फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sambhal News ›   Illegal mining in two signs of industrial corridor, farmers worried

Sambhal News: औद्योगिक गलियारे के दो बैनामों में अवैध खनन का अड़ंगा, किसान परेशान

Sun, 07 Apr 2024 12:02 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल Updated Sun, 07 Apr 2024 12:02 AM IST
विज्ञापन
Illegal mining in two signs of industrial corridor, farmers worried
संभल। संभल जिले के गांव खिरनी मोहिउद्दीनपुर में गंगा एक्सप्रेसवे के जंक्शन किनारे बन रहे औद्योगिक गलियारे के दो बैनामों पर अवैध खनन का अड़ंगा आड़े आ गया है। जिन दो किसानों का बैनामा होना है, उन गाटों में बिना अनुमति अवैध खनन किया गया है। खनन भी गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए ही किया गया है। प्रशासन ने इस संबंध में कार्यदायी संस्था को चार माह पहले नोटिस दिया लेकिन अब तक जवाब नहीं मिल सका। इस कारण कार्रवाई नहीं बढ़ सकी है। इसका खामियाजा किसानों के साथ औद्योगिक गलियारे के निर्माण पर पड़ रहा है।
विज्ञापन

औद्योगिक गलियारे के लिए खिरनी, बसला समेत चार गांवों में भूमि चिन्हित की गई है। इन्हीं गांव के किसानों से जमीन ली जानी है। इसी में शामिल दो गाटे ऐसे हैं, जिन्हें लेकर अधिकारी और कर्मचारी संशय में हैं। बैनामा नहीं हो पा रहा है। वजह है कि वर्ष-2023 में स्थलीय सत्यापन के दौरान सामने आया कि राधेश्याम, रामरतन और ऋषिपाल पुत्र सियाराम निवासी खिरनी मोहिउद्दीनपुर के गांव में स्थित गाटा संख्या 223 और प्रमोद कुमार व सूरजमुखी पत्नी स्वर्गीय बलधारी के बसला में स्थित गाटा संख्या 658 में से 1.5 मीटर गहराई तक अवैध खनन किया गया। इन गाटाें से जो खनन किया गया है, उस पर जुर्माने की धनराशि करीब 8 लाख रुपये है। इसका नोटिस जिला प्रशासन ने कार्यदायी संस्था को भेजकर जवाब मांगा है लेकिन अब तक जवाब नहीं मिला है। समस्या यह है कि यदि इन गाटों का बैनामा हो गया तो फिर जुर्माने की धनराशि कौन जमा करेगा। ऐसे में बैनामा फंस गया है।
विज्ञापन


जिनके बचे हैं बैनामे वह जल्द कराएं, वर्ना होगा अधिगृहण
औद्योगिक गलियारे के लिए पहले चरण में शासन ने 120 हेक्टेयर भूमि की खरीद के लिए मंजूरी दी है। इसके सापेक्ष 103 हेक्टेयर भूमि के बैनाम हो गए हैं, जो मंजूरी वाली भूमि का 86 फीसद है। इसके बाद शेष जमीन का कभी भी अधिगृहण हो सकता है। लेकिन प्रशासन ने किसानों से आग्रह किया है कि वह खुद ही अपने अभिलेख जमा कराते हुए बैनामा करा लें, ताकि आने वाली समस्याओं से बचा जा सकें। बता दें कि 1646 बीघा भूमि का बैनामा हुआ है। इनमें से किसानों को 1300 बीघा भूमि का भुगतान कर दिया गया है। बाकी भुगतान भी जल्द होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


नोटिस जारी होने के बाद कार्यदायी संस्था ने जवाब दिया या नहीं इसकी जानकारी करनी पड़ेगी। यदि जवाब नहीं दिया है तो कार्रवाई की जाएगी। औद्योगिक गलियारे की बैनामा प्रक्रिया चल रही है। बैनामा प्रक्रिया में बाधा नहीं होने दी जाएगी।
प्रदीप वर्मा, एडीएम, संभल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed