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धान की खरीद शुरू नहीं होने पर क्रय केंद्र पर भाकियू का हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Sat, 15 Oct 2016 12:57 AM IST
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शुक्रवार को किसान धान लेकर पहुंचा तो बारदाना और पल्लेदार क्रय केंद्र पर नहीं थे। इसकी जानकारी मिलने पर भाकियू पदाधिकारियों ने क्रय केंद्र पर पहुंचकर हंगामा कर दिया। एसडीएम के आदेश पर धान की तोल हो जाने के बाद किसान शांत हो गए।
जिले में एक अक्तूबर से सरकारी क्रय केंद्र पर धान खरीद शुरू होनी थी। संभल के क्रय केंद्र पर शुक्रवार को दोपहर तक धान का एक भी दाना नहीं खरीदा गया था। जिले के लिए शासन की तरफ से 20 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य दिया गया है। सरकार ने मोटे धान का मूल्य 1470 रुपये और ग्रेड-ए का 1510 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। गांव फ्तेहपुर उत्तमा निवासी पप्पू सिंह क्रय केंद्र पर शुक्रवार को धान लेकर पहुंचे।
केंद्र प्रभारी से धान खरीदने को कहा तो केंद्र प्रभारी ने बरदाना और पल्लेदार न होने की बात कहते हुए धान खरीदने से इंकार कर दिया। इसकी जानकारी किसान ने भाकियू असली के पदाधिकारियों को दे दी। जानकारी मिलते ही जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह व जिला महासचिव संजीव गांधी किसानों के साथ क्रय केंद्र पर पहुंच गए। उन्होंने धान खरीद शुरू न होने पर हंगामा करते हुए प्रदर्शन किया और प्रकरण की जानकारी एसडीएम अखिलेश यादव को दी।
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एसडीएम ने तत्काल धान खरीदने के आदेश दिए। इसके बाद किसान के धान की खरीद हुई। प्रदर्शन करने वालों में अजयपाल सिंह, दिलशाद हुसैन, नेमपाल सिंह, दीपक शर्मा, मुकेश सिंह, जयवीर सिंह, हाजी महबूब अली मौजूद रहे।
गुुन्नौर तहसील में किसानों ने शुरू किया सत्याग्रह
किसान फ्रंट के बैनर चले शुक्रवार को गुन्नौर तहसील परिसर में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर किसानों ने सत्याग्रह शुरू कर दिया है। एसडीएम ने सत्याग्रहियों को पहले तो फटकार लगाई, लेकिन वह नहीं माने तो वहां से चले गए। आंदोलनकारियों ने सिर्फ आश्वासन पर सत्याग्रह खत्म करने से इनकार कर दिया।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार को आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट (आइपीएफ), किसान फ्रंट व जमीन वापसी आंदोलन द्वारा गुन्नौर तहसील पर सत्याग्रह शुरू किया गया। इस मौके पर किसान फ्रंट के प्रदेश संयोजक व आइपीएफ के प्रवक्ता अजीत सिंह यादव ने कहा कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक व गांधीवादी तरीके से चलाए जा रहे सत्याग्रह को बंद करने की उपजिलाधिकारी ने धमकी दी। लेकिन आंदोलन तभी खत्म होगा, जब समस्याओं का समाधान हो जाएगा।
यूपी की सपा सरकार में जनता की आवाज उठाने वाले सत्याग्रहियों को जेल भेजने की धमकी दी जा रही है। जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी गुन्नौर को सौंपा गया। ज्ञापन में नूरपुर, कैल, बबराला, बाघऊ, मीरमपुर, फिरोजपुर के हजारों किसानों की 25 वर्ष पहले उद्योग के नाम अधिग्रहीत जमीनें वापस करने, सभी किसानों-गरीबों को राशन कार्ड देने सहित कई अन्य मांगें शामिल हैं। इसमें सुनील यादव, पालू सिंह, जयनारायन, भूरे पाल, मास्टर नवाब सिंह, केहर सिंह, कल्याण सिंह, श्यौराज, वीरपाल किसान, मजदूर शामिल रहे।
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जिले में एक अक्तूबर से सरकारी क्रय केंद्र पर धान खरीद शुरू होनी थी। संभल के क्रय केंद्र पर शुक्रवार को दोपहर तक धान का एक भी दाना नहीं खरीदा गया था। जिले के लिए शासन की तरफ से 20 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य दिया गया है। सरकार ने मोटे धान का मूल्य 1470 रुपये और ग्रेड-ए का 1510 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। गांव फ्तेहपुर उत्तमा निवासी पप्पू सिंह क्रय केंद्र पर शुक्रवार को धान लेकर पहुंचे।
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केंद्र प्रभारी से धान खरीदने को कहा तो केंद्र प्रभारी ने बरदाना और पल्लेदार न होने की बात कहते हुए धान खरीदने से इंकार कर दिया। इसकी जानकारी किसान ने भाकियू असली के पदाधिकारियों को दे दी। जानकारी मिलते ही जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह व जिला महासचिव संजीव गांधी किसानों के साथ क्रय केंद्र पर पहुंच गए। उन्होंने धान खरीद शुरू न होने पर हंगामा करते हुए प्रदर्शन किया और प्रकरण की जानकारी एसडीएम अखिलेश यादव को दी।
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एसडीएम ने तत्काल धान खरीदने के आदेश दिए। इसके बाद किसान के धान की खरीद हुई। प्रदर्शन करने वालों में अजयपाल सिंह, दिलशाद हुसैन, नेमपाल सिंह, दीपक शर्मा, मुकेश सिंह, जयवीर सिंह, हाजी महबूब अली मौजूद रहे।
गुुन्नौर तहसील में किसानों ने शुरू किया सत्याग्रह
किसान फ्रंट के बैनर चले शुक्रवार को गुन्नौर तहसील परिसर में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर किसानों ने सत्याग्रह शुरू कर दिया है। एसडीएम ने सत्याग्रहियों को पहले तो फटकार लगाई, लेकिन वह नहीं माने तो वहां से चले गए। आंदोलनकारियों ने सिर्फ आश्वासन पर सत्याग्रह खत्म करने से इनकार कर दिया।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार को आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट (आइपीएफ), किसान फ्रंट व जमीन वापसी आंदोलन द्वारा गुन्नौर तहसील पर सत्याग्रह शुरू किया गया। इस मौके पर किसान फ्रंट के प्रदेश संयोजक व आइपीएफ के प्रवक्ता अजीत सिंह यादव ने कहा कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक व गांधीवादी तरीके से चलाए जा रहे सत्याग्रह को बंद करने की उपजिलाधिकारी ने धमकी दी। लेकिन आंदोलन तभी खत्म होगा, जब समस्याओं का समाधान हो जाएगा।
यूपी की सपा सरकार में जनता की आवाज उठाने वाले सत्याग्रहियों को जेल भेजने की धमकी दी जा रही है। जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी गुन्नौर को सौंपा गया। ज्ञापन में नूरपुर, कैल, बबराला, बाघऊ, मीरमपुर, फिरोजपुर के हजारों किसानों की 25 वर्ष पहले उद्योग के नाम अधिग्रहीत जमीनें वापस करने, सभी किसानों-गरीबों को राशन कार्ड देने सहित कई अन्य मांगें शामिल हैं। इसमें सुनील यादव, पालू सिंह, जयनारायन, भूरे पाल, मास्टर नवाब सिंह, केहर सिंह, कल्याण सिंह, श्यौराज, वीरपाल किसान, मजदूर शामिल रहे।