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Sambhal News: तीन चरण में चलेगा निपुण अभियान, फरवरी तक अधिकांश स्कूल होंगे निपुण
Sun, 25 Aug 2024 04:24 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Sun, 25 Aug 2024 04:24 AM IST
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चंदौसी (संभल)। परिषदीय विद्यालयों के कक्षा एक व दो के बच्चों को भाषा व गणित में दक्ष बनाने के लिए निपुण अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए शिक्षकों को समय समय पर बैठक कर प्रेरित भी किया जा रहा है। विभाग का मकसद है कि 2025 के फरवरी में ज्यादा से ज्यादा स्कूल निपुण बन सकें।
जिले में करीब 1289 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालय है। इनमें करीब 1,47,651 बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। पहले इन स्कूलों में निपुण भारत अभियान के तहत कक्षा एक से तीन तक के बच्चों को भाषा और गणित में निपुण बनाया जाता था। लेकिन इस बार सिर्फ कक्षा एक से दो तक के बच्चों को ही निपुण बनाया जाएगा। बीते शैक्षिक सत्र में 52 स्कूल निपुण हो चुके थे। नए शैक्षिक सत्र में शिक्षकों को भी बच्चों का आकलन करते हुए उन्हें निपुण बनाने का लक्ष्य दे दिया गया है। इस लक्ष्य को तीन चरणों में पूरा किया जाना है। पहले चरण में 31 अक्टूबर तक 63 स्कूलों को निपुण बनाना है। वहीं दूसरे चरण में 31 दिसंबर तक 502 स्कूलों को निपुण बनाना है और तीसरे चरण में 25 फरवरी तक 472 स्कूल निपुण करने हैं। अभियान को सफल बनाने के लिए स्कूलों की हर महीने रिपोर्ट ली जाएगी। निपुण विद्यालयों का मूल्यांकन डायट प्रशिक्षु करेंगे। जिला समन्वयक निपुण मिशन मुकेश पाठक ने बताया कि अब कक्षा 1 से 2 तक के बच्चों को निपुण किया जाएगा। अभियान को तीन चरणों में पूरा किया जाना है। फरवरी 2025 में जिले के अधिकांश विद्यालयों के निपुण होने की उम्मीद है।
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जिले में करीब 1289 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालय है। इनमें करीब 1,47,651 बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। पहले इन स्कूलों में निपुण भारत अभियान के तहत कक्षा एक से तीन तक के बच्चों को भाषा और गणित में निपुण बनाया जाता था। लेकिन इस बार सिर्फ कक्षा एक से दो तक के बच्चों को ही निपुण बनाया जाएगा। बीते शैक्षिक सत्र में 52 स्कूल निपुण हो चुके थे। नए शैक्षिक सत्र में शिक्षकों को भी बच्चों का आकलन करते हुए उन्हें निपुण बनाने का लक्ष्य दे दिया गया है। इस लक्ष्य को तीन चरणों में पूरा किया जाना है। पहले चरण में 31 अक्टूबर तक 63 स्कूलों को निपुण बनाना है। वहीं दूसरे चरण में 31 दिसंबर तक 502 स्कूलों को निपुण बनाना है और तीसरे चरण में 25 फरवरी तक 472 स्कूल निपुण करने हैं। अभियान को सफल बनाने के लिए स्कूलों की हर महीने रिपोर्ट ली जाएगी। निपुण विद्यालयों का मूल्यांकन डायट प्रशिक्षु करेंगे। जिला समन्वयक निपुण मिशन मुकेश पाठक ने बताया कि अब कक्षा 1 से 2 तक के बच्चों को निपुण किया जाएगा। अभियान को तीन चरणों में पूरा किया जाना है। फरवरी 2025 में जिले के अधिकांश विद्यालयों के निपुण होने की उम्मीद है।
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