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Sambhal News: संशोधित नक्शा नहीं दे सके सांसद, अब निर्माण का नक्शा भी स्वीकृत होना मुश्किल
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संभल। सांसद जियाउर्रहमान बर्क के दीपा सराय स्थित आवास में हुए निर्माण का नक्शा स्वीकृत होना अब मुश्किल है। सांसद के अधिवक्ता द्वारा संशोधित नक्शा प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके चलते पुराना नक्शा ही सुनवाई के आदेश की फाइल में लगा दिया गया है। 11 अगस्त को अब सुनवाई की जानी है।
एसडीएम विकास चंद्र ने बताया कि दो सप्ताह पहले नक्शा सुधार कराकर प्रस्तुत करने के लिए निर्देश दिए थे लेकिन दो सप्ताह बाद भी नक्शा सुधार कराकर प्रस्तुत नहीं किया गया। अब 11 अगस्त को इस मामले में निर्णय लिया जाएगा। अब सांसद को संशोधित या नया नक्शा प्रस्तुत करने का अवसर नहीं है।
सांसद के आवास मामले में 11 दिसंबर 2024 को अवैध निर्माण बताते हुए प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किया गया था। इस नोटिस के बाद अलग-अलग समय में सुनवाई की गई है। 16 बार समय दिया जा चुका है। दो अलग-अलग मामले में 1500 रुपये जुर्माना भी लगाया है। जो निर्माण किया गया है। उसका नक्शा सांसद ने अधिवक्ता के माध्यम से प्रस्तुत किया था। जिसमें सुधार कराने के निर्देश दिए गए थे लेकिन उसमें सुधार नहीं हो सका। इसके चलते अब नक्शा स्वीकृत होना मुश्किल है।
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मालूम हो सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क को नियत प्राधिकारी/एसडीएम विनियमित क्षेत्र की ओर नवनिर्माण करने पर नोटिस जारी किया गया था, जिसमें कहा था कि आवास में बिना अनुमति के नवनिर्माण किया गया है। इसका नक्शा पास भी नहीं है। यह उत्तर प्रदेश रेगुलेशन ऑफ बिल्डिंग ऑपरेशन एक्ट 1958 का उल्लंघन है। इस मामले में ही लगातार सुनवाई चल रही है।
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एसडीएम विकास चंद्र ने बताया कि दो सप्ताह पहले नक्शा सुधार कराकर प्रस्तुत करने के लिए निर्देश दिए थे लेकिन दो सप्ताह बाद भी नक्शा सुधार कराकर प्रस्तुत नहीं किया गया। अब 11 अगस्त को इस मामले में निर्णय लिया जाएगा। अब सांसद को संशोधित या नया नक्शा प्रस्तुत करने का अवसर नहीं है।
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सांसद के आवास मामले में 11 दिसंबर 2024 को अवैध निर्माण बताते हुए प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किया गया था। इस नोटिस के बाद अलग-अलग समय में सुनवाई की गई है। 16 बार समय दिया जा चुका है। दो अलग-अलग मामले में 1500 रुपये जुर्माना भी लगाया है। जो निर्माण किया गया है। उसका नक्शा सांसद ने अधिवक्ता के माध्यम से प्रस्तुत किया था। जिसमें सुधार कराने के निर्देश दिए गए थे लेकिन उसमें सुधार नहीं हो सका। इसके चलते अब नक्शा स्वीकृत होना मुश्किल है।
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मालूम हो सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क को नियत प्राधिकारी/एसडीएम विनियमित क्षेत्र की ओर नवनिर्माण करने पर नोटिस जारी किया गया था, जिसमें कहा था कि आवास में बिना अनुमति के नवनिर्माण किया गया है। इसका नक्शा पास भी नहीं है। यह उत्तर प्रदेश रेगुलेशन ऑफ बिल्डिंग ऑपरेशन एक्ट 1958 का उल्लंघन है। इस मामले में ही लगातार सुनवाई चल रही है।