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Sambhal News: पत्नी की मौत के एक माह बाद कराया बीमा, रिपाेर्ट दर्ज
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रजपुरा(संभल)। रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव सिहावली में गुलबसा की मौत के एक माह बाद बीमा कराने का मामला सामने आया है। पुलिस ने बीमा कंपनी के अधिकारी की तहरीर पर मृतक महिला के पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
दरअसल, भारतीय जीवन बीमा कंपनी (आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस लखनऊ) के प्रतिनिधि उमेश कुमार ने एसपी केके विश्नोई को शिकायतीपत्र दिया। इसमें बताया कि एक व्यक्ति के द्वारा गुलबसा निवासी सिहावली मेहुआ हसनगंज के जीवन बीमा कवर की मांग की गई थी। इसमें नामांकित व्यक्ति काजामद्दीनस को बतौर पिता-पुत्री का रिश्ता दिखाकर दर्शाया गया। दावे के आधार पर इसकी क्षेत्रीय समिति ने जांच पड़ताल की।
इस दौरान सामने आया कि दावेदार ने महिला की मौत का दावा 14 अगस्त-2022 को किया था, जबकि कई अभिलेखों के अनुसार, उसकी मौत 24 जुलाई-2022 को हुई। मौत के बाद ही कूटरचित दस्तावेज के जरिये बीमा कराया था।
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थाना प्रभारी संदीप चौधरी ने बताया कि गांव सिहावली के निवासी समीम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मामले की जांच कराई जा रही है। वहीं, बीमा कंपनी के अधिकारी ने बताया कि मृत्यु प्रमाण फर्जी बनवाकर क्लेम किया गया, जिसको नियमों के अनुसार निरस्त कर दिया।
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छत से गिरकर घायल होने के बाद हुई थी मौत
रजपुरा के गांव सिहावली निवासी समीम की पत्नी गुलबसा की 24 जुलाई को छत से गिरने पर मौत हो गई थी। मृत्यु के एक माह बाद मृत महिला को जीवित दिखाकर पांच लाख रुपये की बीमा पॉलिसी करा दी। बीमा कंपनी की जांच में बीमा पॉलिसी से एक माह पहले ही मौत होने पुष्टि हुई। संवाद
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कहीं गिरोह का शिकार तो नहीं हो गया मृतका का पति
संभल। बीमा फर्जीवाड़ा का यह कोई नया मामला नहीं है। इससे पहले भी कई मामले सामने आ चुके हैं। बीते कुछ दिन पहले असमोली थाना क्षेत्र के गांव गरवारा निवासी केला के खिलाफ इसी तरह के मामले में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। अब रजपुरा पुलिस ने कार्रवाई की है। गुलबसा की मौत के बाद दावे में जिस नंबर का प्रयोग किया गया, वह व्यक्ति पंजाब में है। उसका कहना है कि परिवार के ही व्यक्ति ने 30 हजार रुपये का लालच देकर नंबर लगाया था। मृतका के पति की भी आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। उसे भी इस बीमा पॉलिसी से कोई लेनादेना नहीं है। वह दूसरी शादी कर चुका है और नॉमिनी मृतका का पिता है। इन तथ्यों पर गौर करें तो निश्चित रूप से यह गिरोह का शिकार हुआ है। हालांकि, पुलिस मामले की जांच कर रही है। संवाद
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दरअसल, भारतीय जीवन बीमा कंपनी (आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस लखनऊ) के प्रतिनिधि उमेश कुमार ने एसपी केके विश्नोई को शिकायतीपत्र दिया। इसमें बताया कि एक व्यक्ति के द्वारा गुलबसा निवासी सिहावली मेहुआ हसनगंज के जीवन बीमा कवर की मांग की गई थी। इसमें नामांकित व्यक्ति काजामद्दीनस को बतौर पिता-पुत्री का रिश्ता दिखाकर दर्शाया गया। दावे के आधार पर इसकी क्षेत्रीय समिति ने जांच पड़ताल की।
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इस दौरान सामने आया कि दावेदार ने महिला की मौत का दावा 14 अगस्त-2022 को किया था, जबकि कई अभिलेखों के अनुसार, उसकी मौत 24 जुलाई-2022 को हुई। मौत के बाद ही कूटरचित दस्तावेज के जरिये बीमा कराया था।
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थाना प्रभारी संदीप चौधरी ने बताया कि गांव सिहावली के निवासी समीम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मामले की जांच कराई जा रही है। वहीं, बीमा कंपनी के अधिकारी ने बताया कि मृत्यु प्रमाण फर्जी बनवाकर क्लेम किया गया, जिसको नियमों के अनुसार निरस्त कर दिया।
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छत से गिरकर घायल होने के बाद हुई थी मौत
रजपुरा के गांव सिहावली निवासी समीम की पत्नी गुलबसा की 24 जुलाई को छत से गिरने पर मौत हो गई थी। मृत्यु के एक माह बाद मृत महिला को जीवित दिखाकर पांच लाख रुपये की बीमा पॉलिसी करा दी। बीमा कंपनी की जांच में बीमा पॉलिसी से एक माह पहले ही मौत होने पुष्टि हुई। संवाद
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कहीं गिरोह का शिकार तो नहीं हो गया मृतका का पति
संभल। बीमा फर्जीवाड़ा का यह कोई नया मामला नहीं है। इससे पहले भी कई मामले सामने आ चुके हैं। बीते कुछ दिन पहले असमोली थाना क्षेत्र के गांव गरवारा निवासी केला के खिलाफ इसी तरह के मामले में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। अब रजपुरा पुलिस ने कार्रवाई की है। गुलबसा की मौत के बाद दावे में जिस नंबर का प्रयोग किया गया, वह व्यक्ति पंजाब में है। उसका कहना है कि परिवार के ही व्यक्ति ने 30 हजार रुपये का लालच देकर नंबर लगाया था। मृतका के पति की भी आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। उसे भी इस बीमा पॉलिसी से कोई लेनादेना नहीं है। वह दूसरी शादी कर चुका है और नॉमिनी मृतका का पिता है। इन तथ्यों पर गौर करें तो निश्चित रूप से यह गिरोह का शिकार हुआ है। हालांकि, पुलिस मामले की जांच कर रही है। संवाद