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आयोग के अध्यक्ष को निरीक्षण में मिलीं कई खामियां
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चंदौसी में राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष को समस्या बताते व्यापारी।
- फोटो : CHANDAUSI
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चंदौसी। राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्रनाथ वाल्मीकि ने मंगलवार को कृषि उत्पादन मंडी समिति व पालिका कार्यालय का निरीक्षण कर कर्मचारियों की शिकायतें सुनी। इस दौरान उन्होंने भारी गड़बड़ियां मिली। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनसे अनाधिकृत धन वसूली की जा रही है। वहीं, ओबीसी के कर्मचारी अधिकारियों के बंगलों पर कार्यरत हैं, सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने चेयरमैन व ईओ के बारे में शासन को लिखने का भरोसा दिलाया है।
राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र नाथ वाल्मीकि सबसे पहले कृषि उत्पादन मंडी समिति पहुंचे। यहां व्यापारियों ने शौचालय नहीं होने की शिकायत की तो यहां भारी गंदगी पाई गई। मंडी प्रशासन अपने पुराने चहेते ठेकेदार का समय बढ़ाने के लिए टेंडर को क्लियर नहीं कर रहा है। कूड़े को मंडी परिसर में ही जलाया जा रहा है। स्वच्छता अभियान की धज्जियां उड़ाई जा रही है, इस पर सचिव कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। इसके बाद सुरेंद्रनाथ वाल्मीकि नगर पालिका परिषद के कार्यालय पहुंचे। यहां ईओ तो बाहर बताए गए लेकिन चेयरमैन इंदूरानी व अन्य लोग मौजूद मिले।
बताया गया कि ओबीसी के 41 कर्मचारी में से कोई काम नहीं कर रहा है, कुछ को बाबू बना दिया गया है तो कई अधिकारियों के कार्यालयों में काम कर रहे हैं, अधिकांश का पता ही नहीं है कि वहां कहां है। जबकि एक कर्मचारी के खाते में करीब 35000 रुपये प्रतिमाह जा रहा है। यह सब पालिका की सांठगांठ से हो रहा है। कई कर्मचारियों ने नाराजगी जताते हुए हंगामा किया। जूनियर्स को सफाई नायक बना दिया गया है। वहीं आउट सोसिंग के कर्मचारियों को मानदेय तो दिया जा रहा है, लेकिन उनसे अग्रिम धन वसूली सुविधा शुल्क के रूप में की जा रही है। कर्मचारियों की पेंशन बकाया है। संविदा कर्मियों का एक साल व नियमित कर्मियों का तीन माह का पीएफ जमा नहीं किया गया है। अध्यक्ष ने बताया कि पालिका में भारी गड़बड़ी है, इस बारे में शासन को लिखा जाएगा। ताकि निष्पक्ष जांच कराई जा सके।
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राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र नाथ वाल्मीकि सबसे पहले कृषि उत्पादन मंडी समिति पहुंचे। यहां व्यापारियों ने शौचालय नहीं होने की शिकायत की तो यहां भारी गंदगी पाई गई। मंडी प्रशासन अपने पुराने चहेते ठेकेदार का समय बढ़ाने के लिए टेंडर को क्लियर नहीं कर रहा है। कूड़े को मंडी परिसर में ही जलाया जा रहा है। स्वच्छता अभियान की धज्जियां उड़ाई जा रही है, इस पर सचिव कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। इसके बाद सुरेंद्रनाथ वाल्मीकि नगर पालिका परिषद के कार्यालय पहुंचे। यहां ईओ तो बाहर बताए गए लेकिन चेयरमैन इंदूरानी व अन्य लोग मौजूद मिले।
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बताया गया कि ओबीसी के 41 कर्मचारी में से कोई काम नहीं कर रहा है, कुछ को बाबू बना दिया गया है तो कई अधिकारियों के कार्यालयों में काम कर रहे हैं, अधिकांश का पता ही नहीं है कि वहां कहां है। जबकि एक कर्मचारी के खाते में करीब 35000 रुपये प्रतिमाह जा रहा है। यह सब पालिका की सांठगांठ से हो रहा है। कई कर्मचारियों ने नाराजगी जताते हुए हंगामा किया। जूनियर्स को सफाई नायक बना दिया गया है। वहीं आउट सोसिंग के कर्मचारियों को मानदेय तो दिया जा रहा है, लेकिन उनसे अग्रिम धन वसूली सुविधा शुल्क के रूप में की जा रही है। कर्मचारियों की पेंशन बकाया है। संविदा कर्मियों का एक साल व नियमित कर्मियों का तीन माह का पीएफ जमा नहीं किया गया है। अध्यक्ष ने बताया कि पालिका में भारी गड़बड़ी है, इस बारे में शासन को लिखा जाएगा। ताकि निष्पक्ष जांच कराई जा सके।
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