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Sambhal News: विश्व पटल पर अपनी सशक्त पहचान बना रही हिंदी
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संभल। एमजीएम कालेज में स्नातकोत्तर हिंदी विभाग की ओर से विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर विश्व पटल पर हिंदी के बढ़ते चरण विषय पर हुई विचार गोष्ठी में हिंदी का महत्व बताया गया।
विचार गोष्ठी का शुभारंभ डॉ. विजयलक्ष्मी शर्मा ने हिंदी गीत प्रस्तुत करके किया। डॉ. फहीम अहमद ने कहा कि हिंदी वैश्विक सौहार्द और बंधुत्व की भाषा है। हिंदी ने राष्ट्रीय एकीकरण और विश्व एकता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रोफेसर राजेश कुमार ने कहा कि हिंदी विश्व पटल पर अपनी सशक्त पहचान बना रही है। प्रोफेसर डॉ. मोहम्मद नदीम ने कहा कि हमें अपनी भाषा हिंदी की उन्नति और सम्मान के लिए सतत प्रयास करना चाहिए।
डॉ. मोहम्मद इमरान खान ने कहा कि हिंदी भाषा और साहित्य का विकास भारत के साथ साथ अन्य देशों में भी तेजी से हो रहा है। प्राचार्य प्रोफेसर डाॅ. योगेंद्र सिंह ने कहा कि वैश्विक स्तर पर हिंदी में रोजगार के अवसर बढ़े हैं। हिंदी उत्तरोत्तर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। हिंदी आज वैश्विक संचार, संस्कृति और ज्ञान का सेतु बनती जा रही है।
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प्रोफेसर आबिद हुसैन ने कहा कि साहित्य, सिनेमा, टेक्नोलॉजी, शिक्षा और प्रवासी समुदाय के माध्यम से हिंदी का प्रभाव बढ़ रहा है। डिजिटल दुनिया में इसकी उपस्थिति और भी व्यापक हुई है। डॉ. शशिकांत गोयल ने धन्यवाद किया। इस दौरान डॉ. रियाज अनवर, डॉ. नवीन यादव, डॉ. मोहम्मद अहमद, डॉ. संजय बाबू दुबे आदि रहे।
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विचार गोष्ठी का शुभारंभ डॉ. विजयलक्ष्मी शर्मा ने हिंदी गीत प्रस्तुत करके किया। डॉ. फहीम अहमद ने कहा कि हिंदी वैश्विक सौहार्द और बंधुत्व की भाषा है। हिंदी ने राष्ट्रीय एकीकरण और विश्व एकता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रोफेसर राजेश कुमार ने कहा कि हिंदी विश्व पटल पर अपनी सशक्त पहचान बना रही है। प्रोफेसर डॉ. मोहम्मद नदीम ने कहा कि हमें अपनी भाषा हिंदी की उन्नति और सम्मान के लिए सतत प्रयास करना चाहिए।
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डॉ. मोहम्मद इमरान खान ने कहा कि हिंदी भाषा और साहित्य का विकास भारत के साथ साथ अन्य देशों में भी तेजी से हो रहा है। प्राचार्य प्रोफेसर डाॅ. योगेंद्र सिंह ने कहा कि वैश्विक स्तर पर हिंदी में रोजगार के अवसर बढ़े हैं। हिंदी उत्तरोत्तर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। हिंदी आज वैश्विक संचार, संस्कृति और ज्ञान का सेतु बनती जा रही है।
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प्रोफेसर आबिद हुसैन ने कहा कि साहित्य, सिनेमा, टेक्नोलॉजी, शिक्षा और प्रवासी समुदाय के माध्यम से हिंदी का प्रभाव बढ़ रहा है। डिजिटल दुनिया में इसकी उपस्थिति और भी व्यापक हुई है। डॉ. शशिकांत गोयल ने धन्यवाद किया। इस दौरान डॉ. रियाज अनवर, डॉ. नवीन यादव, डॉ. मोहम्मद अहमद, डॉ. संजय बाबू दुबे आदि रहे।