{"_id":"6079e6c68ebc3e8d345625b7","slug":"learning-the-nuances-of-social-media-by-learning-from-the-claimant-s-sons-daughters-grandchildren-chandausi-news-mbd386565583","type":"story","status":"publish","title_hn":"दावेदार बेटे, बेटियों, पोते-पोतियों से सीख से रहे सोशल मीडिया की बारीकियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दावेदार बेटे, बेटियों, पोते-पोतियों से सीख से रहे सोशल मीडिया की बारीकियां
विज्ञापन
संभल। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए तैयारी पुरजोर से चल रही है, दावेदार जनसंपर्क में जुटे हैं। गांवों में सियायी चौपाल सज रही हैं। तरह-तरह से दावे हो रहे हैं, हार जीत के समीकरण बन बिगड़ रहे हैं। इन्हीं सब के बीच स्वयं को हाथ जोड़े, गले में गमछा डाले दावेदार भी हाईटेक हो रहे हैं। जनसंपर्क, गांव में चौपाल और लोगों से मुलाकात की फोटो सोशल मीडिया पर अपडेट हो रही हैं, खास बात यह है कि इन सभी को अधिकांश दावेदार स्वयं अपडेट कर रहे हैं। सोशल मीडिया की बारीकियां ये नेताजी अपने बेटे-बेटी, पोते-पोती से सीख कर रहे हैं। स्वयं के स्टेटस के साथ सूचना व फोटो अपडेट कर रहे हैं।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में दावेदारों लोगों को रिझाने के लिए कोई कोर कसर छोड़ रहे हैं। पंचायत, चौपाल, जनसंपर्क में विकास कार्यों का दावा कर रहे दावेदारों ने सोशल मीडिया पर भी प्रचार की छड़ी लगा रखी है। बैठक, जनसंपर्क की फोटो के साथ साथ आगामी पांच साल में विकास कराने के तरह तरह के दावे किया जा रहे हैं। कोई शहरों की तर्ज पर गांव को हाईटेक करने का दावा कर रहा है, तो कोई मूलभूत सुविधाओं और मददगार बनने के लिए तत्पर रहने की बात कह रहा है। हर दावेदार का अंदाजा अलग- अलग है। खास बात यह है कि 50 साल के पार वाले दावेदार भी सोशल मीडिया का खूब प्रयोग कर रहे हैं और तरह तरह के दावे करने से पीछे नहीं हैं। हर मतदाता तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं। अपना अन्य काम भले ही लेट करें, पर सोशल मीडिया पर सूचना को शेयर करना, अपडेट करना व कमेंट करने में देरी नहीं कर रहे हैं। दस से 15 मिनट में जनसंपर्क के दौरान ही
ग्राम प्रधान के दावेदारों का कहना है कि सोशल मीडिया के जरिये युवा व शिक्षित मतदाताओं तक अपनी बात कहने व पहुंचने का सबसे आसान तरीका है। बताया कि पहले वह साधारण फोन चलाते थे। चुनाव शुरू होने पर सोशल मीडिया से रूबरू हुए हैं। इसे सीखने में अपनी बेटी का सहारा लिया है।
विज्ञापन
पूर्व ग्राम प्रधान व जिला पंचायत सदस्य पद के दावेदार ने बताया कि कुछ दिनों पहले तक व सोशल मीडिया उनके समझ से परे थी। साधारण मोबाइल से काम चलाते थे। अब मल्टी मीडिया मोबाइल फोन चलाना सीखा है।
विज्ञापन
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में दावेदारों लोगों को रिझाने के लिए कोई कोर कसर छोड़ रहे हैं। पंचायत, चौपाल, जनसंपर्क में विकास कार्यों का दावा कर रहे दावेदारों ने सोशल मीडिया पर भी प्रचार की छड़ी लगा रखी है। बैठक, जनसंपर्क की फोटो के साथ साथ आगामी पांच साल में विकास कराने के तरह तरह के दावे किया जा रहे हैं। कोई शहरों की तर्ज पर गांव को हाईटेक करने का दावा कर रहा है, तो कोई मूलभूत सुविधाओं और मददगार बनने के लिए तत्पर रहने की बात कह रहा है। हर दावेदार का अंदाजा अलग- अलग है। खास बात यह है कि 50 साल के पार वाले दावेदार भी सोशल मीडिया का खूब प्रयोग कर रहे हैं और तरह तरह के दावे करने से पीछे नहीं हैं। हर मतदाता तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं। अपना अन्य काम भले ही लेट करें, पर सोशल मीडिया पर सूचना को शेयर करना, अपडेट करना व कमेंट करने में देरी नहीं कर रहे हैं। दस से 15 मिनट में जनसंपर्क के दौरान ही
विज्ञापन
ग्राम प्रधान के दावेदारों का कहना है कि सोशल मीडिया के जरिये युवा व शिक्षित मतदाताओं तक अपनी बात कहने व पहुंचने का सबसे आसान तरीका है। बताया कि पहले वह साधारण फोन चलाते थे। चुनाव शुरू होने पर सोशल मीडिया से रूबरू हुए हैं। इसे सीखने में अपनी बेटी का सहारा लिया है।
विज्ञापन
पूर्व ग्राम प्रधान व जिला पंचायत सदस्य पद के दावेदार ने बताया कि कुछ दिनों पहले तक व सोशल मीडिया उनके समझ से परे थी। साधारण मोबाइल से काम चलाते थे। अब मल्टी मीडिया मोबाइल फोन चलाना सीखा है।