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अब चकबंदीकर्मी का रिश्वत लेते वीडियो वायरल
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Fri, 02 Jun 2017 12:26 AM IST
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ईडी ने नारंग की दो करोड़ उनतीस लाख चवालीस हजार से ज्यादा की संपत्ति एवं बैंक धनराशि को जब्त किया है।
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जिले के सरकारी कार्यालयों में बेधड़क घूस ली जा रही है। पीड़ितों का कहना है कि, बिना रिश्वत यहां कोई भी काम नहीं होता। एक राजस्व अधिकारी की ओर से 15,000 रुपये की रिश्वत लेने का ममला अभी सुर्खियों में था ही कि अब एक चकबंदीकर्मी का कारनामा सामने आ गया है।
सोशल मीडिया पर किसान से 45,000 रुपये की वसूली करने का उसका वीडियो वायरल हुआ है। पीड़ित ने इस संबंध में शपथ पत्र देकर डीएम से भी शिकायत की है। इस पर डीएम ने जांच का भरोसा दिया है।
चकबंदीकर्मी की ओर से बहजोई क्षेत्र के चितौरा निवासी किसान देवचंद पुत्र गुलाबी से चक बनाने और स्वामित्व दर्शाने के नाम पर जनवरी में 45,000 रुपये की वसूली की गई। मामला अप्रैल में तब खुला जब 50,000 रुपये और मांगे गए।
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किसान ने कहा- कर्ज लेकर किसी तरह से 45,000 रुपये जुटाए थे अब दोबारा से 50,000 रुपये कहां से लाए। इसके बाद किसान ने चकबंदीकर्मी से मिन्नतें कीं लेकिन उसका दिल न पसीजा।
किसान ने हारकर अधिकारियों और सरकार तक जाने का निर्णय लिया। इसके बाद उसने 22 अप्रैल को जिलाधिकारी से मिलकर 45,000 की वसूल किए जाने की शिकायत की। साथ ही यह भी बताया कि उसके साथी ने 45,000 रुपये लेने का वीडियो भी बनाया हुआ जो वह साक्ष्य के तौर पर प्रस्तुत कर सकता है।
डीएम ने जांच एवं कार्रवाई का भरोसा दिया। कार्रवाई न हुई तो 27 मई को दोबारा पीड़ित डीएम से मिला और कार्रवाई की मांग की। इस पर डीएम ने कहा कि वह एसओसी से जांच कराएंगे। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब चकबंदीकर्मी की रिश्वत लेते वीडियो वायरल हो गया।
इस संबंध में चकबंदी विभाग के एसओसी राजकिशोर मौर्य में गुरुवार शाम को बताया कि प्रार्थना पत्र आते हैं तो संबंधित अधिकारियों भेज दिए जाते हैं। इसे भी भेजा गया होगा। वह जांच कराएंगे। तब बताएंगे। जबकि अपर जिलाधिकारी आरपी यादव का कहना है इस मामले की उन्हें जानकारी नहीं है। अगर शिकायत आती है तो वह जांच कराएंगे और कार्रवाई होगी।
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सोशल मीडिया पर किसान से 45,000 रुपये की वसूली करने का उसका वीडियो वायरल हुआ है। पीड़ित ने इस संबंध में शपथ पत्र देकर डीएम से भी शिकायत की है। इस पर डीएम ने जांच का भरोसा दिया है।
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चकबंदीकर्मी की ओर से बहजोई क्षेत्र के चितौरा निवासी किसान देवचंद पुत्र गुलाबी से चक बनाने और स्वामित्व दर्शाने के नाम पर जनवरी में 45,000 रुपये की वसूली की गई। मामला अप्रैल में तब खुला जब 50,000 रुपये और मांगे गए।
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किसान ने कहा- कर्ज लेकर किसी तरह से 45,000 रुपये जुटाए थे अब दोबारा से 50,000 रुपये कहां से लाए। इसके बाद किसान ने चकबंदीकर्मी से मिन्नतें कीं लेकिन उसका दिल न पसीजा।
किसान ने हारकर अधिकारियों और सरकार तक जाने का निर्णय लिया। इसके बाद उसने 22 अप्रैल को जिलाधिकारी से मिलकर 45,000 की वसूल किए जाने की शिकायत की। साथ ही यह भी बताया कि उसके साथी ने 45,000 रुपये लेने का वीडियो भी बनाया हुआ जो वह साक्ष्य के तौर पर प्रस्तुत कर सकता है।
डीएम ने जांच एवं कार्रवाई का भरोसा दिया। कार्रवाई न हुई तो 27 मई को दोबारा पीड़ित डीएम से मिला और कार्रवाई की मांग की। इस पर डीएम ने कहा कि वह एसओसी से जांच कराएंगे। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब चकबंदीकर्मी की रिश्वत लेते वीडियो वायरल हो गया।
इस संबंध में चकबंदी विभाग के एसओसी राजकिशोर मौर्य में गुरुवार शाम को बताया कि प्रार्थना पत्र आते हैं तो संबंधित अधिकारियों भेज दिए जाते हैं। इसे भी भेजा गया होगा। वह जांच कराएंगे। तब बताएंगे। जबकि अपर जिलाधिकारी आरपी यादव का कहना है इस मामले की उन्हें जानकारी नहीं है। अगर शिकायत आती है तो वह जांच कराएंगे और कार्रवाई होगी।