हाथरस हादसा: संभल की तीन महिलाओं ने गंवाई जान, शव गांव पहुंचे तो मचा कोहराम... घटना के बाद से दुखी हैं अनुयायी
हाथरस हादसे में संभल के तीन महिलाओं ने भी जान गंवाई है। तीनों के शव अलग-अलग गांवों में पहुंचने पर स्थिति गमगीन हो गई। घटना के बाद से अनुयायी दुखी और चिंता में है।
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हाथरस में सत्संग के दौरान मची भगदड़ में बनियाठेर के गांव अफजलपुर डरौली निवासी कमला (60) और ओरछी गांव निवासी कमला (45) की भी मौत हो गई। इससे पहले गुन्नौर के गांव उदयभानपुर निवासी पिंकी शर्मा की मौत की पुष्टि हादसे के बाद ही हो गई थी।
हादसे में अब तक संभल की तीन महिलाओं की मौत हो चुकी है। बनियाठेर थाना क्षेत्र के गांव अफजलपुर डरौली निवासी कमला पत्नी रामभरोसे मंगलवार को बिलारी कोतवाली इलाके के गांव चिड़िया भवन से अपने भतीजे साेनू के साथ हाथरस सत्संग में शामिल होने गई थीं।
उसकी बेटी रेखा गांव के लोगों के साथ गई थी। यहां सभी लोग सत्संग में पहुंचे। दोपहर में सत्संग के बाद वहां भगदड़ मच गई। जिसके बाद कमला परिजनों से बिछड़ गई। देररात परिजन उसे तलाशते हुए अलीगढ़ अस्पताल पहुंचे। यहां उसकी मौत की पुष्टि हुई।
इसके बाद परिजन शव लेकर लौट आए। सुबह दस बजे करीब परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं ओरछी गांव की कमला (45) पत्नी सुखदेव भी गांव की महिलाओं के साथ बिल्सी से सत्संग में गई थी। भगदड़ के दौरान कमला गांव की महिलाओं से बिछड़ गई।
उन्होंने उसकी काफी तलाश की लेकिन पता नहीं चल सका। देर रात उसकी मौत के पुष्टि होने पर परिजन अलीगढ़ अस्पताल पहुंचे। मोर्चरी से देर रात परिजनों को शव सुपुर्द किया गया। बुधवार की सुबह करीब दस बजे परिजन दोनों महिलाओं की शव ले आए और अंतिम संस्कार कर दिया।
हादसे की सूचना से दुखी हैं अनुयायी
बनियाठेर थाना क्षेत्र के गांव सराय सिकंदर में चंदौसी-संभल मार्ग पर भोले बाबा का आश्रम बना है। इस आश्रम में भोले बाबा कभी आते हैं। कई वर्ष पहले उन्होंने सत्संग भी किया था। इस आश्रम में रविवार को अनुयायी जमा होकर सत्संग स्वयं करते हैं।
कहा जाता है कि संभल जिले में भोले बाबा के कई हजार अनुयायी हैं जो आश्रम के दर्शन करने के लिए समय समय पर आते ही रहते हैं। इस आश्रम की देखभाल भी उनके अनुयायी ही करते हैं। हादसे की सूचना से अनुयायी दुखी हैं। हालांकि इस हादसे को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे रहे हैं।