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मांगी नाव न केवटु आना, कहइ तुम्हार मरमु मैं जाना...
अमर उजाला ब्यूरो/चंदौसी
Updated Wed, 06 Apr 2016 01:05 AM IST
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शोभायात्रा
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निषादराज केवट ने प्रभु श्रीराम को वनवास के दौरान माता सीता और लक्ष्मण के साथ अपने नाव में बिठा कर गंगा पार करवाई थी। रामायण के अयोध्याकांड में इसका वर्णन है। मांगी नाव न केवटु आना। कहइ तुम्हार मरमु मैं जाना। चरन कमल रज कहुं सबु कहई। मानुष करनि मूरि कछु अहई। श्रीराम ने केवट से नाव मांगी, पर केवल ने लाने से इंकार कर दिया।
निषादराज केवट की मंगलवार को नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। निषादराज जयंती पर हिंदू समाज ने हर्षोल्लास के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली। शोभायात्रा कैथल गेट स्थित तिल वाली गली से आरंभ हुई। शोभायात्रा का शुभारंभ हिंदू जागरण मंच के जितेंद्र वैस, चौधरी चंद्रपाल सिंह ने निषादराज की झांकी का विधिवत पूजन किया।
उसके बाद फीता काटकर शोभायात्रा को रवाना किया गया। नगर भ्रमण के बाद वापस कैथल गेट आकर शोभायात्रा संपन्न हुई। शोभायात्रा के साथ भजन कीर्तन मंडली चल रही थी। विधायक लक्ष्मी गौतम भी मौके पर पहुंची। शोभायात्रा में आयोजकों सहित कश्यप समाज के लोगों में गजब का उत्साह देखने को मिला।
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निषादराज केवट की मंगलवार को नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। निषादराज जयंती पर हिंदू समाज ने हर्षोल्लास के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली। शोभायात्रा कैथल गेट स्थित तिल वाली गली से आरंभ हुई। शोभायात्रा का शुभारंभ हिंदू जागरण मंच के जितेंद्र वैस, चौधरी चंद्रपाल सिंह ने निषादराज की झांकी का विधिवत पूजन किया।
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उसके बाद फीता काटकर शोभायात्रा को रवाना किया गया। नगर भ्रमण के बाद वापस कैथल गेट आकर शोभायात्रा संपन्न हुई। शोभायात्रा के साथ भजन कीर्तन मंडली चल रही थी। विधायक लक्ष्मी गौतम भी मौके पर पहुंची। शोभायात्रा में आयोजकों सहित कश्यप समाज के लोगों में गजब का उत्साह देखने को मिला।
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झांकी में श्रीराम को गंगा पार कराते हुए केवट महाराज की थी। इस मौके पर संयोजक नीरज कश्यप, राजकुमार ठाकरे, कौशल किशोर, संजय ढाबा, कपिल दिवाना, हरप्रसाद कश्यप, राजकपूर, प्रहलाद, श्याम कश्यप, हरीश सैनी, पवन, राजन कश्यप, महीपाल, कालीचरन, केदारी कश्यप, दिनेश कश्यप, राजेश मल्लाह, दीपक कश्यप, चमन कश्यप, अमर कश्यय, सुमित कश्यप, रूपराम, हंसराज, रेखा कश्यप, त्रिवेणी कश्यप, राधा कश्यप, सीता कश्यप, कैला देवी आदि ने सहयोग किया।