{"_id":"5a32d5ba4f1c1bd1408bcf1b","slug":"himaspur-has-4-deaths-from-cancer-in-2-years","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिसामपुर में दो वर्ष में कैंसर से चार मौतें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिसामपुर में दो वर्ष में कैंसर से चार मौतें
अमर उजाला ब्यूरो/संभ्ाल
Updated Fri, 15 Dec 2017 04:27 AM IST
विज्ञापन
संभल के एक गांव में हैंडपंप से निकलता पीला पानी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तहसील क्षेत्र के गांव हिसामपुर में दूषित पानी जानलेवा बन रहा है। पिछले दो सालों में गांव में कैंसर से चार लोगों की मौत हो चुकी है जबकि एक महिला दूषित पानी पीने से पेट की बीमारी का शिकार बनी तो महिला ने भी दम तोड़ दिया। आधे से ज्यादा परिवारों के लोग दूसरे के घरों से पानी लाकर पी रहे हैं। कुछ लोगों ने सबमर्सिबल लगवा लिए हैं।
संभल के गांव हिसामपुर में लगभग 4500 लोगों की आबादी है। गांव में पिछले पांच सालों से निजी हैंडपंपों से दूषित पानी निकल रहा है। दूषित पानी के इस्तेमाल से ग्रामीण गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। चाय बनाने के लिए पानी को उबाला जाता है तो पीले से पानी काला हो जाता है, अगर पानी को बाल्टी में भरकर रख दिए जाए तो दो घंटे में ही पीला हो जाता है।
गरीबी लोगों ने मजबूरी में काफी समय दूषित पानी पिया। जब वह बीमार पड़ने लगे तो उन्होंने नल का पानी पीना बंद कर दिया। गांव के लोगों ने बताया कि हिसामपुर गांव में आबादी के बीचों बीच तालाब बना हुआ है। जिसमें गांव का गंदा पानी गिरता है। तालाब के पानी की खेतों में निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है।
विज्ञापन
तालाब के चारों ओर गंदगी का अंबार भी लगा हुआ है। तालाब से पानी की निकासी न होने के कारण जलभराव रहता है। ग्रामीणों का मानना है कि यह भी बीमारी की एक वजह है। गांव में पिछले दो सालों में गांव में कैंसर से मजीदन (60) पत्नी खलील अहमद, आकिल (39), निसार(43) , सायरा(50) की मौत हो चुकी है।
गांव में कैंसर से जब लगातार मौतें हुईं तो ग्रामीण सहम गए। उसके बाद लोगों ने दूषित पानी का उपयोग बंद कर दिया और सबमर्सिबल लगवाने शुरू किए। फिलहाल कुछ परिवार सरकारी हैंडपंपों से पानी भरकर ला रहे हैं। वहीं कुछ लोग पड़ोसियों से पानी लेकर अपना काम चला रहे हैं।
विज्ञापन
संभल के गांव हिसामपुर में लगभग 4500 लोगों की आबादी है। गांव में पिछले पांच सालों से निजी हैंडपंपों से दूषित पानी निकल रहा है। दूषित पानी के इस्तेमाल से ग्रामीण गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। चाय बनाने के लिए पानी को उबाला जाता है तो पीले से पानी काला हो जाता है, अगर पानी को बाल्टी में भरकर रख दिए जाए तो दो घंटे में ही पीला हो जाता है।
विज्ञापन
गरीबी लोगों ने मजबूरी में काफी समय दूषित पानी पिया। जब वह बीमार पड़ने लगे तो उन्होंने नल का पानी पीना बंद कर दिया। गांव के लोगों ने बताया कि हिसामपुर गांव में आबादी के बीचों बीच तालाब बना हुआ है। जिसमें गांव का गंदा पानी गिरता है। तालाब के पानी की खेतों में निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है।
विज्ञापन
तालाब के चारों ओर गंदगी का अंबार भी लगा हुआ है। तालाब से पानी की निकासी न होने के कारण जलभराव रहता है। ग्रामीणों का मानना है कि यह भी बीमारी की एक वजह है। गांव में पिछले दो सालों में गांव में कैंसर से मजीदन (60) पत्नी खलील अहमद, आकिल (39), निसार(43) , सायरा(50) की मौत हो चुकी है।
गांव में कैंसर से जब लगातार मौतें हुईं तो ग्रामीण सहम गए। उसके बाद लोगों ने दूषित पानी का उपयोग बंद कर दिया और सबमर्सिबल लगवाने शुरू किए। फिलहाल कुछ परिवार सरकारी हैंडपंपों से पानी भरकर ला रहे हैं। वहीं कुछ लोग पड़ोसियों से पानी लेकर अपना काम चला रहे हैं।