंकुश लगा है और समय की बचत हो रही है। अधिवक्ता लोकेंद्र शर्मा ने बताया कि आयरिस स्कैनर तकनीक पूरी तरह सुरक्षित और आधुनिक है। इससे समय की बचत और बैनामा में पारदर्शिता रहती है।
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