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मीट विक्रेताओं के पक्ष में आए पूर्व मंत्री
संभ्ाल/अमर उजाला ब्यूराे
Updated Thu, 23 Mar 2017 01:59 AM IST
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बूचड़खानों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई
- फोटो : राहुल शुक्ला
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उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री और संभल के विधायक नवाब इकबाल महमूद ने मीट विक्रेताओं समेत उन तमाम लोगों का पक्ष लिया है, जो मीट खाते हैं या इस कारोबार से जुड़े हुए हैं। उनका कहना है कि बिना किसी सरकारी आदेश के संभल जिले के कुछ अफसर कुरैशी बिरादरी के लोगों का उत्पीड़न कर रहे हैं। छापामारी कर रहे हैं।
मीडिया से बातचीत में बुधवार को शाम उन्होंने बताया कि पीड़ित वर्ग के लोग उनके पास आए थे। इसके बाद उन्होंने यह सवाल उठाया है कि सबका साथ सबका विकास कहां हो रहा है? संभल में 80 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है और 60 प्रतिशत लोग मीट खाते हैं।
प्रदेश सरकार की ओर से स्लाटिंग बंद करने के लिए कोई आदेश जारी नहीं हुए फिर भी मीट के कारोबार पर चोट क्यों की जा रही है? अगर अफसरों के पास कोई आदेश है, तो दिखाएं? इस बारे में उन्होंने सीओ और एसडीएम से भी बातचीत की है। बोले, जिस तरह का माहौल बना है, उसमें आम मुसलमानों आशंकित है। मौजूदा हालात में सैकड़ों कुरैशी परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट है।
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मीट की दुकानें बुधवार को पूरे दिन बंद रहीं। पालिका ने भी दुकानों के लाइसेंसों का नवीनीकरण नहीं किया है। संभल में तीन मीट फैक्ट्रियां वैध हैं। इन मीट फैक्ट्रियों से माल लेकर मीट विक्रेता दुकान चला सकते हैं, लेकिन इसके बाद भी पालिका लाइसेंसों का नवीनीकरण नहीं कर रही है।
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मीडिया से बातचीत में बुधवार को शाम उन्होंने बताया कि पीड़ित वर्ग के लोग उनके पास आए थे। इसके बाद उन्होंने यह सवाल उठाया है कि सबका साथ सबका विकास कहां हो रहा है? संभल में 80 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है और 60 प्रतिशत लोग मीट खाते हैं।
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प्रदेश सरकार की ओर से स्लाटिंग बंद करने के लिए कोई आदेश जारी नहीं हुए फिर भी मीट के कारोबार पर चोट क्यों की जा रही है? अगर अफसरों के पास कोई आदेश है, तो दिखाएं? इस बारे में उन्होंने सीओ और एसडीएम से भी बातचीत की है। बोले, जिस तरह का माहौल बना है, उसमें आम मुसलमानों आशंकित है। मौजूदा हालात में सैकड़ों कुरैशी परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट है।
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मीट की दुकानें बुधवार को पूरे दिन बंद रहीं। पालिका ने भी दुकानों के लाइसेंसों का नवीनीकरण नहीं किया है। संभल में तीन मीट फैक्ट्रियां वैध हैं। इन मीट फैक्ट्रियों से माल लेकर मीट विक्रेता दुकान चला सकते हैं, लेकिन इसके बाद भी पालिका लाइसेंसों का नवीनीकरण नहीं कर रही है।