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Sambhal News: भागवत कथा से पहले निकाली गई कलश यात्रा
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चंदौसी में कलश यात्रा निकालते श्रद्धालु - संवाद
चंदौसी। श्री गीता सत्संग भवन में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ से पहले ढोल नगाड़ों के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। भक्ति भाव से ओतप्रोत श्रद्धालु भजनों के साथ भगवान के जयकारे लगाते हुए गली बाजारों से गुजरे। इससे कलश यात्रा के मार्ग में भक्ति का वातावरण बन गया।
बृहस्पतिवार को गणेश कॉलोनी की गली नंबर आठ से श्रद्धालुओं ने ढोल नगाड़ों संग कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा गली-बाजारों से गुजरती हुई श्री गीता सत्संग भवन पर पहुंचकर संपन्न हुई। यहां कथा व्यास प्रशांत कुमार मिश्र ने विधिविधान से कलश की स्थापना कर श्रीमद्भागवत कथा का अमृत बरसाया।
कथा व्यास ने बताया कि भागवत कथा भगवान की भक्ति की ओर ले जाती है। भगवान की आराधना सच्चे मन से करनी चाहिए। कथा वाचक ने बताया कि जो प्राणी इस कथा का रसपान करता है, वह सतमार्ग पर चलने लगता है। कथा के बीच-बीच में सुंदर-सुंदर भजनों का आयोजन किया गया। भजनों को सुन श्रद्धालु भक्ति भाव से नृत्य करने लगे।
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कथा के समापन पर आरती कर प्रसाद का वितरण किया गया। इस मौके पर दिवाकर पाठक, ऋचा पाठक, सत्य प्रकाश पाठक, कृष्णकांत पांडेय, कृष्णा पाठक, आईपी शर्मा, रामाशंकर शर्मा, मदन लाल शर्मा, चंद्र प्रकाश राधेश्याम सिंह, रमेश चंद्र शर्मा, राजकुमार गोयल, डॉ. जयशंकर दुबे, नत्थी लाल शर्मा आदि मौजूद रहे।
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बृहस्पतिवार को गणेश कॉलोनी की गली नंबर आठ से श्रद्धालुओं ने ढोल नगाड़ों संग कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा गली-बाजारों से गुजरती हुई श्री गीता सत्संग भवन पर पहुंचकर संपन्न हुई। यहां कथा व्यास प्रशांत कुमार मिश्र ने विधिविधान से कलश की स्थापना कर श्रीमद्भागवत कथा का अमृत बरसाया।
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कथा व्यास ने बताया कि भागवत कथा भगवान की भक्ति की ओर ले जाती है। भगवान की आराधना सच्चे मन से करनी चाहिए। कथा वाचक ने बताया कि जो प्राणी इस कथा का रसपान करता है, वह सतमार्ग पर चलने लगता है। कथा के बीच-बीच में सुंदर-सुंदर भजनों का आयोजन किया गया। भजनों को सुन श्रद्धालु भक्ति भाव से नृत्य करने लगे।
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कथा के समापन पर आरती कर प्रसाद का वितरण किया गया। इस मौके पर दिवाकर पाठक, ऋचा पाठक, सत्य प्रकाश पाठक, कृष्णकांत पांडेय, कृष्णा पाठक, आईपी शर्मा, रामाशंकर शर्मा, मदन लाल शर्मा, चंद्र प्रकाश राधेश्याम सिंह, रमेश चंद्र शर्मा, राजकुमार गोयल, डॉ. जयशंकर दुबे, नत्थी लाल शर्मा आदि मौजूद रहे।